दैनिक जागरण ने अब तक नहीं दिया मजीठिया वेज, परंतु कर्मचारियों का शोषण जारी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी जागरण मैनेजमेंट के लोग अब तक कर्मचारियों को मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ तो दूर, सम्मानित वेतन तक नहीं दे रहे। एक ही वेतन में दो कार्य (अखबार के लिए रिपोर्टिंग/एडिटिंग और डिजिटल के लिए ऑनलाइन ब्रेकिंग) लिया जा रहा है। लगातार शोषण से जागरण के कर्मी परेशान है। जागरण मैनेजमेंट झूठ पर झूठ बोल रहा है।

जागरण मजीठिया वेज बोर्ड के मानकों के अनुसार वेतन तो नहीं पर दे रहा लेकिन शोषण ज्यादा ही बढ़ गया है। कर्मचारियों को हायर किया जा रहा है, उनसे काम लिया जा रहा है पर वे जागरण के कर्मचारी के रूप में नहीं अपितु किसी अनजान कंपनी के नाम पर पंजीकृत कर्मचारी हैं। सबसे 8-10 घंटे काम लिया जा रहा है और वेतन 5000 रुपये या उससे भी कम दिया जा रहा है।

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

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