आम्रपाली वाले चोर बिल्डरों अनिल शर्मा, शिव प्रिय और अजय शर्मा की गिरफ्तारी के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली समूह के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा और दो निदेशकों की एक आपराधिक मामले में होगी गिरफ्तारी… सुप्रीम कोर्ट ने गिरफ्तार करने की दिल्ली पुलिस को अनुमति दे दी है…. आम्रपाली के निदेशक शिव प्रिय और अजय कुमार भी होंगे गिरफ्तार… दोनों निदेशकों की निजी संपत्तियां भी जब्त करने का …

जवाब देने में देश के सबसे बड़े चोर बिल्डर अनिल शर्मा की जुबान लड़खड़ाई, देखें वीडियो

वर्षों से अपने बिल में छुपे रहे चोर बिल्डर अनिल शर्मा जब एक रोज जनता के सामने आया तो लुटे निवेशकों में से एक ने उसके मुंह पर पैसे लेने के बावजूद काम बंद करने का आरोप लगा दिया. इस महिला के आरोप सुनने के बाद जब अनिल शर्मा जवाब देने को तत्पर हुआ तो उसकी जुबान लड़खड़ाने लगी.

सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली को कड़ी फटकार लगाई- ‘बहानेबाजी मत करो, यह बताओ घर कब दोगे’

सुप्रीम कोर्ट ने आज बेइमान और धोखेबाज बिल्डर कंपनी आम्रपाली के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. घर पाने से वंचित निवेशकों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने आम्रपाली के निदेशकों से पूछा है कि बिना बहानेबाजी किए यह साफ साफ बताओ, घर कब दोगे. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा- बहानेबाजी मत करो. यह गंभीर मसला है. लोगों की जीवनभर की कमाई लगी है. साफ बताओ, घर कब दोगे. आपको उत्तरदायी बनना पड़ेगा. आम्रपाली को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि वो एक सप्ताह के अंदर अपने हर प्रोजेक्ट के प्लान से संबंधित रेसोल्यूशन जमा करें. 

रीयल इस्टेट की चोर कंपनी ‘आम्रपाली’ के खिलाफ भड़ास संपादक यशवंत ने दर्ज कराई कंप्लेन, जांच कमिश्नर को

Yashwant Singh : आज सुबह मुख्यमंत्री कार्यालय से फोन आया और आम्रपाली द्वारा किए गए मेरे साथ फ्रॉड को लेकर जानकारी ली गयी। सभी विकल्पों पर चर्च की गई। यूपी cm के जनसुनवाई पोर्टल पर कम्प्लेन दर्ज करा दी है। नोएडा चूंकि मेरठ मण्डल में आता है इसलिए जांच ईमानदार ias अधिकारी और मेरठ के कमिश्नर प्रभात कुमार को दी गयी है। अब आम्रपाली के अनिल शर्मा और शिवा प्रिया के खिलाफ एफआईआर की तैयारी है। उसके बाद ”ऑक्युपाई आम्रपाली बिल्डर्स हाउस” अभियान।

चोर, बेइमान व धूर्त बिल्डर अनिल शर्मा और उसकी कंपनी आम्रपाली के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज

नोएडा : 88 लाख रुपये देने के बावजूद भी फ्लैट नहीं मिलने की शिकायत पर सेक्टर-58 पुलिस ने आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। पीड़ित ने ग्रेटर नोएडा के जीटा-1 में आम्रपाली ग्रैंड प्रॉजेक्ट में फ्लैट बुक करवाया था। शिकायत के आधार पर एसएसपी ने एसपी देहात को जांच के आदेश दिए थे। शुरुआती जांच में मामला सही सामने आने पर एसपी देहात ने सेक्टर-58 पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए थे।

आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा को ‘एड्स’ होने की खबर!

