मजीठिया क्लेम पर जवाब नहीं देना पंजाब केसरी को पड़ा भारी

ए.एल.सी जयपुर ने ठोकी डबल कोस्ट… जयपुर। पंजाब केसरी की कम्पनी द हिन्द समाचार लिमिटेड को मजीठिया क्लेम मामले को लगातार छह माह से टालते हुए जवाब नहीं देना उस समय महंगा पड़ गया जब अतिरिक्त श्रम आयुक्त सी.बी.एस. राठौर ने कम्पनी पर लगातार दूसरे माह 500-500/- रूपये की कोस्ट लगा दी। श्रम विभाग जयपुर के इतिहास में संभवतः यह पहला अवसर है कि उसने किसी बड़े मीडिया संस्थान के विरूद्ध डबल कोस्ट लगा उसके प्रबंधन के घंमड को चूर-चूर किया है।

गौरतलब है कि पंजाब केसरी की कम्पनी पर दो पत्रकारों दुर्गेश कुमार व आशुतोष बत्ता व दो गैर पत्रकारों राजेन्द्र कुमार बैरवा व अनिल कुमार शर्मा ने सितम्बर 2017 माह में मजीठिया क्लेम केस किया था। इसकी सुनवाई वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट 1955 की धारा 17(1) के तहत लेबर कमिश्नर जयपुर के यहाँ चल रही है।

मीडियाकर्मियों ने बताया कि पंजाब केसरी की कम्पनी लगतार छह माह से उनके क्लेम पर तारीख पर तारीख ले रही थी। पूरे मामले में कम्पनी द हिन्द समाचार लिमिटेड का क्लेम पर रवैया टालने व विलंब करने का रहा है। इससे नाराज होकर अतिरिक्त श्रम आयुक्त सी.बी.एस राठौर ने अपनी न्यायिक शक्ति का इस्तेमाल कर कम्पनी द हिन्द समाचार लिमिटेड पर पहली कोस्ट 21 जनवरी 2018 एवं 14 फरवरी 2018 को 500-500 रूपये परिवाद कोस्ट लगाते हुए पंजाब केसरी प्रबंधन को उसकी औकात समझाते हुए आईना दिखाया है।

मामले की अगली तारीख 8 मार्च है। देखना होगा कि इस तारीख पर पंजाब केसरी की कम्पनी द हिन्द समाचार लिमिटेड मीडियाकर्मियों के क्लेम पर जवाब देती है या नहीं। वहीं इस मामले में अतिरिक्त श्रम आयुक्त सी.बी.एस राठौर का भी आगे का रूख देखने वाला होगा। मजीठिया क्लेम का जवाब नहीं देने पर वे आगे क्या कार्यवाही करते हैं, इस पर राजस्थान ही नहीं बल्कि देश भर के सभी मजीठिया लड़ाकों की पैनी नज़र रहेगी। 



भड़ास का ऐसे करें भला- Donate

भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *