चिटफंड फ्रॉड में रमन सिंह के पुत्र अभिषेक समेत 20 के खिलाफ केस दर्ज

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह के बेटे व राजनांदगांव के पूर्व सांसद अभिषेक सिंह के खिलाफ अंबिकापुर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। चिटफंड कंपनी अनमोल इंडिया द्वारा निवेशकों से धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने अभिषेक सिंह के अलावा राजनांदगांव महापौर मधुसूदन यादव, पूर्व महापौर नरेश डाकलिया सहित 20 लोगों को आरोपी बनाया है। जिला एवं सत्र न्यायालय द्वारा 3 जून को दिये गए आदेश के बाद अंबिकापुर पुलिस ने 17 जून 2018 को सभी के खिलाफ आईपीसी 1860 की धारा 34, 420 और छत्तीसगढ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम 2005 की धारा 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।शिकायत के अनुसार, रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और कांग्रेस नेता रमेश डाकलिया के साथ अनेकों बार जनता के सामने एक चिटफंड कंपनी का प्रचार-प्रसार किया था और लोगों को यकीन दिलाया कि यह कंपनी अभिषेक सिंह की है और सुरक्षित है।

कुंड्रा के रघुनाथपुर के ग्राम सुमेरपुर के रहने वाले ज्ञानदास ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से जिला अदालत में आवेदन पेश किया था। आवेदक में कहा गया था कि अनमोल इंडिया कंपनी के डायरेक्टरों, कोर कमेटी के सदस्यों व अन्य स्टार प्रचारकों ने विश्वास दिलाया कि उनकी कंपनी में निवेश करने पर लाभ प्राप्त होगा। इस पर भरोसा कर उसने 10 हजार रुपए निवेश किया था। कंपनी ने इस पर प्रमाण पत्र जारी किया गया। लेकिन कंपनी ने राशि तो लौटाई नहीं, उल्टे कार्यालय में ताला बंद कर फरार हो गई। इस प्रकार अनावेदकगण ने उनके साथ छलपूर्वक निवेश कराया गया।

मामले में आवेदक ने पुलिस अधीक्षक के साथ पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई. तब भी अनावेदकगण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई और अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जमा रकम भी कंपनी द्वारा नहीं लौटाया गया, जो कि धारा 10 छत्तीसगढ़ निक्षेपकों के हितों के संरक्षण अधिनियम 2005, सहपठित धारा 3,4,5 और अर्थशोधन विचारण अधिनियम 2002 और सहपठित धारा-420, 406, 468, 471 और 120 के तहत दण्डनीय अपराध है।

शिकायत के अनुसार, अनमोल इंडिया कंपनी का मुख्य कार्यालय नेमिनाथ पैराडाइज, भायंदर वेस्ट, ठाणे में स्थित है तथा छत्तीसगढ़ में अधिकांश जिलों में इसके कार्यालय स्थित थे।शिकायत के अनुसार, आरोपी कंपनी के निदेशक नागपुर निवासी जावेद मेमन, सपुरा मेमन, जुनैद मेमन, निलोफर बानो, खालिद मेमन, नादिया बानो, हाजी उमर मेमन, रायपुर निवासी फातिमा बानो और हमीद मेमन तथा राजनांदगांव सीबू खान और कंपनी की कोर कमेटी के सात सदस्यों के द्वारा कंपनी का संचालन छत्तीसगढ़ में किया जा रहा था।

शिकायत में कहा गया कि राज्य के विभिन्न थानों में कंपनी के निदेशक और अन्य के विरूद्ध कंपनी से संबंधित निवेशकों की रकम नहीं लौटाए जाने पर धोखाधड़ी कर मामला दर्ज किया गया. इसी बीच, कंपनी के कार्यालयों में ताला बंद कर दिया गया। हालांकि, इस दौरान कंपनी के निदेशकों ने अपना नया स्कूल और शिक्षण संस्थान भी शुरू कर दिया जिसके प्रचार में भी अभिषेक सिंह, नरेश डाकलिया और मधुसुदन यादव लगातार आते रहे।

