ये सब मोदी काल के भाजपा में ही हो सकता है!

-शिशिर सोनी- तभी तो भाजपा है… लालू यादव की मांद में राजद को शिकस्त देने वाले राजीव प्रताप रूढ़ी की पहले मोदी मंत्रिमंडल से विदाई हुई। फिर उन्हें ऐसा बर्फ पे लगाया गया कि आज तक ठिठुर रहे हैं। पर सार्वजनिक रूप से उफ तक नहीं कर रहे। सांसद तो हैं पर पैदल हैं। जिस …

यूपी में पत्रकार को जिंदा जलाकर मार डाला

बलरामपुर मे दबंगों ने किया पत्रकार के घर पर हमला, आग लगाई, पत्रकार राकेश सिंह घायल, साथी की जलकर मौत, घायल पत्रकार राकेश सिंह की लखनऊ ट्रामा सेंटर में मौत लखनऊ, 28 नवंबर: इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) उपाध्यक्ष औरउत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के अध्यक्ष हेमंत तिवारी ने बलरामपुर जिले में पत्रकार …

नीतीश ने आपा क्यों खोया?

शिवानन्द तिवारी- नीतीश जी को इतना आपा खोते मैंने कभी नहीं देखा. आरोप उन्होंने तेजस्वी पर लगाया. लेकिन आरोप तो नीतीश जी पर ही लगता है. याद कीजिए चुनाव के समय उन्होंने तेजस्वी को क्या-क्या नहीं कहा! कहां से लाओगे 10 लाख लोगों को तनख्वाह देने का पैसा? बाप के पास से ले आओगे? जेल …

मीडिया वाले किसके निर्देश पर किसान आंदोलन को खालिस्तानियों से जोड़ रहे हैं?

मुकेश कुमार- इससे ज़्यादा शर्मनाक क्या हो सकता है कि किसान अपनी रोज़ी-रोटी की लड़ाई के लिए जान लड़ा रहे हैं और मीडिया उसे खालिस्तानियों से जोड़ रहा है, उनके आंदोलन में कई तरह की साज़िशें ढूँढ़ रहा है। Share on:

राजीव कटारा में फकीरी तत्व बहुत प्रबल था, कभी किसी नौकरी से चिपकने की कोशिश न की

-शेष नारायण सिंह- अलविदा राजीव… राजीव कटारा का जाना बहुत ही तकलीफदेह है. . मुझसे उम्र में करीब दस साल छोटे थे. एक बार किसी दोस्त से मैंने उनका परिचय करवाया और कहा कि राजीव पढ़ते बहुत हैं ,, लिखते बहुत अच्च्छा हैं, साहित्य , संगीत , स्पोर्ट्स, विचारधारा ,राजनीतिक हलचल आदि के अच्छे जानकार …

गोदी मीडिया किसान आंदोलन कवर करते हुए फिर नंगा हुआ!

-कृष्ण कांत- मीडिया इस पर बहस नहीं करता कि सरकार किसान विरोधी कानून क्यों लाई? मीडिया इस पर भी बात नहीं करता कि सरकार किसानों के संसाधन छीनकर कृषि बाजार को पूंजीपतियों का गुलाम क्यों बनाना चाहती है? मीडिया प्रोपेगैंडा पर बहस करता है कि किसानों को कोई ‘भड़का’ रहा है. Share on:

राजीव कटारा जैसे बेमिसाल मोती आसानी से नहीं मिलते!

-क़मर वहीद नक़वी- राजीव कटारा जैसे बेमिसाल मोती आसानी से नहीं मिलते। उन्हें हमने ऐसे खो दिया, इसका बड़ा मलाल है और रहेगा। Share on:

राजीव कटारा के जीवन-मृत्यु की पूरी कहानी बता रहे हैं वीरेंद्र सेंगर

-वीरेन्द्र सेंगर- अलविदा राजीव! कोरोनाकाल बहुत क्रूर होता जा रहा है। उसने हमारे प्रिय मित्र राजीव कटारा को छीन लिया। दो दिन से आशंका बनी हुई थी। वे दिल्ली के बतरा अस्पताल में वेंटीलेटर पर थे। दीवाली से ही कोरोना की चपेट में आ गये थे। उन्होंने कई दिनों तक जीवन संघर्ष किया। वे सितंबर …

इसे कोरोना से मौत नहीं बल्कि मर्डर कहना चाहिए

-संत समीर- जब से ख़बर सुनी है, सकते में हूँ। कुछ देर तक हिम्मत ही नहीं पड़ी कि कुछ लिखूँ। इसे कोरोना से हुई मौत नहीं, इलाज के ज़रिये किया गया ‘मर्डर’ कहना चाहिए। हत्या। जिन सज्जन के लिए कुछ दिनों पहले मैंने प्लाज्मा दान की अपील की थी, आज सवेरे पता चला कि अब …

अखबारों को जो काम करना चाहिए वह सिर्फ टेलीग्राफ कर रहा है!

-संजय कुमार सिंह- माईवे ऑर हाईवे यानी मेरी मानो या निकल लो व्यस्तता के कारण द टेलीग्राफ के कल के इस शीर्षक की चर्चा नहीं कर पाया। मुझे अक्सर लगता है कि अखबारों का जो काम है वह अक्सर टेलीग्राफ कायदे से करता हुआ नजर आता है। बाकी के कई अखबार अक्सर न सिर्फ सरकार …

कोरोना के कारण मित्रों, करीबियों और पत्रकार साथियों की मौतों से गहरे अवसाद में हूँ!

