दैनिक भास्कर के पूर्व मैनेजरों के खिलाफ लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज

जोधपुर। दैनिक भास्कर समाचार पत्र में मैनेजर रहे अनंत वशिष्ट, उनकी पत्नी तनु वशिष्ट, सागर जोशी और पूर्व मार्केटिंग मैनेजर आशिष शर्मा के खिलाफ भास्कर प्रशासन ने लाखों रूपए की धोखाधड़ी के मुकदमें दर्ज करवाए है। दो अलग-अलग रिपोर्टों में भास्कर के वर्तमान मैनेजर ने इन लोगों पर अपने पद का दुरूपयोग करते हुए कुट रचना कर फर्जी कागजात के सहारे लाखों रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए है।

दैनिक भास्कर के जोधपुर संस्करण के प्रबंधक शिव कुमार शर्मा ने बासनी पुलिस थाने में एक रिपोर्ट पूर्व मार्के टिंग मैनेजर आशिष शर्मा के खिलाफ दर्ज करवाई। इस रिपोर्ट में शिव कुमार ने बताया कि आशिष शर्मा ने पहले तो फर्जी दस्तावेज के आधार पर दैनिक भास्कर में नौकरी प्राप्त कर ली और फिर मार्केटिंग के जरिये धोखाधड़ी की। शिव कुमार के अनुसार आशिष शर्मा ने दैनिक भास्कर के एक आयोजन ‘लोंगेस्ट पेंसिल ड्राईंग फॉर वल्र्ड रिकार्ड’ के आयोजन में स्पांसरों से बहुत बड़े स्तर पर पैसा वसूल किया और फिर उस पैसे को पूरा भास्कर में जमा करवाने की वजह लाखों का गबन करके बाकी का पैसा जमा करवाया। इसी तरह आशिष शर्मा ने ऐसे कई आयोजनों में धोखाधड़ी की।

और-तो-और, उसने एक पंच सितारा होटल में मेहमानों के खाने के पैसे चुकाने में भी लाखों की धोखाधड़ी की। वर्तमान मैनेजर ने पूर्व मार्के टिंग मैनेजर पर फर्जी व कुटरचित सैलेरी स्लीप पेश करने प्रायोजकों से ज्यादा पैसा लेकर जमा नहीं करवाने और लाखों रूपए की धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए है। पुलिस ने इस मामले को भारतीय दण्ड संहिता की धारा 408,420,467,468 और 471 के तहत दर्ज कर जांच शुरू की है।

इसी तरह दैनिक भास्कर जोधपुर के प्रबंधक शिवकुमार शर्मा ने ही बासनी पुलिस थाने में एक और मुकदमा दर्ज करवाया है। यह मुकदमा कम्पनी के पूर्व मैनेजर अनंत वशिष्ट उसकी पत्नी तनु वशिष्ट और सागर जोशी के खिलाफ दर्ज करवाया गया है। इस रिपोर्ट में शिवकुमार ने पुलिस को बताया कि इन तीनो ने कुट रचना कर दैनिक भास्कर की ओर से क्रय किए गए प्लाटों को वास्तविक कीमत से कम कीमत पर बेच कर धोखाधड़ी की। इसी तरह इन लोगों ने कुछ कम्पनियों से विज्ञापन व अन्य कार्यो के लिए काफी ज्यादा पैसा वसूल किया और कम्पनी को बहुत कम पैसा दिया। इन सभी लोगों ने भी कम्पनी के साथ लाखों रूपयों की धोखाधड़ी की। इस रिपोर्ट को भी पुलिस ने भारतीय दण्ड संहिता की धारा 408, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत दर्ज किया है।

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