अखबार में छपी खबर के लिए स्वर्गीय संपादक की पत्नी को मिला कोर्ट का सम्मन

पिछले साल अमेरिका में किए गए एक सर्वे में निकल कर आया था कि पत्रकार की नौकरी वेटर और कसाई से भी गिरा हुआ है. लेकिन इस पेशे को सबसे खतरनाक पेशे में शुमार किया जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं क्योंकि इस पेशे के दुश्मन मरने के बाद भी अपनी दुश्मनी निकालने से बाज नहीं आ रहे हैं. मामला गुवाहाटी का है. यहां से निकलने वाले हिंदी दैनिक “दैनिक पूर्वोदय” के संपादक का निधन होने के बाद उनकी पत्नी को कोर्ट से सम्मन मिला है।

व्यावसायिक प्रतिष्ठान में लगी आग और उसके बाद एक गरीब कर्मचारी की मौत को लेकर अखबार में छपी एक खबर के खिलाफ यहां के एक व्यवसायी आनंद पोद्दार द्वारा दायर याचिका के तहत कामरूप नगर जिला के सिविल जज (दो) ने अखबार के पूर्व संपादक की पत्नी अमिता पाठक को उनका कानूनन प्रतिनिधि बताते हुए आगामी 8 जनवरी को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है. पति के अचानक गुजर जाने और परिवार के बोझ से सदमें में चल रहीं पाठक जी की पत्नी कोर्ट से सम्मन पाने के बाद अपने को मुश्किल स्थिति में पा रही हैं.

कहा जाता है कि किसी के मरने के बाद उससे दुश्मनी खत्म हो जाती है लेकिन कार बेच कर पैसे कमाने के जुनून में मगन व्यवसायी पोद्दार को पाठक जी की मृत आत्मा पर हमला करके मजा आ रहा है. एक संपादक की मौत पर यह कारोबारी उल्लास में है और अबोध परिजनों को सता कर अपनी भड़ास निकालना चाह रहा है. व्यवसायी पोद्दार की इस हरकत से पत्रकार बिरादरी में भारी रोष है.



भड़ास व्हाट्सअप ग्रुप- BWG-10

भड़ास का ऐसे करें भला- Donate






भड़ास वाट्सएप नंबर- 7678515849

Leave a Reply

Your email address will not be published.

*

code