-अमरेंद्र राय- पिछले कुछ दिनों में कई मित्रों, करीबियों और पत्रकार साथियों की मृत्यु हुई है। गहरे अवसाद में हूं। मन कहीं नहीं लग रहा। मौत से डर नहीं लग रहा। पर कोई चीज है जो दिमाग पर दबाव बनाए हुए है। सबसे पहले गांव से खबर आई कि परिवार में चाची जी नहीं रहीं। …

कोरोना से ‘कादम्बिनी’ के संपादक रहे राजीव कटारा की मौत

–चंद्रभूषण– मीडिया सर्कल में दो सबसे नजदीकी लोग कादम्बिनी में काम करते थे। कोरोना काल में ही पहले शशिभूषण गए, फिर कादम्बिनी गई और अब राजीव कटारा भी चले गए। बहुत निजी किस्म की हतक है, क्या कहूं? -अम्बरीश कुमार- पुराने साथी और कादंबनी के पूर्व संपादक राजीव कटारा भी चले गए कोरोना की वजह …

मालिकाना हक बदलने के बाद ‘हफ़पोस्ट इंडिया’ का संचालन बंद

-प्रकाश के रे- हफ़पोस्ट इंडिया के बंद होने से भारतीय मीडिया लैंडस्केप और भी दरिद्र हो गया है. इस वेबसाइट पर हमारे समय के कुछ बेहतरीन पत्रकार काम कर रहे थे. इसी के साथ हफ़पोस्ट का ब्राज़ील संस्करण भी बंद हो गया है. हफ़पोस्ट का मालिकाना वेरीज़ोन से बज़फ़ीड के पास चला गया है. इस …

वाचमैनों को लोकल ट्रेन में जाने की इजाजत लेकिन मीडियाकर्मियों को नहीं

-शशिकांत सिंह- महाराष्ट्र में मीडियाकर्मियों को लोकल ट्रेन में जाने की इजाजत नहीं है। लोकल ट्रेन में सिर्फ उन्हीं पत्रकारों को यात्रा की इजाजत है जो मंत्रालय से मान्यता प्राप्त हैं। अब जाहिर सी बात है कि मान्यता ज्यादातर उन्ही पत्रकारों को मिलता है जो पोलिटिकल बीट कवर करते हैं। इनकी संख्या नाम मात्र है। …

नोएडा के पत्रकार ललित पंडित समेत कइयों पर केस दर्ज, पढ़ें एफआईआर, जानें उनका पक्ष

नोएडा के पत्रकार ललित पंडित के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ है। नॉलेज पार्क-2 से संचालित एक होटल मैनेजमेंट शिक्षण संस्थान के प्रबंधन से उगाही का मामला है। उगाही गैंग के मददगार के रूप में ललित पंडित का जिक्र एफआईआर के लिए दिए गए शिकायती पत्र में किया गया है। Share on:

ट्रैकिंग के दौरान फिसलकर मरने से बचें

-अश्विनी कुमार श्रीवास्तव- ट्रैवलिंग का शौक यूं तो जबरदस्त होता है लेकिन इसमें कई जोखिम भी होते हैं. अभी कल ही फेसबुक पर एक पोस्ट से पता चला कि हिमाचल में कुल्लू के नजदीक स्थित कसोल में एक पहाड़ पर दिल्ली के एक युवक की ट्रैकिंग के दौरान फिसलकर हजारों फीट गहरी खाई में गिर …

86.5 ग्राम गाँजा रखने के जुर्म में कामेडियन भारती सिंह गिरफ्तार

-संजय कुमार सिंह- नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने शनिवार को मशहूर स्टैंड अप कामेडियन भारती सिंह के तीन बंगलों पर छापा मारा, जिसमें ‘थोड़ी मात्रा में गांजा’ भी बरामद हुआ है। पता नहीं तीन बंगलों में गांजे की थोड़ी मात्रा बरामद करने वाला कई दिनों से तरसता हुआ पहुंच गया या तलाशी टीम में शामिल था। …

ये कौन है जो गोदी मीडिया के माध्यम से एक के बाद एक फर्जी खबरें प्लांट करा रहा है?

-सौमित्र रॉय- POK पर हमला याद है आपको? कुछ दिन पहले की ही बात है। सेना ने थोड़ी देर बाद भारत की बिकाऊ मीडिया की खबरों को रद्दी बताया था। अब एक और रद्दी खबर का खुलासा कर रहा हूं। पिछले दिनों खबर आई थी कि पूर्वी लद्दाख में गतिरोध और तनाव को कम करने …

टेलीग्राफ अखबार में आज पत्रकार सिद्दीक कप्पन की फोटो के साथ पहले पन्ने पर पांच कॉलम में खबर है

-संजय कुमार सिंह- इमरजेंसी मुक्त डबल इंजन वाले राम-राज्य का हालजमानत देने से आसमान नहीं गिर पड़ेगा और नहीं देने से कहां गिरा…. एक पत्रकार के खिलाफ हत्या के लिए मजबूर करने का मृत्यु पूर्व बयान और अपने प्रभाव के दुरुपयोग का परिस्थिजन्य साक्ष्य है। पर उसे जमानत मिल गई क्योंकि जमानत देने से आसमान …

अलविदा डियर पंकज!

-यूसुफ किरमानी- अलविदा डियर पंकज… मेरा पंकज शुक्ला का साथ दैनिक जागरण बरेली में रहा। पंकज सिटी रिपोर्टर था। हम लोगों ने उसे जो भी बीट दी, उसने बहुत बेहतरीन काम किया। …वह सुर्ती मलकर बहुत खाता था, जिस पर मैं उसे चिढ़ाता भी था। लेकिन हर बार चिढ़ाने पर वह कहता – भाईसाहब लेकिन …

वरिष्ठ पत्रकार पंकज शुक्ला का कोरोना से निधन

-महेंद्र मिश्रा- अलविदा नहीं कहेंगे पंकज भाई… पंकज भाई का नाम सबसे पहले बरेली में सुना था। जब वह जागरण के ब्यूरो चीफ थे और मैं अमर उजाला में अभी ट्रेनी के बतौर इलाहाबाद से पहुंचा था। उस समय जागरण और अमर उजाला के बीच मानो युद्ध होता था। वह रोजाना का युद्ध था और …

आकाशवाणी गोरखपुर और जालंधर की आवाज़ खामोश करने के आदेश

गोरखपुर और जालंधर के आकाशवाणी केंद्र अब खामोश हो जाएंगे। महानिदेशालय से आए पत्र में गोरखपुर और जालधंर केंद्र को तत्काल प्रभाव से पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया गया है। Share on:

सांप्रदायिकता भड़काने के आरोपी सुदर्शन टीवी को केंद्र सरकार ने सुधरने की चेतावनी देकर माफ कर दिया!

-संजय कुमार सिंह- जेबकतरे को फांसी, हत्यारे को चेतावनी, सुधरने का मौका! कल की एक खबर इस प्रकार है, “मोदी सरकार ने पिछले एक साल में ढाई लाख से ज्यादा अखबारों के टाइटल रद्द कर दिए हैं साथ ही सैंकड़ों अखबारों को सरकारी विज्ञापनों के लिए डीएवीपी की सूची से बाहर कर दिया है। इसके …

मोहसिन खान हम लोगों की सेलरी खा गए!