‘एड्स’ रोगी चोर बिल्डर अनिल शर्मा की फाइल पिक्चर…

Yashwant Singh : आम्रपाली वालों से नोएडा वेस्ट के लीजर पार्क प्रोजेक्ट में बहुत पहले एक फ्लैट बुक कराए थे। पइसा भी जइसे तइसे भर दिए थे। चर्चा है कि अनिल शर्मा को ‘एड्स’ हो गया है.. बताया जा रहा है कि ‘एड्स’ होने के बाद ही अपनी कम्पनी का सारा पइसा लेकर भाग गया है। कुछ लोगों का कहना है कि ‘एड्स’ वाली खबर तो सही है लेकिन पइसा लेकर भागने वाली बात गलत। उसने अफसरों, नेताओं, मंत्रियों और मीडिया को पैसा जमकर खिला-पिला दिया है।

योगी राज में युवा उद्यमी के संघर्ष को मिली जीत, करप्ट अफसरों का गिरोह हारा

Ashwini Kumar Srivastava : योगी राज में देर तो है….अंधेर नहीं! क्रिसमस पर सांता क्लॉज़ मेरे जीवन का अब तक का सबसे बेहतरीन तोहफा लेकर आये हैं…और वह है, सरकारी तंत्र के भ्रष्टाचार में फंसकर ढाई बरस की भयंकर देरी से तकरीबन दम ही तोड़ चुके हमारे आवासीय प्रोजेक्ट की मंजूरी। ईश्वर की कॄपा से अब हमारे मार्ग की हर वह बाधा दूर हो चुकी है, जिनसे घिर कर हम न जाने कितनी मुश्किलों में आन फंसे थे। हालांकि शासन को भी सुनवाई आदि प्रक्रिया में लगभग ढाई महीने का समय जरूर लगा लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के शिकायत तंत्र ने अंतत: मुझे न्याय दिलवा ही दिया। ढाई बरस से जिस फ़ाइल को सरकारी तंत्र में बैठे एक भ्रष्ट अफसर ने बिना किसी की परवाह किये रोक रखा था, उसे आखिरकार मजबूर होकर, बेमन से और बिना एक भी दमड़ी की घूस लिए ही मंजूर करके मुझे देना ही पड़ गया।

रिश्वत के लिए फाइल पर कुंडली मार कर बैठ जाता है ये अफसर, कंप्लेन पर पीएमओ भी सक्रिय

Ashwini Kumar Srivastava : 2018 की तरफ बढ़ते हुए मुझे एक बेहद बड़ी खुशखबरी यह मिल रही है कि भ्रष्टाचार और एक भ्रष्टाचारी अफसर एसपी सिंह के खिलाफ चल रही मेरी लड़ाई को खुद प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान में ले लिया है। दोनों ही जगहों से बाकायदा मेरी शिकायत पर न सिर्फ ताबड़तोड़ जांच आरंभ हो गई है बल्कि मेरी वह सितंबर में की गई सबसे पहली शिकायत को भी पीएमओ ने दोबारा जीवित करवा दिया है, जिसे इस भ्रष्टाचारी अफसर एसपी सिंह ने न जाने कैसे सांठ-गांठ करके निस्तारित करवा दिया था।

”लीडा के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक एसपी सिंह ने हमारी फाइल को मोटी घूस की वजह से रोक रखा है”

Ashwini Kumar Srivastava : भ्रष्टाचार का जो तना ऊपर दिखाई देता है, असल में उसकी जड़ें उससे भी कहीं ज्यादा गहरी होती हैं। तभी तो लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी लीडा के जिन वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक श्रीमान एस. पी. सिंह ने हमारी फ़ाइल को मोटी घूस की वजह से रोक रखा है, उनकी जड़ें तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार की वजह से ही बेहद गहरी धंसी हुई हैं। उस वक्त अखिलेश सरकार के प्रिय, खासमखास और राजस्व परिषद बोर्ड के अध्यक्ष रहे अनिल कुमार गुप्ता ने सभी नियमों को ताक पर रखकर डेपुटेशन पर आए एस. पी. सिंह को वहीं लीडा में ही स्थायी कर दिया था। सिंह पर भ्रष्टाचारी होने का तमगा था इसलिए उस वक्त इस मर्जर को लेकर खासा हंगामा भी हुआ था और लीडा लंबे समय तक विवादों के घेरे में भी था।

यूपी के एक दुखी युवा उद्यमी का दर्द- ”योगी जी के राज में देर भी है, अंधेर भी”

