डीजीपी सिद्धू भूमि प्रकरण पद के व्यापक दुरुपयोग का उदाहरण है

मैं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर और मेरे पति यूपी के आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर उत्तराखंड के डीजीपी बी एस सिधू द्वारा ख़रीदे गए विवादित वन भूमि से सम्बंधित प्रकरण की अपनी निजी हैसियत में जांच करने और इस पर अग्रिम कार्यवाही करने के लिए आज देहरादून आये.

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विवादित वन भूमि का निरीक्षण करते नूतन ठाकुर और अमिताभ ठाकुर

हमने राजपुर, देहरादून स्थित विवादित वन भूमि का निरीक्षण किया. हमने वहां मौके पर कटे हुए पेड़ के निशान और एक अत्यंत जीर्ण-शीर्ण कमरा देखा जो ऊँची पहाड़ी पर चारों ओर फैले वन भूमि में अवस्थित हैं. साथ ही हमने इस सम्बन्ध में इलाके के लोगों से पूछताछ भी की.

हमें इस मामले में लगभग सभी सम्बंधित अभिलेखों का अध्ययन किया है. प्रथमद्रष्टया यह मामला बीएस सिधू द्वारा एक उच्च पदस्थ अधिकारी के रूप में द्वारा अपने निजी लाभ के लिए अपने पद के व्यापक दुरुपयोग का प्रतीत होता है. साथ ही हमारी अब तक की जांच से यह मामला व्यक्तिगत स्वार्थ के वशीभूत हो कर कई स्तरों पर गंभीर अनियमितता करने, फर्जी कागजात बनाने, कर्तव्यनिष्ठ लोगों को फंसाने का प्रयास करने, लगातार पेशबंदी करने और एक पूरे तंत्र को अपने हितों के लिए साधन बना कर उसका दुरुपयोग करने का ज्वलंत उदाहरण दिखता है.

अब तक की जांच से हमने डॉ. धीरज पाण्डेय, डीएफओ और निर्विकार सिंह, उप निरीक्षक के सम्बन्ध में बहुत शानदार मत निर्धारित किया है जो एक व्यक्ति विशेष के निहित स्वार्थों को विफल कर विधि का राज्य स्थापित करने हेतु कर्तव्यशील दिखते हैं.

 

डॉ. नूतन ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता, लखनऊ।

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Comments on “डीजीपी सिद्धू भूमि प्रकरण पद के व्यापक दुरुपयोग का उदाहरण है

  • purushottam asnora says:

    dr dhiraj pandey our nirvikar singh ko fansa kar d g p pad ka durupayog kar raha hai, is mamle mai adalat mai shasan k halafname k bad bhi usaka pad par bana rahna uttrakhand mai bhrashtachar ki kahaniyou par muhar lga raha hai.

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