मैं सुनील राजोरिया, मेकअप आर्टिस्ट। हम कई लोग साधना प्राइम न्यूज़ में काम करते थे। मैं और मेरे दो साथियों ने मार्च-अप्रैल मई की सेलरी की मांग की तो को मोहसिन खान सर ने हमें बोल दिया कि एचआर से जाकर अपना हिसाब ले लो। Share on:

गोदी मीडिया ने pok पर एयर स्ट्राइक कर दी!

गलत फर्जी झूठी खबरें चलाने में नम्बर एक भारतीय गोदी मीडिया ने आज फिर कांड कर दिया। बिना सेना से कन्फर्म किए पाक अधिकृत कश्मीर (pok) में एयर स्ट्राइक किए जाने की खबर चला दी। बाद में सेना को बयान जारी कर खंडन छापना पड़ा। Share on:

मेवालाल ने इस्तीफा नहीं दिया, उन्हें बर्खास्त किया गया है!

-Pravin Bagi- क्या विवादास्पद शिक्षा मंत्री मेवालाल चौधरी को मंत्रिमंडल से बर्खास्त किया गया है ? उन्होंने खुद इस्तीफा नहीं दिया है ? राजभवन से जारी प्रेस विज्ञप्ति से तो यही संकेत मिलता है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सलाह पर राज्यपाल ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त किया है। बर्खास्तगी तभी की जाती है …

दैनिक जागरण ने पटाखों को विलेन न बनने दिया!

-दीपांकर पटेल- देश भर के अखबार और मीडिया पोर्टल ये बता रहे हैं कि रीता बहुगुणा जोशी की पोती अपने दोस्तों साथ “पटाखे फोड़ते समय” जल गई थी, इसके बाद उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. लेकिन दैनिक जागरण की पूरी ख़बर से “पटाखों से खेलने” का जिक्र ही खत्म कर दिया गया. पूरी …

प्रभाष जोशी जी को रिटायरमेंट के वक़्त 30 हजार रुपये के करीब मिलते थे!

-शम्भूनाथ शुक्ल- जब मैंने जनसत्ता बतौर सब एडिटर ज्वाइन किया था, यानी 1983 में। तब मैं सब एडिटर था और प्रभाष जी संपादक। मेरी तनखा उस समय 1463 रुपए थी और प्रभाष जी को 4200 रुपए मिलते थे। प्रभाष जी को 1995 में रिटायरमेंट के समय 30 हज़ार के क़रीब मिलते थे और मैं तब …

करोना दंश से मौत के मुंह में जाकर वापस लौटने वाले पत्रकार की मर्मस्पर्शी कहानी है ‘बनारस लॉकडाउन’

-रामजी प्रसाद भैरव–(साहित्यकार एवं लेखक, चंदौली) जब कभी निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की बात उठेगी तो बनारस के वरिष्ठ पत्रकार विजय विनीत जेहन में स्वतः कौंध जाएंगे । यह इत्तिफ़ाक़ नहीं है कि विजय विनीत ने कोई किताब लिखी है, बल्कि उन्होंने 75 दिनों की इस जिंदगी को बड़ी संजीदगी से जिया है, जो अब …

अर्णब पत्रकार नहीं, सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता और सफल बिजनेसमैन है!

-निरंजन परिहार– अर्णब की ताकत के मुकाबले शिवसेना का सच! अर्णब दिखने में भले ही पत्रकार हैं, लेकिन उनकी रगों और धमनियों में बहता रक्त शुद्ध रूप से राजनीतिक है। पैसे की कमी उन्हें कभी खली नहीं और शान से जीना उनके शौक का हिस्सा है। असम के बरपेटा जिले के अर्णब गोस्वामी के दादा …

सुशांत केस से रिलेटेड फर्जी खबरों के वीडियो बनाकर यूट्यूब-फेसबुक से लाखों रुपए कमाए

-शीतल पी सिंह- सुशांत सिंह राजपूत के मामले में कांसपिरेसी थ्योरियों को बेचने वाले यू ट्यूबर्स और फ़ेसबुक पेज वालों ने करोड़ों रुपये कमाए । मुंबई पुलिस की जाँच में बिहार से ओरिजिनेट किये गये ऐसे एक अकाउंट को ही चार महीनों में यू ट्यूब ने क़रीब पंद्रह लाख रुपये का भुगतान किया था । …

कुणाल कामरा से कसमसाई सरकार ट्वीटर पर चिल्लाई

-संजय कुमार सिंह- सूत्रों की इस खबर के अनुसार, संसदीय समिति ने ट्वीटर अधिकारियों से पूछा है कि सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ कॉमेडियन कुणाल कामरा के ट्वीट क्यों रहने दिए गए। अगर यह खबर सही है तो इसका मतलब यह हुआ कि ट्वीटर को यह अधिकार दिया जा रहा है वह तय कर ले कि …

अवैध खनन में एसएसपी आगरा की भूमिका की जाँच की मांग

एक्टिविस्ट डॉ नूतन ठाकुर ने आगरा के खैरागढ़ तथा अन्य इलाकों में अवैध खनन में एसएसपी आगरा बबलू कुमार की भूमिका की जाँच की मांग की है.  Share on:

ज़ी न्यूज़ में दिल्ली में बड़े पदों पर नई ज्वाइनिंग, मुंबई से लगा तगड़ा झटका

ज़ी न्यूज़ में उठा पठक जारी है। निखिल दुबे और परितोष चतुर्वेदी ने एबीपी न्यूज़ से ज़ी न्यूज़ में वापसी की है। परितोष बतौर एक्जीक्यूटिव एडिटर आउटपुट की कमान संभालेंगे तो निखिल को एग्जेक्यूटव एडिटर पद के साथ सुधीर चौधरी के शो डीएनए को संभालने की बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। फिलहाल डीएनए प्रोड्यूस करने …

श्वेता भट्टाचार्य ने ज़ी हिंदुस्तान संग नई पारी शुरू की

अपने बेबाक़ अंदाज़ के लिए पहचानी जाने वालीं पत्रकार व सीनियर एंकर श्वेता भट्टाचार्य ने अपनी नई पारी का आग़ाज़ Zee Hindustan से किया है. Share on:

आनंद ज्वेलर की ये खबर दैनिक भास्कर ने पूरी तरह दबा दी

-आदित्य पांडेय- इंदौर : खबरों से आपको क्यों और कैसे दूर रखा जाता है इसका षड्यंत्र आप कथित बड़े अखबार से समझिए। कल एक ज्वैलर के बीस कर्मचारी उस संक्रमण से ग्रस्त मिले जिसका दुनिया भर में खौफ है और जिसकी सावधानी न रखने पर आम लोगों ने पुलिसिया डंडे भी खूब खाए। अखबार को …

इस प्रेस रिलीज के जरिए नवनीत सहगल यूपी के पत्रकारों से कहना क्या चाहते हैं?