Ashwini Kumar Srivastava : योगी जी के राज में देर भी है, अंधेर भी! यूपी में योगी आदित्यनाथ के सरकारी तंत्र का यह हाल है कि जिसका पाला इससे पड़ गया, उसने अगर भ्रष्टाचारी अफसरों को चढ़ावा नहीं चढ़ाया तो न तो उसका कोई काम होना है और न ही उसकी शिकायत की कहीं सुनवाई होनी है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण तो खुद मैं ही हूं, जो पिछले ढाई बरस से पहले अखिलेश सरकार के खासमखास और अब योगी जी के कृपा प्राप्त लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (लीडा) के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक एस. पी. सिंह, परियोजना प्रबंधक ओ. पी. सिंह और उनके साथ के अन्य भ्रष्ट अफसर/कर्मियों के गठजोड़ से जूझ रहा हूँ।

एक बिल्डर का आरोप- ”योगी जी के सजातीय एसपी सिंह निरंकुशता और भ्रष्टाचार की जीती जागती मिसाल बन चुके हैं”

Ashwini Kumar Srivastava : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जहां एक तरफ इस वक्त देश और दुनिया के उद्योगपतियों को यह बताने में व्यस्त हैं कि उत्तर प्रदेश में अब सारे अफसर सुधर गए हैं और भ्रष्टाचार कहीं नहीं है इसलिए आइये और यहां उद्योग-धंधे लगाइये तो ऐन इसी वक्त यहां के बेखौफ और भ्रष्ट अफसर उद्योगपतियों और उद्योगों की ही खटिया खड़ी करने में जुटे हुए हैं। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री खुद और औद्योगिक विकास मंत्रालय के छोटे-बड़े हर अफसर समेत उप मुख्यमंत्री, कई वरिष्ठ मंत्री व कई अन्य विभाग इन दिनों राज्य में 2018 की फरवरी में होने वाले निवेश सम्मेलन की तैयारी में जीजान से जुटे हुए हैं।

नोएडा के The hyde park के निवासियों ने बिल्डर की मनमानी के खिलाफ किया प्रदर्शन (देखें तस्वीरें)

नोएडा की पॉश कहे जाने वाले सेक्टर78 में the hyde park के रहवासियों ने आज एकजुट होकर बिल्डर की मनमानी के खिलाफ मोर्चा निकाला…. बिल्डर द्वारा मनमाफिक मेंटिनेंस के खिलाफ वहीं के रहवासियों ने घर का कूड़ा भी बिल्डर के ऑफिस में फेंका… साथ ही बिल्डर के खिलाफ नारे भी लगाए… सभी रहवासियों की मांग है कि common area maintenance की रकम सुविधाओं के हिसाब से लिया जाय… लेकिन बिल्डर तो अपनी मनमानी लादने में जुटा हुआ है…

आम्रपाली वाले बेइमान बिल्डर अनिल शर्मा के खिलाफ 100 निवेशकों ने लिखाई एफआईआर

नोएडा : बेईमान बिल्डर अनिल शर्मा पर 100 निवेशकों ने मिलकर लिखाई एफआईआर… चारों एफआईआर में 100 निवेशकों के नाम… धोखाधड़ी, अमानत में खयानत की धारा में केस… बिसरख थाने में दर्ज हुई आम्रपाली के मालिक अनिल शर्मा पर एफआईआर… अब हो सकता है आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा गिरफ्तार…

Biggest scam with Home Buyer when RERA is launched

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जेपी ग्रुप के मालिक मनोज गौड़ और अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

इटावा के रहने वाले अरविंद कुमार शोरावल ने जेपी ग्रुप के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है. ये एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें पहले कोर्ट जाना पड़ा और कोर्ट के आदेश बाद ही पुलिस ने जेपी ग्रुप के खिलाफ मुकदमा लिखा. अरविंद ने जेपी ग्रुप में एक फ्लैट बुक कराया था, 19 अप्रैल 2014 को. उन्हें अमन थर्ड टावर में फ्लैट दिया गया. इसके लिए उन्होंने जरूरी भुगतान किए. बाद में पता चला कि जुलाई 2015 तक निर्माण ही नहीं शुरू हुआ.

