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अमिताभ ठाकुर को जेल में नहीं मुहैया करायी जा रही न्यूनतम चिकित्सा, यूपी में आचार संहिता लगाने के लिए लिखा पत्र

पत्नी नूतन ठाकुर ने अप्लीकेशन देकर कोर्ट से अमिताभ ठाकुर के साथ जेल में किए जा रहे बर्ताव की निष्पक्ष जाँच के लिए कमेटी गठित करने का अनुरोध किया

लखनऊ : अमिताभ ठाकुर की आज विडीओ कांफ्रेंसिंग के जरिए सी.जे.एम. कोर्ट में रिमांड के लिए पेशी हुई. अमिताभ को दिल्ली में हुए आत्मदाह प्रकरण में गिरफ्तार कर जेल में रखा गया है.

पेशी के दौरान अमिताभ ठाकुर ने बताया कि उनकी तबियत काफ़ी ख़राब है परंतु कई बार निवेदन करने के बावजूद जेल प्रशासन द्वारा उनका समुचित इलाज नहीं कराया जा रहा है.

गौरतलब है कि इससे पहले भी न्यायालय द्वारा अमिताभ के इलाज हेतु आदेश दिए गए थे लेकिन न्यायालय के आदेश का भी जेल प्रशासन द्वारा लगातार उल्लंघन किया जा रहा है.

अमिताभ की पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर ने भी आज सी.जे.एम. कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है जिसमें उन्होंने अमिताभ की ख़राब तबियत को ध्यान में रख कर समुचित इलाज कराने की मांग की है.

साथ ही यह भी कहा है कि जेल में उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है. नूतन ने जेल में अमिताभ ठाकुर के उत्पीड़न व अमानवीय व्यवहार की जाँच हेतु एक निष्पक्ष कमेटी गठित करने का अनुरोध किया है.

अमिताभ ठाकुर ने चुनाव आयोग से आचार संहिता लगाने की मांग की

अमिताभ ठाकुर ने जेल से पत्राचार करते हुए चुनाव आयोग से उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए यथाशीघ्र आचार संहिता लगाने की माँग की है.

उन्होंने पत्र में कहा है कि लगभग सभी पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की लिस्ट तैयार कर ली है व प्रचार प्रारम्भ कर दिया है. अतः आगामी चुनाव को स्वतंत्र व निष्पक्ष रखने के लिए प्रदेश में आचार संहिता लागू की जाए.

ज्ञातव्य हो कि अमिताभ ठाकुर ने अगस्त में चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, जिसके बाद उन्हें गोरखपुर व अयोध्या जाने से रोकते हुए 3 दिन उनके आवास पर नज़रबंद रखा गया और बाद में दिल्ली में हुए आत्मदाह प्रकरण के बहाने 27 अगस्त को आनन फ़ानन में उनको गिरफ़्तारी कर जेल में डाल दिया गया.

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