आरएसएस की पृष्ठभूमि वाले अनिल सौमित्र आईआईएमसी में प्रोफेसर बने

-सौमित्र रॉय-

ये हैं मेरे पुराने मित्र-अनिल सौमित्र।

नाम को लेकर पच्चीसों बार लोगों को ग़लतफ़हमी हो चुकी है। वैचारिक रूप से हम दोनों में तकरीबन मुस्कुराकर दो ग़ज़ दूरी से प्रणाम करने का नाता रहा है।

महात्मा गांधी को पाकिस्तान का राष्ट्रपिता बताने के बाद पिछले साल मई में मध्यप्रदेश बीजेपी के मीडिया सेल और पार्टी से निकाले गए अनिल का अब पुनर्वास हो गया है।

अनिल IIMC में प्रोफेसर बन गए हैं।

2013 में मध्यप्रदेश बीजेपी के मुखपत्र चरैवेति में बतौर संपादक अनिल ने “चर्च के नर्क में नन का जीवन” नाम का लेख लिखा था।

तब उन्हें मैगज़ीन से हटा दिया गया था। फिर अनिल ने तत्कालीन संसद सुमित्रा महाजन को चिट्ठी लिखकर कहा था कि मेरी आरएसएस की पृष्ठभूमि के आधार पर मैगज़ीन का संपादक चुना गया था, लेकिन मुझसे अपराधी की तरह बर्ताव किया गया।

पृष्ठभूमि बहुत मायने रखती है। यही इतिहास बन जाता है और बना भी देता है।

फिर भी इंडियन एक्सप्रेस के लगातार संपर्क और संदेशों के बाद भी अनिल अपनी नियुक्ति पर चुप्पी साधे बैठे हैं।

उधर, IIMC के महानिदेशक और मेरे एक और मित्र Sanjay Dwivedi ने इंडियन एक्सप्रेस को सिर्फ इतना ही कहा है- नो कमेंट।

हम भी तो यही कह रहे हैं, “नो कमेंट”।

  • भड़ास की पत्रकारिता को जिंदा रखने के लिए आपसे सहयोग अपेक्षित है- SUPPORT

 

 

  • भड़ास तक खबरें-सूचनाएं इस मेल के जरिए पहुंचाएं- bhadas4media@gmail.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *