फसल बर्बाद हो जाने पर मीणा ने कर लिया आत्मदाह

आत्महत्या करने वाले दौसा के किसान गजेन्द्र की चिता की राख अभी ठण्डी भी नहीं हुई कि भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर उपखण्ड में लाल का बाड़ा गांव के आदिवासी किसान रामस्वरूप मीणा ने पांच बीघे में बोयी अपनी फसल के खराब होने से परेशान होकर अपने शरीर पर किरोसिन छिड़ककर आग लगा ली। वह बुरी तरह से झुलस गया। उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।

आत्मदाह करने की कोशिश करने वाले रामस्वरूप मीणा ने कहा कि मुझे पहले से ही डायबिटीज की बिमारी है और मेरे तीन बच्चे हैं। मैंने उधार लेकर फसल की बुवाई की थी लेकिन सारी फसल खराब हो गयी, जिसके कारण मुझे आये दिन कर्जदार परेशान कर रहे हैं। इसलिए मैंने आत्महत्या के लिए यह कदम उठाया था। मेरे यहां कोई भी फसल खराब होने की जानकारी न तो लेने आया, न ही मुआवजे की राशि मुझे मिली है। 

उसके परिजन राजकुमार मीणा ने कहा कि इसकी आमदनी का जरिया मात्र खेती ही थी और उसमें भी कुछ नहीं होने के कारण हालत बहुत खराब हो गयी है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार गरीब किसानों की मदद के लिए कब तक पहुंचेगी और कब यह सिलसिला रुकेगा।

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