पत्र सूचना शाखा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, उ0प्र0 केन्द्र सरकार द्वारा पत्रकारों की मदद के लिए पत्रकार कल्याण योजना संचालित लखनऊ: 17 नवम्बर, 2020 उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, सूचना श्री नवनीत सहगल ने आज यहां बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा पत्रकारों की मदद के लिए पत्रकार कल्याण योजना संचालित की जा रही है। …

दैनिक भास्कर ने महिला रेजिडेंट एडिटर की नियुक्ति कर इतिहास रचा

-अभिषेक उपाध्याय- ये हमारे वक़्त की सबसे शानदार खबर है। हमारी प्यारी दोस्त उपमिता वाजपेयी उपमिता दैनिक भास्कर की पहली महिला रेजिडेंट एडिटर (भोपाल एडिशन) नियुक्त हुई है। Share on:

खुद करोड़ों का पैकेज लेने वाले संपादक पत्रकारिता के मिशन का बोझ दूसरों के कंधों पर डाल देते हैं!

-अश्विनी कुमार श्रीवास्तव- मीडिया की अपनी आखिरी नौकरी बिज़नेस स्टैंडर्ड अखबार में करते समय लगभग हर मीटिंग में हमारे ग्रुप एडिटर अशोक कुमार भट्टाचार्य उर्फ एकेबी कहा करते थे- हम यहां पैसे कमाने नहीं आये हैं। हम लोग पत्रकार हैं। हम पढ़े लिखे लोग हैं। पैसे ही कमाने होते तो वह तो हम सरसों का …

विधानसभा (दो) : उम्र एवं शैक्षिक अर्हता नहीं, फिर भी बन गये सहायक समीक्षा अधिकारी

-अनिल सिंह- आवेदन पत्र में गलत सूचनाएं दिये जाने के बावजूद दे दी गई नियुक्ति जांच के बाद हटाये जाने के आदेश, फिर भी कर रहे हैं नौकरी विस सचिवालय में लंबे समय से चल रहा है गलत नियुक्तियों का खेल ताकतवर लोगों के रिश्‍तेदारों को नौकरी देकर साधते हैं प्रमुख सचिव लखनऊ : बीते …

जी न्यूज के तेजतर्रार और हष्टपुष्ट पत्रकार की कोरोना से मौत

-प्रमेन्द्र मोहन- ज़ी के साथी राकेश तनेजा जी को लेकर दुखद खबर मिल रही है। कोविड 19 की चपेट में आ गए थे। Share on:

अवमानना, कामरा और टेलीग्राफ

-संजय कुमार सिंह- अधिकारों का ऐसा दुरुपयोग हुआ कि सुप्रीम कोर्ट के अधिकारों को चुनौती मिलने लगी… सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के मामले में कॉमेडियन कुणाल कामरा का स्टैंड न सिर्फ बड़ी खबर है बल्कि उन वकीलों और वकालत के छात्रों के लिए सीख भी है जो कतिपय कम महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुकदमा चलाने की …

कुणाल कामरा और सुप्रीम कोर्ट की जंग में कौन जीतेगा?

-मुकेश कुमार- सुप्रीम कोर्ट को थोड़ा आलोचना झेलने की आदत डालनी चाहिए। वह राज्य सरकारों को नसीहत देकर खुद उनका पालन न करके कोई अच्छी मिसाल नहीं बना रहा है। कुणाल कामरा ने चुभने वाली चीज़ें ज़रूर कही हैं, मगर उनमें सचाई भी है। Share on:

भारत की जमीन पर काबिज चीन से ये कैसा समझौता कर लिया मोदीजी ने!

-सौमित्र रॉय- वाह नरेंद्र मोदी जी। अपनी गोदी में बिकी हुई मीडिया के ज़रिए बढ़िया झूठ फैला रहे हैं आप। बिहार चुनाव की आड़ में आपने चीन के साथ चुपके से समझौता कर लिया कि पूर्वी लद्दाख से भारतीय सेना पहले पीछे हटेगी! Share on:

जेल से निकलते ही अर्नब ने उन्मादी रोड शो कर जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया है! देखें वीडियो

Siddharth Vimal : ज़मानत मिल जाने का मतलब यह नहीं होता कि अभियुक्त आरोप से बरी हो गया। इसका मतलब सिर्फ़ और सिर्फ़ इतना ही होता है कि जबतक मुक़दमे का फ़ैसला नहीं हो जाता, आरोपी को क़ानून के दायरे में रहते हुए अनुशासन पूर्वक रहना है। उसे अपने प्रतिपक्ष और समाज के लिए ख़तरा …

न्यूज़ पोर्टल और डिजिटल कंटेंट पर लगाम लगाने के लिए मोदी सरकार ने जारी कर दिया आदेश

केंद्र सरकार ने ऑनलाइन कंटेंट, फ़िल्म और न्यूज़ को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के तहत लाने का फ़ैसला ले लिया है। Share on:

बिहार में सारे अनुमान धरे रह गए!