सवा चार करोड़ जमा कराने के बाद छूटे आम्रपाली के सीईओ और एमडी, अब अनिल शर्मा जेल जाएगा

रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली का भगोड़ा मालिक अनिल शर्मा वैसे तो हजारों निवेशकों का पैसा दाबे बैठा है और खुद के पास पैसा न होने का रोना रोते हुए लोगों को उनका घर नहीं दे रहा है लेकिन जब उसका दामाद, जो आम्रपाली का सीईओ भी है, और एक डायरेक्टर गिरफ्तार होता है तो फौरन वह चार करोड़ 29 लाख रुपये जमा करवा देता है. आखिरकार 4 करोड़ 29 लाख जमा करने के बाद छूट गए आम्रपाली ग्रुप के दोनों पदाधिकारी. पार्ट पेमेंट के लिए कंपनी के पदाधिकारी कर रहे थे प्रशासन से अनुरोध, लेकिन पूरी पेमेंट जमा करने पर अड़ गए एडीएम दादरी अमित कुमार. अंततः पूरी पेमेंट जमा करवा कर ही आम्रपाली के दोनों लोगों को रिहा किया गया.

भगोड़ा आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा का दामाद गिरफ्तार, हेड आफिस सील

भगोड़ा बिल्डर अनिल शर्मा

दिवालिया हो चुकी रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली से खबर आ रही है कि इसके भगोड़े मालिक अनिल शर्मा के दामाद ऋतिक सिन्हा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. यह कार्रवाई लेबर सेस नहीं चुकाने पर किया गया है. साथ ही साथ आम्रपाली का ऑफिस भी सील कर दिया गया है. आम्रपाली बिल्डर अनिल शर्मा के दामाद के अलावा एक अन्य पदाधिकारी निशांत मुकुल को भी अरेस्ट कर जेल भेजे जाने की खबर है.

बिल्डर के दलाल कथित टीवी पत्रकार ने अपने ही पत्रकार साथी को कवरेज करने पर धमकाया, पढ़ें शिकायती पत्र

सेवा में,
श्रीमान उपायुक्त, दिल्ली पुलिस,
साऊथ ईस्ट जिला, सरिता विहार
नई दिल्ली।

विषय — अवैध निर्माण पर चल रहे नगर निगम के डमोलिशन की खबर को ना करने व झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए । 

महोदय,

निवेदन यह है कि मैं पंकज चौहान S/O श्री राजाराम सिंह, पता– 14/ 202, दक्षिणपुरी एक्सटेंशन, डॉ. अंबेडकरनगर, नई दिल्ली -62 में रहता हूं। मैं दिल्ली से ‘सनसनी इन्वेस्टीगेटर’ नाम से अपना एक नेशनल साप्ताहिक अखबार चलाता हूं। मैंने अपने पिछले एडीशन में दक्षिणपुरी की डीडीए मार्केट नंबर-2 में स्थित दुकान नंबर- 11, 12, 13, 14 की उस समय खबर लगाई थी जब यहां पर एम.सी.डी. के बिल्डिंग विभाग के दस्ते ने तोड़फोड़ की थी। अब दिनांक- 29/03/2017 को एम.सी.डी., ग्रीन पार्क ज़ोन से भवन विभाग के दस्ते ने दोबारा इसी अवैध निर्माण पर तोड़फोड़ का कार्यक्रम किया जिसको मैं अपने साथी रिपोर्टर के साथ कवर करने के लिए पहुंचा।

हे भगवान, बिल्डरों ने ‘राम’ और ‘लक्ष्मण’ को भी ठगा!

मुंबई। बिल्डरों की ठगी के शिकार आम आदमी के साथ साथ ऐसे लोग भी हो रहे हैं जिनका नाम सुनकर शायद आप अचरज में पड़ जायें। घोर कलयुग की महिमा देखिए। बिल्डरों द्वारा टेलीविजन के मयार्दा पुरुषोत्तम राम और उनके भ्राता लक्ष्मण को भी यहां चूना लगा दिया जाता है। रामानंद सागर सृजित रामायण के राम यानि अरुण गोविल और लक्ष्मण यानि सुनील लहरी सहित कई जाने माने लोगों ने पेमेंट करने के सात साल बाद भी ओशिवरा में अपार्टमेंट ना मिलने की शिकायत ओशिवरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई है।

अर्बटेक बिल्डर और प्राधिकरण की कारगुजारी का खामियाजा भुगत रहे नेहरू प्लेस एक्स्टेन्शन खरीदार