शिकायत के अनुसार चिटफंड कंपनी के निदेशक और कोर समिति के सदस्य अपने स्टार प्रचारकों रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव और कांग्रेस नेता रमेश डाकलिया के साथ अनेकों बार जनता के सामने कंपनी का प्रचार-प्रसार किया था और समय-समय पर लोगों को यकीन दिलाया कि यह कंपनी अनमोल इंडिया अभिषेक सिंह की है और सुरक्षित है।अब तक इस मामले में किसी को गिरफ्तार नहीं किया है।शिकायत में कहा गया है कि अनमोल इंडिया कंपनी निवेशकों से कुछ महीनों में उनका पैसा दोगुना करने का आश्वासन देती थी, लेकिन ऐसा कोई भी लाभ निवेशकों को नहीं मिला। इसके बजाय 2016 में कंपनी ने कई लाख रुपये की धोखाधड़ी कर कामकाज बंद कर दिया।

गौरतलब है कि इसी तरह जिला मुख्यालय अंबिकापुर के निवासी जिला मुख्यालय अंबिकापुर के निवासी 67 वर्षीय प्रेम सागर गुप्ता ने शिकायत में कहा कि वह खेती-किसानी और मजदूरी का काम करते हैं। उन्होंने अनमोल इंडिया नामक चिटफंड कंपनी में अपनी जमा पूंजी और घर तथा जमीन बेचकर 98,876 रुपये का निवेश किया था। अनमोल इंडिया कंपनी का मुख्य कार्यालय नेमिनाथ पैराडाइज, भायंदर वेस्ट, ठाणे में स्थित है तथा छत्तीसगढ में अधिकांश जिलों में स्थित है।

शिकायत में कहा गया कि राज्य के विभिन्न थानों में कंपनी के निदेशक और अन्य के विरूद्ध कंपनी से संबंधित निवेशकों की रकम नहीं लौटाए जाने पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया। इसी बीच, कंपनी के कार्यालयों में ताला बंद कर दिया गया। हालांकि, इस बीच कंपनी के निदेशकों ने अपना नया स्कूल और शिक्षण संस्थान भी शुरू कर दिया जिसके प्रचार में भी अभिषेक सिंह, नरेश डाकलिया और मधुसुदन यादव लगातार आते रहे।

पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही इस संबंध में आगे कार्रवाई की जाएगी। जिले में चिटफंड से संबंधित कई मामलों में कई लोगों के लाखों रुपए फंसे होने की आशंका है। आरोपी फातिमा बानो और हामिद मेमन रायपुर के हैं और सीबू खान राजनांदगांव के रहने वाले हैं. ये तीनों अनमोल इंडिया कंपनी के निदेशक थे।सात अन्य आरोपी छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में रहने वाले थे और छत्तीसगढ़ में कंपनी की कोर कमेटी के सदस्य के रूप में काम कर रहे थे। ये सदस्य निवेशकों को आकर्षित करने के लिए प्रचार अभियान चलाते थे।

विशेष न्यायाधीश बीपी वर्मा ने अपने आदेश में कहा है कि प्रकरण की समस्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवेदक के आवेदन में उल्लेखित तथ्यों के संदर्भ में अन्वेषण कर अंतिम प्रतिवेदन पेश करने के लिए निर्देशित किया जाए. इस पूरे प्रकरण में अनावेदकगण अनमोल इंडिया के संचालकों में मो. जावेद मेमन, सपुरा मेमन, मो. जुनैद मेमन, निलोफर बानो, मो. खालिद मेमन, नादिया बानो, हाजी उमर मेमन, फातिमा बानो, हमीद मेनन, सीबू खान, मूलचंद देवांगन, लोकेश साहू, युवराज देवांगन, परमानंद साहू, अनिल चौहान, सुखदेव साहू, डीआर साहू, अभिषेक सिंह, नरेश डाकलिया और अन्य हैं.

वरिष्ठ पत्रकार जेपी सिंह की रिपोर्ट.

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