-शिशिर सिन्हा- बिहार में रैली हार गया। नुक्कड़ सभा जीत गया। इसी को जनादेश कहते हैं। तेजस्वी की सभाओं की भीड़ वोट में परिणत कम हुई। सारे अनुमान धरे रह गए। जमीन पर काम करने वाले गलत साबित हुए। पत्रकार, फनकार, कलाकार गलत साबित हुए। ओपिनियन पोल सही साबित हुआ। Exit Poll गलत साबित हुआ। …

रिपब्लिक टीवी के एक और वरिष्ठ पदाधिकारी गिरफ्तार

बिहार चुनाव नतीजों के बीच एक बड़ी खबर मुंबई से आ रही है। टीआरपी घोटाले में रिपब्लिक टीवी के असिस्टेंट वाईस प्रेसिडेंट (डिस्ट्रीब्यूशन) घनश्याम सिंह को आज मुम्बई पुलिस ने दबोच लिया है। Share on:

अल्लामा शायर बड़े रहे होंगे पर आदमी कट्टर ही थे

-विवेक सिंह- आज अल्लामा इकबाल की यौम-ए-पैदाइश है। हम लोग अल्लामा इकबार को सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा से जानते हैं.. ये लाइन ही सारा कन्फ्यूजन पैदा करती है। लगता है कोई भारत से बहुत प्यार करने वाले शख्स ने इसे लिखा है। मैं हमेशा कहता हूं कि कोई अच्छा लिखने वाला आदमी भी …

मोदी से नफरत करने वाले ही ट्रम्प की विदाई, अर्णब की पिटाई और नीतीश की संभावित हार पर जश्न मना रहे हैं!

-अनुरंजन झा- अर्नबगोस्वामी की गिरफ्तारी के तरीके पर सवाल उठाए तो कई मित्रों और ‘बुद्धिजीवियों’ ने कहा कि आप कैसे अर्नब की तरफदारी कर सकते हैं। पत्रकारिता को बदनाम किया है, कई तथाकथितों ने कहा कि वो पत्रकार ही नहीं है.. और न जाने क्या क्या ? तो इसको ऐसे समझिए ट्रंप के हारने से …

अल्लामा इकबाल जो आज होते तो मुसलमान उनके खून के प्यासे होते!

-मशाहिद अब्बास- जन्मदिन विशेष – सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा, हम बुलबुले हैं इसके ये गुलसितां हमारा. ये गीत है मुहम्मद इकबाल का, जिसे पूरी दुनिया अल्लामा इकबाल के नाम से जानती और पहचानती है. अल्लामा कहते हैं विद्वान को. मोहम्मद इकबाल को उनकी शायरी देख कर अल्लामा के खिताब से नवाज़ा गया था. …

छटपटाते अर्णब को हाईकोर्ट ने उनके हाल पर छोड़ा, अब दिवाली बाद ही कुछ होगा!

-अविनाश पांडेय समर- Big Breaking: Bombay High Court denies bail to Arnab Goswami. Asks him to approach Sessions Court, asks Sessions Court to decide within 4 days if he approaches. Diwali Mubarak, Arnab. Share on:

अर्णब की यात्रा : मुंहनोचवा पत्रकारिता से ललकार पत्रकारिता तक!

-सत्येंद्र पीएस- अर्णव गोस्वामी की पत्रकारिता नाज करने वाली बात है। एनडीटीवी से कैरियर शुरू करके वह आज जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, बहुत कम लोगों को यह नसीब होता है। Share on:

अर्णब की गिरफ्तारी क्या वाकई पत्रकारिता पर हमला है?

-अविनाश पांडेय ‘समर अनार्या’- अर्नब गोस्वामी से 12 घंटे की पूछताछ के बाद अब गिरफ्तारी को पत्रकारिता पर हमला बता तड़प रहे लिबरलों, ज़रा ठहरो और अब कुछ तथ्य सही कर लो- Share on:

एक नए केस में फंसते जा रहे हैं अरनब गोस्वामी

हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब तलब किया अरनब गोस्वामी बुरी तरह फंसते जा रहे हैं. उनके न्यूज चैनल को हाईकोर्ट ने नोटिस भेजा है. प्रमुख फिल्म निर्माताओं की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ को जारी नोटिस में सख्त टिप्पणी करते हुए जवाब मांगा है. बताया जाता है कि रिपब्लिक …

क्या वाकई जेल में जूते से पीटे जा रहे हैं अर्णब गोस्वामी?

जेल बदलने के दौरान अरनब गोस्वामी ने जेल की गाड़ी से ही चिल्लाकर बताया कि उन्हें जेल में जूते से पीटा जा रहा है. इसके बाद सोशल मीडिया पर अरनब को लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. कई लोग तो जैसे को तैसा बताकर खुश हो रहे हैं क्योंकि अर्नब गोस्वामी ने रिया चक्रवर्ती …

अर्णब के वकील ने जज से कहा- छूटेगा तो टीवी पर परमवीर के खिलाफ बोलेगा!

-संजय कुमार सिंह- अर्नब की तरफ से तर्क और हाथरस मामले में बंद पत्रकार का दर्द… बार एंड बेंच डॉट कॉम के अनुसार अर्नब गोस्वामी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अदालत में कहा, मेरा स्पष्ट आरोप है कि जो मामला बंद हो चुका था उसे गलत इरादे से फिर खोला गया है। …

मैं इस्लाम विरोधी क्यों हूं?

-देवेंद्र सिंह सिकरवार- जो धूर्तता दुर्योधन में वैयक्तिक तौर पर थी वह मुसलमानों में सामूहिक तौर पर है और वह है घोर घृणित अपराध करने के बाद भी स्वयं को विक्टिम प्रदर्शित करने की कुटिलता और इसी के सातत्य में इन्होंने एक नया जुमला, एक नया नैरेटिव गढ़ा और वह है- इस्लामोफोबिया। Share on:

अरनब को मझधार में छोड़ दिया भाजपा ने!

-पुष्य मित्र- हम जिस विचारधारा के विरोध में हैं, उनसे सम्बंधित कुछ मित्र आजकल परेशान हैं। उनका दुख है कि भाजपा अपने समर्थकों की कद्र नहीं करती। जो विचारक या पत्रकार उनके पक्ष में लगातार काम करते हैं, उन पर संकट आने पर वह उन्हें मंझधार में छोड़ देती है। Share on:

विवाहित स्त्रियों में इतनी असुरक्षा क्यों है!

