दलित नेता चंद्रशेखर पर रासुका अवधि बढ़ाना दलित दमन का प्रतीक : दारापुरी

लखनऊ 30 जनवरी, 2018 : “चंद्रशेखर पर रासुका अवधि बढ़ाना दलित दमन का प्रतीक है.” यह बात आज एस.आर. दारापुरी पूर्व पुलिस महानिरीक्षक एवं संयोजक जनमंच उत्तर प्रदेश ने प्रेस को जारी ब्यान में कही है. उन्होंने आगे कहा है कि एक तरफ जोगी सरकार अपनी पार्टी से जुड़े लोगों के आपराधिक मामले वापस ले रही है वहीं दूसरी ओर शब्बीरपुर में दलितों पर सामंतों के हमले में न्याय मांगने वाले भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर पर हाई कोर्ट से जमानत मिलने पर भी रासुका लगाती है जिसे अब तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया गया है.

योगी सरकार की यह कार्रवाही घोर दलित दमन की प्रतीक है. इसे तथा उत्तर प्रदेश में दलितों पर निरंतर हो रहे अत्याचार को लेकर दलितों में आक्रोश पनप रहा है.  इस सम्बन्ध में 18 फरवरी को सहारनपुर में बड़े विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया जा रहा है. श्री दारापुरी ने आगे कहा है कि यदि चंद्रशेखर की रिहाई तुरंत नहीं की जाती तो इसके विरुद्ध पूरे उत्तर प्रदेश में दलित संगठनों की तरफ से एक व्यापक जन आन्दोलन शुरू किया जायेगा.

एस.आर. दारापुरी
पूर्व पुलिस महानिरीक्षक
संयोजक, जनमंच उत्तर प्रदेश
srdarapuri@gmail.com

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