फतेहपुर | यूपी के फतेहपुर में एएनआई न्यूज एजेंसी के पत्रकार की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. पत्रकार का एक साथी स्थानीय भाजपा के अल्पसंख्यक मोर्चा नेता शाहिद खान कानपुर के हैलट अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है. मामले में पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है.
सूत्रों की माने तो पुलिस मामले को प्रापर्टी विवाद का रंग दे रही है लेकिन यह मामला रंगदारी वसूलने को लेकर हत्या जैसी जघन्य वारदात को अंजाम दिए जाने का बताया जा रहा है.
ये घटना फतेहपुर में देर रात उस वक्त घटी जब पत्रकार दिलीप सैनी अपने भाजपा नेता साथी शाहिद खान के साथ एक यार्ड में रुके थे, जहां वह अक्सर रुकते थे. रात करीब 15 के आसपास एक दर्जन की संख्या में पहुंचे लोगों ने दोनों से विवाद शुरू कर दिया. विवाद मारपीट में बदल गया. जिसके बाद पत्रकार दीपक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई. बीच बचाव करने पर शाहिद भी गंभीर रूप से जख्मी हो गया.
घटना कोतवाली के भिटौरा बाईपास के पास की है. बिसौली निवासी दिलीप सैनी लखनऊ में एलडीए कालोनी राजाजीपुरम पत्नी और परिवार सहित रहते हैं और लंबे समय से फतेहपुर में एएनआई के लिए रिपोर्टिंग कर रहे थे.
इस विवाद में पक्का तालाब निवासी आलोक तिवारी उर्फ अक्कू, अन्नू तिवारी, बिपिन पटेल, चिक्कन, जोंटी, सुभाष पांडेय और लेखपाल सुनील राणा समेत लगभग 15 लोगों से ज्यादा लोगों के नाम सामने आए हैं.
एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि चाकूबाजी में घायल दिलीप सैनी की मौत हो गई है, हमलावरों के आपस में परिचित होने की बात सामने आई है. कुछ लोगों के खिलाफ नामजद व कुछ अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर मामले में कार्रवाई की जा रही है.
इस मामले में सत्यमेव जयते नामक एक्स हैंडल से लिखा गया है कि, “एनकाउंटर स्पेशलिस्ट यूपी पुलिस के राज में पुलिस अधिकारी अपराधियों के थर-थर कांपने का ढोल पीटते है लेकिन फतेहपुर जिले में आज भी रंगदारी वसूली जाती है, रंगदारी का विरोध करने पर पत्रकार दिलीप सैनी को मार दिया गया, पुलिस पर कोई आंच न आए इसलिए इस हत्या को प्रॉपर्टी विवाद की हवा दी जा रही.”

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