-चंद्रभूषण- शादी से पहले तय करें, टूटी तो गुजारा कैसे होगा… अपने नजदीकी दायरे में आने वाले कई परिवारों में कुछ स्त्रियों को राक्षसी शक्लों में पेश किए जाते देख रहा हूं। सारे मामले सीधे तौर पर तलाक, संपत्ति की मांग और गुजारा राशि से जुड़े हैं। यह भी एक संयोग है कि जिन स्त्रियों …

यूपी में बीजेपी के खिलाफ खबर लिखने वाले पत्रकार की जमकर पिटाई

-शीतल पी सिंह- उत्तर प्रदेश में बीजेपी नेता के खिलाफ खबर लिखने पर पत्रकार पर जानलेवा हमला हुआ है। सत्ताधारी दल के नेता के दबंग बेटों ने पत्रकार विनय तिवारी को लाठी-डंडों से पीट-पीटकर घायल कर दिया है। Share on:

छूट जाओगे, पर टाइम तो लगेगा, अर्नब!

-विनोद चंद- तहलका के लिए आशीष खेतान ने बाबू बजरंगी का एक स्टिंग किया था। अगर आप उसे वीडियो को देखें तो आप समझ जाएंगे कि मोदी जी कैसे काम करते हैं। आशीष खेतान पत्रकार हैं फिर आम आदमी पार्टी के नेता रहे। उनने 2002 के गुजरात नरसंहारके संबंध में स्टिंग किया था। Share on:

सहारनपुर में हिंदुस्तान के प्रसार प्रतिनिधि पर मुफ्तखोरी की एफआईआर

रेहड़ी वाले ने खाने के पैसे मांगे तो गुर्राया मीडिया कर्मी, मामला डीआईजी तक पहुंचा प्रसार प्रतिनिधि खुद को लोगों में बताता है हिंदुस्तान का पत्रकार थाना पुलिस ने नहीं सुनी फरियाद तो डीआईजी के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर सहारनपुर। कोई भी मीडिया संस्थान हो, पत्रकार तो कम संस्थान के अन्य कर्मचारी खुद को …

राजस्थान के मुख्य सूचना आयुक्त आशुतोष को सराहना के साथ दी गई विदाई

जयपुर। राजस्थान सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा का शानदार कार्यकाल गुरुवार को समाप्त हो गया। इस अवसर पर सूचना आयोग में गुरुवार को एक गरिमा में गरिमामय कार्यक्रम में शर्मा की प्रशंसा करते हुए विदाई दी गई। Share on:

फोन इस्तेमाल करने के बाद बदल दी गयी अर्णब गोस्वामी की जेल

-सौमित्र/मनोज- अर्नब गोस्वामी ने अलिबाग क्वारेंटीन सेंटर (अस्थाई जेल) में मोबाइल फ़ोन का इस्तेमाल किया। इसके बाद पुलिस उन्हें अभी तलोजा जेल पटक आई है। मुम्बई से 50 किमी दूर तलोजा जेल को अंडरवर्ल्ड का ठिकाना माना जाता है। आर्थर रोड जेल से खूंखार अपराधियों को तलोजा भेजा गया है। क्लास अब शुरू होगी। (पूछता …

विधानसभा (एक) : योगी भी नहीं हिला सकते रिटायर प्रमुख सचिव की कुर्सी!

-अनिल सिंह– कोर्ट में गलत हलफनामा दिये जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं नेताओं के रिश्‍तेदारों का नौकरी जोन बना विस सचिवालय सुप्रीम कोर्ट तक जा चुका है प्रमुख सचिव विधानसभा की नियुक्ति का मामला सीएम के ओएसडी पर शिकायतों को छुपाने का आरोप मेरी छवि खराब करने के लिये की जाती हैं शिकायतें : …

मोदी और उनकी पालतू मीडिया को बिहार वालों ने धूल चटा दिया!

-सौमित्र रॉय- सिर्फ़ एक साल पहले की ही तो बात है। बिहार ने मोदी को 40 में से 39 सांसद चुनकर दिए थे। उसी बिहार में आज एग्जिट पोल के नतीज़े उस महागठबंधन को सत्ता के करीब बता रहे हैं, जिसे एक महीने पहले तक मीडिया खारिज़ कर रही थी? Share on:

अर्णब की दिवाली जेल में ही बीतेगी!

-संजय कुमार सिंह- अंधेरे में बीतेगी अर्नब की दीपावली! नहीं मिली आज हाईकोर्ट से ज़मानत! जेल में ही रहेंगे अर्नब। आज दिन भर बहस चली। पर फ़ैसला न हुआ। देश के सबसे मंहगे वकीलों की फ़ौज कम से कम आज आज़ादी न हासिल कर सकी। अर्नब को ज़मानत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने कह दिया है …

बिजनेस शो को एंकर करने लगे खोजी पत्रकार दीपक शर्मा!

-दीपक शर्मा- नौकरी और एंटरप्राइज में बुनियादी फर्क ये है कि नौकरी में सब कुछ मन से नहीं होता और एंटरप्राइज बिना मन के आगे नहीं बढ़ता। यानि नौकरी में आपको वो सबकुछ करना है जो परिस्थितयां चाहती हैं।…तो इस नियम को समझिये, इस कड़वे सच का सामना करिये। अगर आप नौकरीपेशा हैं तो ये …

दल्लागिरी के अवार्ड पाकर खुश हैं न्यूज़ चैनल्स!

-दीपांकर पटेल- NT वालों के पास देने के लिए 120 से ज्यादा अवार्ड हैं… आसमान से फेंक दें तो हर न्यूज चैनल में 8-10 अवार्ड यूं ही गिर जाएंगे… Share on:

रवीश को एनडीटीवी वालों का बंगला क्यों नहीं दिख रहा है?

-समरेंद्र सिंह- रवीश कुमार जी ने अर्णब के सुंदर मकान की तारीफ की है। जिन दिनों मैं एनडीटीवी में था उन दिनों डॉ प्रणय रॉय भी बंगले में रहते थे। दिल्ली की पॉश कॉलोनी ग्रेटर कैलाश में उनका बंगला था। किराए का था या खरीदा हुआ ये मैं नहीं जानता। लेकिन रहते वो बंगले में …

भारतीय न्यूज़ चैनलों के रीढ़विहीन और दलाल सम्पादकों, जरा अमेरिकी मीडिया से कुछ सबक ले लो!