ग्रेटर नोएडा में नेहरू प्लेस एक्स्टेन्शन के नाम से बन रहे अर्बटेक बिल्डर के प्रोजेक्ट के सभी बायर्स बिल्डर और प्राधिकरण के बीच हुयी मिलीभगत से परेशान हैं. इसको लेकर आज सभी खरीदारों ने फ़ोनरवा के अध्यक्ष एनपी सिह और बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अन्नू खान के साथ एक मीटिंग की. इसमें बिल्डर और प्राधिकरण के चलते हो रही परेशानियों पर चर्चा की गई और आगे की रणनीत तय की गयी.

मेहदी हसन की वापसी

गुरबत के दिनों में किसी घिसी हुई पतलून की जेब से कभी लापरवाही से रख छोड़े पैसे हाथ लग जायें तो कैसा महसूस होगा? मेहदी हसन की इन अनसुनी ग़ज़लों का खजाना हाथ लग जाने के बाद मुझे कुछ ऐसा ही लग रहा है। सदा-ए-इश्क मेरी जानकारी में मेहदी हसन साहब का अंतिम एल्बम था जो म्यूजिक टूडे वालों ने वर्ष 2000 के आस-पास निकाला था। इसके बाद केवल एक ग़ज़ल “तेरा मिलना बहुत अच्छा लगे है, मुझे तू मेरे दुःख जैसा लगे है” सुनने में आयी थी जो उन्होंने लता मंगेशकर के साथ गायी थी। इस ग़ज़ल में दोनों गायकों ने अपना-अपना हिस्सा भारत और पाकिस्तान में रेकार्ड किया था और बाद में इसकी मिक्सिंग भारत में हुई। एक साथ इन दो बड़े कलाकारों की यह संभवतः इकलौती और ऐतिहासिक प्रस्तुति थी। ग़ज़ल उन्हीं दिनों में सुनने में आयी जब मेहदी हसन साहब बीमार चल रहे थे और अपन ने भी मान लिया था कि इस खूबसूरत ग़ज़ल को खाँ साहब की अंतिम सौगात समझ लेना चाहिये।

बिल्डर की मनमानी पर गुस्सा फूटा, पुलिस और किसान आमने-सामने

मिर्जापुर (यूपी) : रामपुर बांगर गांव के खसरा नम्बरान 62 और 70 पर उच्च न्यायालय द्वारा यथास्थिति बनाये रखने के आदेश पारित किये गये थे, उस जमीन पर गौड सिटी बिल्डर द्वारा कार्य शुरू कर दिये जाने से किसानों का आक्रोश सड़कों पर आ गया। किसान नेता धीरेन्द्र सिंह के नेतृत्व में 50 गांवों के किसानों की एक महापंचायत गौड सिटी बिल्डर की साइट पर हुई। पुलिस द्वारा धारा 144 का हवाला देकर किसानों को धमकाकर रोकने का प्रयास किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गयी। पुलिस के रवैये से नाराज किसानों ने गौड सिटी बिल्डर की साईट पर ही बैठकर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान कर दिया तथा कब्जा लेने के लिए ट्रैक्टर मंगवा लिए। 

मिर्जापुर में बिल्डर की मनमानी से गुस्सा किसान निर्माण स्थल की ओर कूंच करते हुए

भारतीय टीवी न्यूज इंडस्ट्री में बड़ा और नया प्रयोग करने जा रहे हैं दीपक शर्मा समेत दस बड़े पत्रकार

(आजतक न्यूज चैनल को अलविदा कहने के बाद एक नए प्रयोग में जुटे हैं दीपक शर्मा)


भारतीय मीडिया ओवरआल पूंजी की रखैल है, इसीलिए इसे अब कारपोरेट और करप्ट मीडिया कहते हैं. जन सरोकार और सत्ता पर अंकुश के नाम संचालित होने वाली मीडिया असलियत में जन विरोधी और सत्ता के दलाल के रूप में पतित हो जाती है. यही कारण है कि रजत शर्मा हों या अरुण पुरी, अवीक सरकार हों या सुभाष चंद्रा, संजय गुप्ता हों या रमेश चंद्र अग्रवाल, टीओआई वाले जैन बंधु हों या एचटी वाली शोभना भरतिया, ये सब या इनके पिता-दादा देखते ही देखते खाकपति से खरबपति बन गए हैं, क्योंकि इन लोगों ने और इनके पुरखों ने मीडिया को मनी मेकिंग मीडियम में तब्दील कर दिया है. इन लोगों ने अंबानी और अडानी से डील कर लिया. इन लोगों ने सत्ता के सुप्रीम खलनायकों को बचाते हुए उन्हें संरक्षित करना शुरू कर दिया.

