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उत्तर प्रदेश

अर्बटेक बिल्डर और प्राधिकरण की कारगुजारी का खामियाजा भुगत रहे नेहरू प्लेस एक्स्टेन्शन खरीदार

ग्रेटर नोएडा में नेहरू प्लेस एक्स्टेन्शन के नाम से बन रहे अर्बटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट के सभी बायर्स बिल्डर और प्राधिकरण के बीच हुयी मिलीभगत से परेशान हैं. इसको लेकर आज सभी खरीदारों ने फ़ोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिह और बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नू खान के साथ एक मीटिंग की. इसमें बिल्डर और प्राधिकरण के चलते हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई और आगे की रणनीत तय की गयी.

ग्रेटर नोएडा में नेहरू प्लेस एक्स्टेन्शन के नाम से बन रहे अर्बटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट के सभी बायर्स बिल्डर और प्राधिकरण के बीच हुयी मिलीभगत से परेशान हैं. इसको लेकर आज सभी खरीदारों ने फ़ोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिह और बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नू खान के साथ एक मीटिंग की. इसमें बिल्डर और प्राधिकरण के चलते हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई और आगे की रणनीत तय की गयी.

नेफ़ोमा अध्यक्ष अन्नू खान ने बताया बिल्डर से मिलकर कोई न कोई समाधान निकाला जायेगा. अगर बिल्डर ने हमारी जायज मांगों को नहीं माना तो उसके खिलाफ़ धरना प्रदर्शन किया जायेगा. सारी गल्ती प्राधिकरण की है. खरीदारों को बिना वजह परेशान किया जा रहा है. नोएडा एक्स्प्रेसवे सेक्टर 153 में बन रहे नेहरू प्लेस एक्स्टेन्शन के अर्बटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट में अपनी जमापूजी लगा चुके सभी बायर्स दर दर भटकने को मजबूर हैं.

दरअसल प्राधिकरण ने पहले तो आख बन्द करके बिल्डर को प्लाट आवटित कर दिया जिससे कम्पनी ने वहां निर्माण चालू कर दिया और बुकिंग कर दी. 2009 से अब तक यहां बुकिंग कराने वाले सभी बायर्स बिल्डर को 100% पेमन्ट कर चुके हैं लेकिन अब नोएडा प्राधिकरण अपने द्वारा किए गये आवन्ट्न को ही गलत बता रहा है. प्राधिकरण का कहना है कि जिस समय आवन्टन किया गया उस समय बिल्डर की कम्पनी रजिस्टर्ड नहीं थी. ऎसे में आवन्टन रद्द किया जाता है. इसको लेकर बिल्डर ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की. कोर्ट से बिल्डर ने स्टे भी ले लिया. अब बिल्डर अपने बायर्स को पजेशन लेने को कहता है. लेकिन एक आरटीआई में खुलासा हुआ है कि प्लाट अभी भी रद्द है और कोर्ट में केस चल रहा है.

ऎसे में बायर्स को अपना पैसा डूबता नजर आ रहा है. अगर वो पजेशन ले लेते हैं तो रजिस्टरी उनके नाम नहीं होगी और प्राधिकरण उन तमाम लोगों की परवाह किए बिना अपने फ़ैसले पर अड़ा हुआ है. फ़ोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिंह ने कहा कि अगर बिल्डर के द्स्तावेज सही नहीं थे तो उस समय क्यूं आवन्ट्न किया गया. उसी समय अगर कार्यवाही की जाती तो आज सैकडों बायर्स क्य़ूं परेशान होते जबकि आवन्ट्न 2008 में किया गया और आवन्ट्न रद्द करीब 6 साल बाद फ़रवरी 2014 में किया गया. बिल्डर पूरी बिल्डिंग बना चुका है और सभी बायर्स से पूरा पैसा ले चुका है. बिल्डर और प्राधिकरण बायर्स की बात सुनने को तैयार नहीं हैं. नेफ़ोमा और फ़ोनरवा मिलकर बिल्डर और प्राधिकरण के खिलाफ़ के बडा आन्दोलन करेंगे और कोर्ट का दरवाजा भी खट्खाटाएंगे. मीटिग में पंकज नागलिया, दीपक अग्रवाल, पीके अहलूवालिया, अशोक शर्मा आदि बायर्स ने भाग लिया और अपने विचार रखे.

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