-गिरीश मालवीय- एक तरफ इण्डिया का मीडिया है और एक तरफ अमेरिका का! चुनाव नतीजे सामने आने के बाद हार को सामने देख ट्रम्प ने पहली बार व्हाइट हाउस से बयान दिया। इसे कवर करने के लिए मीडिया भी मौजूद था। ट्रम्प ने जैसे ही अपनी बात रखना शुरू की, वे झूठे दावे करने लगे। …

अमर उजाला के पीलीभीत ब्यूरो चीफ सुधाकर का तबादला

बरेली से खबर आ रही है कि अमर उजाला कारपोरेट ऑफिस नोयडा ने पीलीभीत के ब्यूरो चीफ सुधाकर शुक्ला को हटा दिया है। उनको आगरा यूनिट में स्थानांतरित किया गया है। Share on:

ट्रम्प की हार : जो जो मित्र बने मोदी के, कुर्सी ने छोड़ा उनका साथ!

-प्रकाश के रे- हमारे मोदी जी की जिन नेताओं से गलबहियाँ हुई, उनका करियर तबाह हो गया. कनाडा गये, तो हार्पर चुनाव हार गये. फ़्रांस के ओलाँ से दोस्ती गहराई, तो उनका पत्ता साफ़ हो गया. उनकी जगह आये मैकराँ से छनने लगी, तो उनकी लोकप्रियता का गुब्बारा फट गया. जर्मनी की मर्केल से नज़दीकी …

राष्ट्रीय सहारा में दीप्ति भानु डे को बड़ी जिम्मेदारी, अरुण प्रताप शाही का पद बदला

राष्ट्रीय सहारा अखबार से दो बदलावों की सूचना आई है। राकेश कुमार सिंह को लखनऊ संस्करण का स्थानीय सम्पादक बनाए जाने के बाद गोरखपुर में स्थानीय संपादक का पद खाली हो गया। इस पद पर अब नई तैनाती कर दी गयी है। Share on:

अर्णब अरेस्ट प्रकरण पर वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी क्या सोचते हैं, पढ़िए

-ओम थानवी- अर्णब गोस्वामी को ज़मानत नहीं मिली। अफ़सोस होता है कि एक पत्रकार — भले इस बीच पथभ्रष्ट पत्रकारिता करने लगा हो — जेल में है। इस बीच बहुत से संजीदा पत्रकार भी (जैसे हाल में हाथरस में) पुलिस ने पकड़े। तब पकड़ने वालों के विवेक पर तरस आया था। पर अर्णब पर किसी …

ऑपरेशन मिडनाईट रेस्क्यू पगला!

-यशवंत सिंह भड़ासानंद- हम भक्तों को अब भी विश्वास है कि हमारी पार्टी के पत्रकार गोस्वामी जी को मोदीजी-शाहजी 14 दिन से पहले ही जेल से निकलवा लेंगे। Share on:

कोर्ट ने डांटा तब पगला अरनब की नौटंकी बंद हुई!

कोर्ट को भी स्टूडियो समझ लिया था, इजलास की फटकार सुन काबू आया… जानिए कोर्ट में क्या क्या हुआ… कोर्ट में आते ही अर्नब चीखने चिल्लाने लगा. उसने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया. अदालत ने आदेश दिया कि अर्नब की दोबारा मेडिकल जाँच कराई जाए. आदेश के अनुसार जाँच कराई गई. इसके बाद पुलिस …

न तो तरुण तेजपाल प्रकरण प्रेस पर हमला था और न ही अरनब गोस्वामी कांड अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अटैक है!

-पंकज मिश्रा- रिया और उसके परिवार के खिलाफ जो कुछ भी हो रहा था वह पर्याप्त कारण था या कहें उससे भी ज्यादा , कि उंस घर मे भी कोई suicide जैसा हादसा हो जाता | और तब भी आप abetment to suicide के केस को पत्रकारिता पर हमला कहते. Share on:

पूछता है भारत- क्या अर्णब कोर्ट कानून से ऊपर है!

-रत्नाकर दीक्षित- कई दिनों से अर्णब गोस्वामी की गिरफ्तारी को लेकर हाय-तौबा मची हुई है। इन पर आरोप है कि इनकी कंपनी रिपब्लिक भारत निर्माण के दौरान अन्वय नाइक नामक इंटीरियर डिज़ाइनर के करीब पांच करोड़ रुपये बार-बार मांगने के बावजूद नहीं दिए। ऐसे में अन्वय ने अर्णब और उनके साथी फिरोज पर आरोप लगाते …

अरनब अरेस्ट कांड के बाद मीडिया के तीन खेमे बन गए हैं

-विद्या शंकर तिवारी- अच्छा लगे या बुरा पर सच यही है कि सत्ता का चरित्र एक जैसा होता है… अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी के बाद मीडिया के तीन खेमे बन गये हैं। एक खेमा जश्न मना रहा है। दूसरा आपातकाल की याद दिला रहा है। तीसरा कह रहा है कि अर्नब की पत्रकारिता से सहमत …

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-पंडित आयुष गौड़- मज़ा अकेले ले रहे हो तो सजा भी अकेले झेलो बिरादरी से समर्थन क्यों माँग रहे हो? पत्रकारों के न जाने कितने ऐसे मामले होते हैं जिन्हें प्रशासन और शासन दबा देता है। जिस वक्त अर्णब गोस्वामी के ऊपर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज हुआ था उस वक्त क्या प्रशासन …

अर्णब पत्रकार नहीं बल्कि एक पार्टी का पेड प्रवक्ता है, इसलिए परेशान न होइए, ये पत्रकारिता पर कतई कोई हमला नहीं है!

-ममता मल्हार- अगर अर्णव गोस्वामी के इस कांड को जानने के बाद भी आप अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दुहाई दे रहे हैं तो फिर आपकी पत्रकारिता का भगवान ही मालिक है। आपके पास पैसा होगा, चैनल होगा, आप एक पार्टी के पेड प्रवक्ता बन जाएंगे। चैनल में आने वाले वक्ताओं को हड़काएँगे, डांट डपट करेंगे। …

अर्नब मामले में एक नया कुतर्क

-संजय कुमार सिंह- बात-बात पर हत्या करवाने वाले आत्महत्या के लिए मजबूर किए जाने के मामले में कार्रवाई से हिल गए लगते हैं। कुछ भक्त मित्र दलील दे रहे हैं कि एक बार बंद कर दिए गए मामले को पुलिस दोबारा नहीं खोल सकती है। इसके लिए अदालत की अनुमति चाहिए। मुझे नहीं पता वास्तविक …

अर्णव की गिरफ्तारी के एक दिन बाद रवीश ने लंबी और जबरदस्त टिप्पणी लिखी है, नफ़रती सेना के पिंटू-चिंटू जरूर बांचें

-रवीश कुमार- मैं आज क्यों लिख रहा हूं, अर्णब की गिरफ्तारी के तुरंत बाद क्यों नहीं लिखा? आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला संगीन है लेकिन सिर्फ नाम भर आ जाना काफी नहीं होता है। नाम आया है तो उसकी जांच होनी चाहिए और तय प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए। एक पुराने केस में इस …

आज प्रभाष जोशी जी की पुण्यतिथि है, शम्भूजी बयान कर रहे हैं कुछ अदभुत वाकये!

