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सीएमओ ने पसंदीदा पत्रकारों की लिस्ट चस्पा करवा दी- ”इनके अलावा किसी अन्य के सवालों का जवाब देना जरूरी नहीं है!”

विजय मद्धेशिया-

बलिया के सीएमओ ने ग्रामीण पत्रकारों पर लगाई पाबंदी

बलिया : स्वास्थ्य विभाग के खेल पर पर्दा डालने के लिए पत्रकारों पर अंकुश लगाया जा रहा है। सीएमओ ने विभिन्न सीएचसी पर पसंदीदा मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची चस्पा करा दिया।

सीयर सीएचसी पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चुनिंदा पत्रकारों की सूची चस्पा करने और अन्य पत्रकारों को जानकारी देने से रोकने को बलिया में सीएमओ द्वारा प्रेस पर लगाया गया अघोषित इमरजेंसी बताया जा रहा है। इसको लेकर पत्रकारों में नाराजगी है। कहा जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग की मलाई काटने में सीएमओ के खेल में ग्रामीण पत्रकार रोड़ा बन गए हैं। ये पत्रकार लगातार अस्पताल के कमियों को उजागर कर व्यवस्था सुधारने के लिए खबरें प्रकाशित करते रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा सूची चस्पा करने का यह अजीबोगरीब वाकया पत्रकारों के अधिकारों का सीधा हनन है। इस सूची को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।

बदनाम डाक्टरों को बचाने के लिए सूची चस्पा करना विभाग के लिए फजीहत

सीयर सीएचसी पर जारी कमियों की खबर को रोकने और बदनाम डाक्टरों की कारगुजारियों को उजागर होने से बचाने के लिए विभाग ने पत्रकारों की एंट्री ही बंद कर दी। वह भी बाकायदा सूची चस्पा कर। लेकिन अब यह सूची ही विभाग के आलाधिकारियों के लिए फजीहत का कारण बन गया है। हालांकि इस पर अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे है।

जिला मुख्यालय के पत्रकारों की सूची ग्रामीण इलाकों में क्यूं?

जिला मुख्यालय बलिया से करीब 70 किलोमीटर दूर सीयर सीएचसी पर चस्पा किए गए मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची में कुल 25 नाम हैं। इनमें अधिकांश जिला मुख्यालय के जिलास्तरीय रिपोर्टर और पत्रकार हैं। अब इनके नामों की सूची सुदूर अस्पतालों में चस्पा करने के पीछे विभाग की मंशा पर सीधे सवाल उठने लगा है। जबकि जिला मुख्यालय पर सूचना विभाग के दफ्तर में जनपद भर के मान्यता और गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूची मौजूद है। इसमें तहसीलवार ग्रामीण पत्रकार भी शामिल हैं।

हट जायेगी सूची : सीएमओ

बलिया सीएमओ डा. जयंत कुमार ने पत्रकारों की सूची चस्पा करने के प्रकरण में पैर पीछे खींचते हुए कहा कि सूची हटाने का निर्देश दे दिया गया है।

खबरों से बौखलाता रहा है विभाग

ग्रामीण क्षेत्र में विभागीय कारस्तानी की खबरों का इनपुट ग्रामीण पत्रकार ही जिला मुख्यालय और संबंधित समाचार पत्र या चैनल के मुख्यालय तक पहुंचाते रहे हैं। इसकी बाकायदा सूची जिला सूचना विभाग में मौजूद रहती है। लेकिन ग्रामीण पत्रकारों की सही रिपोर्टिंग से अक्सर विभाग बौखला जाते हैं। स्वास्थ्य विभाग से पूर्व शिक्षा विभाग में भी पहले खलबली मच चुकी है। ग्रामीण पत्रकार बेल्थरारोड में गैर निबंधित अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड, पैथोलाजी और अनाधिकृत दवा दुकानदारों के खेल को लगातार उजागर करते रहे हैं। सीयर सीएचसी में एक अनाधिकृत अस्पताल समेत अनेक अवैध पैथोलाजी के संचालन के पीछे अस्पताल के ही नोडल और विभागीय अधिकारियों की सरपरस्ती का आरोप लगता रहा है। इसकी जांच और कार्रवाई की मांग भी होती रही है।

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