यूपी में जंगलराज : MBSC ग्रुप के बिल्डर को अपनी जमीन औने-पौने दाम में नहीं बेचने पर जान के लाले

अमिताभ ठाकुर


(आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर ने अपनी जनपक्षधरता और जनसक्रियता से उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में एक क्रांति ला दी है. आमतौर पर यूपी पुलिस विभाग के अफसर सत्ता के दबाव और सत्ता के इशारे पर संचालित होते हैं. लेकिन अमिताभ ठाकुर किसी भी जेनुइन मामले को बिना भय उठाते हैं भले ही उससे सीधे सीधे सत्ता के आका लोग निशाने पर आते हों. ऐसे ही एक मामले में आज अमिताभ ठाकुर ने पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाने के लिए मुहिम शुरू की. पढ़िए इस नए प्रकरण की कहानी उन्हीं की जुबानी.  -एडिटर, भड़ास4मीडिया)


आज मैंने एसएसपी, लखनऊ यशस्वी यादव से मुलाकात कर मिर्जापुर, थाना गोसाईंगंज में एमबीएससी ग्रुप के लोगों के आपराधिक कृत्यों तथा उस गांव के पोसलाल पुत्र परीदीन की जमीन को जबरदस्ती खरीदने के प्रयास के बारे में शिकायत दिया. एसएसपी ने एसओ गोसाईंगंज को तत्काल मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए. शिकायत के अनुसार एमबीएससी ग्रुप ने बीएससी होम्स नाम से लगभग 170 लोगों से बुकिंग के नाम पर करोड़ो रूपये ले भी लिए हैं जबकि अभी उसके पास न तो आवश्यक जमीन है और न ही उसका नक्शा एलडीए से स्वीकृत है.

ज़ी मरुधरा चैनल के स्टिंग अभियान के खिलाफ बिल्डरों ने मोर्चा खोला

राजस्थान में साल भर पहले लांच हुए ज़ी ग्रुप के रीजनल न्यूज चैनल जी मरुधरा के खिलाफ बिल्डरों ने मोर्चा खोल दिया है. आरोप है कि चैनल बिल्डरों को ब्लैकमेल करता है. बिल्डर एसोसिएशन द्वारा सभी सदस्य बिल्डरों को संगठित कर ज़ी समूह के सभी चैनलों पर भविष्य के लिये विज्ञापनों पर पूर्ण प्रतिबंध का फैसला लिया गया है. क्रेडाई ने अपने संगठन के सभी सदस्य बिल्डरों से अपील की है की वे रेपोर्टरों की ब्लैकमेलिंग या निगेटिव न्यूज़ से डरकर उन्हें  किसी प्रकार कोई नगद, फ्लैट, ज़मीन या गिफ्ट आदि देकर शोषण के कारोबार को बढ़ावा ना दें.

‘पुष्पांजलि’ ग्रुप और ‘पुष्प सवेरा’ अखबार के फ्राड मालिकों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा

मथुरा : उत्तर प्रदेश में मथुरा के हाइवे थाने में पुष्पांजलि ग्रुप और ‘पुष्प सवेरा’ अखबार के मालिक बीडी अग्रवाल उनके बेटे मयंक और पुनीत अग्रवाल समेत चार लोगों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है. इन फ्राड टाइप के बाप-बेटों ने किसी के नाम का प्लाट किसी दूसरे को बेच दिया. पुलिस के अनुसार पुष्पांजलि उपवन स्थित कालोनी राधा नगर निवासी महेंद्र खत्री की पत्नी सुषमा ने १२ सितंबर २००६ को २०० वर्ग गज के एक भूखण्ड का खरीदने के लिए अनुबंध कराया था.