-शंभूनाथ शुक्ल- अख़बार को आम लोगों तक पहुँचाया प्रभाष जोशी ने… आज प्रभाष जोशी की पुण्यतिथि है। साल 2009 में आज के ही दिन टीवी पर क्रिकेट मैच देखते हुए उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वे नहीं रहे। जीवित होते तो 83 वर्ष के होते। प्रभाष जोशी ने अख़बार में सिर्फ़ कागद ही कारे …

भाजपा सरकारें छोटे-छोटे लेकिन असली पत्रकारों को अरेस्ट करती हैं, उन्होंने तो बड़े और आत्महत्या कराने वाले आरोपी पत्रकार को पकड़ा है!

-प्रभाकर मिश्रा- कहब त लागि जाई धक् से .. -उन्होंने बहुत बड़े पत्रकार को गिरफ्तार किया है .. *ये छोटे छोटे को गिरफ्तार करते हैं … -उन्होंने आत्महत्या के मामले में आरोपी को गिरफ्तार किया है .. *ये ख़बर लिखने ( नून रोटी) वाले पत्रकार को गिरफ्तार करते हैं .. और आप इतने मासूम हैं …

अपराधी अर्णब को हर कदम पर बचाने-संरक्षण देने वाले भाजपाई ही पत्रकारिता के असल दुश्मन हैं!

-संजय कुमार सिंह- जज लोया की मौत की जांच नहीं, अर्नब के खिलाफ मामला बंद – महाराष्ट्र में क्या होता रहा है, फडणवीस जी ? अब यह साफ हो चुका है कि अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी पत्रकारिता के लिए नहीं, अपना स्टूडियो बनाने वाले इंटीरियर डिजाइनर के पैसे नहीं देने और उसके आत्महत्या कर लेने …

खुद को भक्त पत्रकार दर्शाकर सत्ता की मलाई खाने वाले अर्णब दरअसल दिल से कम्युनिस्टों के पुजारी हैं!

-दीपांकर पटेल- अरनब गोस्वामी सालों से भक्तों को बेवकूफ बनाते रहे, कम्यूनिस्टों को गाली देते रहे, जबकि वो स्वयं दुनिया के एक महान कम्यूनिस्ट चे ग्वेरा के पुजारी हैं..!! Share on:

पीली पन्नी वाले साहित्य की याद दिलाती ये खबरें

-अमरेंद्र किशोर- शीर्षक 1: सेक्स के दौरान पोजीशन बदल रही थी महिला, तभी हुआ कुछ ऐसा कि मार गया लकवा। शीर्षक 2: मुर्गियों के साथ सेक्स करता था ये शख्स, पत्नी बनाती थी VIDEO शीर्षक 3: दुनिया की सबसे सेक्सी डॉक्टर, जिनसे इलाज कराने के लिए लाखों लोग जानबूझ कर पड़ते हैं बीमार ये तीनों …

आ गया कोर्ट का फैसला, अर्णब गोस्वामी 14 दिन तक ध्वनि प्रदूषण न फैला सकेंगे!

अर्नब गोस्वामी को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। यानि 14 दिन तक वे अपने हिंदी इंग्लिश चैनलों पर चीख चिल्ला कर देश भर के घरों में ध्वनि प्रदूषण न फैला पाएंगे। अर्णब को संतोष बस इस बात की है कि उन्हें पुलिस से ज्ञान पाने से मुक्ति मिल गई है। कोर्ट …

लाखों रुपए हड़प कर इंटीरियर डिजाइनर को मरने के लिए मजबूर करने वाले अर्णब के खिलाफ कार्रवाई गलत कैसे?

-श्वेता सिंह- सुशांत को इंसाफ दिलाने के बहाने टीआरपी बटोरने वाला चैनल अब चीख-चीख कर अपने एडिटर को इंसाफ दिलाने की दुहाई दे रहा है। अपनी दमदार आवाज के पीछे कितनों की आवाज दबाई है, इसका अंदाजा अर्नब को भी है। शानदार आफिस में धमाकेदार इंट्री कर जनता को सच से रूबरू कराने वाले ने …

जौनपुर में पत्रकार और परिजनों पर गुंडों ने किया हमला, पुलिस निष्क्रिय

लखनऊ के पत्रकार कौशलेंद्र उपाध्याय के गृह जनपद जौनपुर थाना पवारा गांव कुंवरपुर में उनके घर पर चढ़कर गुंडे किस्म के लोगों ने कौशलेंद्र और उनके पूरे परिवार को बुरी तरह से मारा पीटा और अभद्रता भी की। Share on:

राष्ट्रीय सहारा, लखनऊ को मिला नया स्थानीय संपादक

लखनऊ से खबर है कि राकेश कुमार सिंह को राष्ट्रीय सहारा का नया स्थानीय संपादक बनाया गया है। राकेश अभी तक गोरखपुर में राष्ट्रीय सहारा अखबार के स्थानीय संपादक हुआ करते थे। Share on:

चंगुल में आए अर्णब गोस्वामी पर नया मुकदमा भी दर्ज

मुंबई पुलिस की तरफ से बुधवार शाम को रिपब्लिक भारत टीवी न्यूज चैनल के संपादक अर्नब गोस्वामी और उनकी पत्‍नी के खिलाफ के खिलाफ एक ताजा एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। Share on:

अर्णब के झूठ का कोर्ट में हो गया खुलासा

-सौमित्र राय- अर्नब गोस्वामी को अभी आलीबाग कोर्ट में दोबारा पेश किया गया है। इससे पहले अर्नब ने कोर्ट में पुलिस पर हिंसा का आरोप लगाया था। इस पर कोर्ट ने उन्हें मेडिकल के लिए भेजा। Share on: