बिहार में दैनिक जागरण कर रहा अपने कर्मियों का शोषण, श्रम आयुक्त ने जांच के आदेश दिए

दैनिक जागरण, गया (बिहार) के पत्रकार पंकज कुमार ने श्रम आयुक्त बिहार गोपाल मीणा के यहाँ एक आवेदन दिनांक लगाया था. पिछले महीने 26 जुलाई को दिए गए इस आवेदन में पंकज ने आरोप लगाया था कि गया जिले सहित जागरण के बिहार के सभी चार प्रकाशन केंद्र में श्रम कानून के तहत मीडियाकर्मियों और गैर-मीडियाकर्मियों को कई किस्म का लाभ नहीं दिया जा रहा है. यहां 90 प्रतिशत से अधिक पत्रकार एवं गैर पत्रकारों का प्राविडेंट फंड, स्वास्थ्य बीमा, सर्विस बुक सहित कई सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है. साथ ही माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय द्वारा मजीठिया वेज बोर्ड के तहत सेलरी, पद और ग्रेड की जो घोषणा की जानी थी, उसे भी नहीं नहीं किया गया है.

दिल्ली की श्रम अदालत ने दैनिक जागरण पर ठोंका दो हजार रुपये का जुर्माना

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड मामले से जुड़े दिलीप कुमार द्विवेदी बनाम जागरण प्रकाशन मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा श्रम न्यायालय ने दैनिक जागरण पर दो हजार रुपये का जुर्माना ठोंक दिया है। इस जुर्माने के बाद से जागरण प्रबंधन में हड़कंप का माहौल है। बताते हैं कि गुरुवार को दिल्ली की कड़कड़डूमा श्रम न्यायालय में दैनिक जागरण के उन 15 लोगों के मामले की सुनवाई थी जिन्होंने मजीठिया बेज बोर्ड की मांग को लेकर जागरण प्रबंधन के खिलाफ केस लगाया था। इन सभी 15 लोगों को बिना किसी जाँच के झूठे आरोप लगाकर टर्मिनेट कर दिया गया था। गुरुवार को जब न्यायालय में पुकार हुयी तो इन कर्मचारियों के वकील श्री विनोद पाण्डे ने अपनी बात बताई।

मनोझ झा बने दैनिक जागरण दिल्ली-एनसीआर के संपादक

मनोज झा

नोएडा स्थित दैनिक जागरण आफिस से एक बड़े बदलाव की सूचना है. अखबार के दिल्ली-एनसीआर एडिशन का संपादक अब मनोज झा को बना दिया गया है. इसके पहले संपादक बृज बिहारी चौबे हुआ करते थे जो करीब हफ्ते भर से आफिस नहीं आ रहे हैं. चर्चा है कि चौबे को या तो अखबार प्रबंधन ने हटा दिया है. सूचना के मुताबिक नोटबंदी के ऐलान वाले दिन इससे संबंधित खबर एनसीआर के एडिशंस में नहीं छपी जिससे नाराज संजय गुप्ता ने चौबे को नौकरी से निकाल दिया.

दैनिक जागरण ने अब तक नहीं दिया मजीठिया वेज, परंतु कर्मचारियों का शोषण जारी

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी जागरण मैनेजमेंट के लोग अब तक कर्मचारियों को मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ तो दूर, सम्मानित वेतन तक नहीं दे रहे। एक ही वेतन में दो कार्य (अखबार के लिए रिपोर्टिंग/एडिटिंग और डिजिटल के लिए ऑनलाइन ब्रेकिंग) लिया जा रहा है। लगातार शोषण से जागरण के कर्मी परेशान है। जागरण मैनेजमेंट झूठ पर झूठ बोल रहा है।

शोषण से त्रस्त सिक्योरिटी गार्डों ने दैनिक जागरण इलाहाबाद को दिया जोरदार सबक

दुनिया भर के लोगों की लड़ाई लड़ने वाले मीडियाकर्मी अपने हक-अधिकार के नाम पर सोए लगते हैं लेकिन कम पढ़े लिखे उन्हीं के आफिस के सिक्योरिटी गार्ड अपने अधिकार को लेकर गजब के सतर्क निकले. इलाहाबाद से खबर है कि दैनिक जागरण प्रबंधन के शोषण से त्रस्त सिक्योरिटी गार्डों ने सेलरी मिलने के बाद अचानक ही आफिस को उसके हाल पर छोड़कर गायब हो गए. कई घंटे बीत जाने के बाद आफिस के लोगों ने गौर किया तो उन्हें समझ में आया कि सिक्योरिटी गार्ड तो गायब हो चुके हैं.

उफ्फ… दैनिक जागरण अलीगढ़ और ईनाडु टीवी हैदराबाद में हुई इन दो मौतों पर पूरी तरह लीपापोती कर दी गई

अलीगढ दैनिक जागरण के मशीन विभाग में कार्यरत एक सदस्य की पिछले दिनों मशीन की चपेट में आकर मृत्यु हो गई. न थाने ने रिपोर्ट लिखा और न ही डीएम ने कुछ कहा. शायद सब के सब जागरण के प्रभाव में हैं. यह वर्कर 2 दिन पहले वहां तैनात किया गया था. उसका भाई वहां पहले से कार्यरत था. पंचनामा जबरन कर लाश को उठवा दिया गया. बताया जाता है कि अलीगढ़ दैनिक जागरण में शाफ्ट टूट कर सिर में लगने से मौत हुई.

जागरण प्रबंधन की नीच हरकत : जानिए क्यों निकाल दिया अपने दो पत्रकारों अरविंद और संजीव को…

Arjun Sharma : टोनी व श्रीवास्तव का जागरण से बाहर होना आज की मीडिया की वास्तविकता… दोस्तों दैनिक जागरण प्रबंधन ने आज अपने दो वरिष्ठ पत्रकारों लुधियाना के ब्यूरो चीफ अरविंद श्रीवास्तव व प्रमुख फोटो जर्नलिस्ट संजीव टोनी से इस जुर्म के बदले त्यागपत्र मांगा क्योंकि एक अकाली पार्षद की गुंडागर्दी के खिलाफ जागरण प्रबंधन के कहने पर ही इन दोनों पत्रकारों ने ये मुद्दा उठाया पर बीते रोज अरविंद केजरीवाल ने लुधियाना दौरे के दौरान जब पत्रकारों के साथ हो रही धक्केशाही का मुद्दा उठा दिया तो इल्जाम ये लगाया कि उन्होंने (इन दोनों पत्रकारों ने) पंजाब में अरविंद केजरीवाल को अकालियों के खिलाफ मुद्दा दे दिया है।

दैनिक जागरण में कितने यादव हैं, सीएम अखिलेश ने सरेआम पूछ लिया (देखें वीडियो)

Mahendra Yadav : मिस्टर दैनिक जागरण ! आप बताते क्यों नहीं कि दैनिक जागरण में कितने यादव हैं? जागरण फोरम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ये सवाल किया है तो जवाब तो बनता है न! चलिए, ब्राह्मण कितने हैं, ठाकुरों को कितनी जगह मिली है, कायस्थों को कितनी सीटें मिली हैं, बनियों को कितनी मिली है, कितने अल्पसंख्यक हैं, कितने आदिवासी हैं…कितने ओबीसी हैं..यही बता दीजिए..

कैराना का पलायन और जागरण की पत्रकारिता : इस बेवकूफी भरी रिपोर्टिंग पर ना हंसा जा सकता है ना रोया जा सकता है

Sanjaya Kumar Singh : कैराना से हिन्दुओं के कथित पलायन के आरोप और आरोप लगाने वाले सांसद, उनकी पार्टी की राजनीति के बाद अब देखिए जागरण की पत्रकारिता। “फिलहाल कलेजा थाम कर बैठा है कैराना” – शीर्षक अपनी रपट में अवनीन्द्र कमल, कैराना (शामली) लिखते हैं, “दोपहर की चिलचिलाती धूप में पानीपत रोड पर लकड़ी की गुमटी में अपने कुतुबखाने के सामने बैठे मियां मुस्तकीम मुकद्दस रमजान महीने में रोजे से हैं। पलायन प्रकरण को लेकर उनके जेहन में खदबदाहट है। चाय की चुस्कियों में रह-रहकर चिन्ताएं घुल रही हैं, मुस्तकीम की। कहते हैं मुल्क में कैराना को लेकर जैसी हलचल है, वैसी यहां नहीं। देख लीजिए। यह सब सियासतदां कर रहे हैं। चुनावी आहट है न। धार्मिक आधार पर मतों के ध्रुवीकरण के लिए कैराना को बदनाम किया जा रहा है, क्यों? दल कोई हो, बरी कोई नहीं है। नैतिकताएं रेगिस्तान हो रही हैं। हां गुंडों- अपराधियों ने यहां के माहौल को जरूर बिगाड़ा है, लेकिन अभी गनीमत है।”

मूर्ख पत्रकार अवनींद्र कमल ने मुस्तकीम को रोजे में चाय पीते हुए बताया और इसे दैनिक जागरण ने छाप दिया!

Wasim Akram Tyagi : दैनिक जागरण का एक पत्रकार अवनीन्द्र कमल कैराना पहुंचा. लौटकर अपने हिसाब से ‘बेहतरीन’ रिपोर्ताज लिखा. शीर्षक है- ”फिलहाल कलेजा थामकर बैठा है कैराना”. यह रिपोर्ताज जागरण के 20 जून के शामली संस्करण में प्रकाशित भी हो गया. अब जरा इन महोदय की लफ्फाजी देखिये…

दैनिक जागरण कपूरथला का कारनामा

दैनिक जागरण के कपूरथला के अंक में जसकीरत अपहरण कांड संबधित कवरेज छपी है। यह सारी कवरेज उन्होंने दैनिकमेल.काम से उठाई है और खास बात यह है कि एक शब्द भी खबर में नहीं बदला पूरी की पूरी कापी पेस्ट। दैनिकमेल.डाट काम निखिल शर्मा चला रहे हैं जो दैनिकजागरण में पन्द्रह साल क्राम रिपोर्टर रहे हैं। पिछले साल मजीठिया के खिलाफ आवाज उठाई तो जागरण से उनका पंगा हो गया। निखिल शर्मा ने मजीठिया मामले में जागरण मैनेजमेंट और जालंधर के संपादक विजय गुप्ता के खिलाफ शिकायत भी दर्ज करवाई हुई है जिसमें विजय गुप्ता थाने में पेश होकर बयान भी देकर आए थे।

दैनिक जागरण ने इलाहाबाद के पूर्व मेयर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह को जीते जी मार दिया

दैनिक जागरण महान अखबार है. यहां कभी मायावती के लिए गंदी गंदी गालियां छप जाया करती हैं तो कभी जिंदा लोगों को मरा घोषित कर दिया जाता है. ताजा मामला इलाहाबाद एडिशन का है. कल दैनिक जागरण इलाहाबाद में पेज नंबर नौ पर एक छोटी सी खबर छपी है जिसमें बताया गया है कि पूर्व मेयर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह के निधन के बाद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष निर्मल खत्री ने उनके घर पहुंचे और उन्होंने वहां शोक संतप्त परिवार को सांत्वाना दी.

मजीठिया : लेटलतीफी और समय पर जवाब न देने पर जागरण पर लगा 10 हजार रुपये का जुर्माना

नई‍ दिल्‍ली। दिल्‍ली में विश्‍वकर्मा नगर (झिलमिल कालोनी) स्थित उप श्रमायुक्‍त कार्यालय में चल रहे रिकवरी मामले में लेटलतीफी और समय पर जवाब नहीं देने पर दैनिक जागरण पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।

जागरण में काम कर चुके दंगाई राष्ट्रवादी पत्रकार डा. अनिल दीक्षित ने फेसबुक पर क्या लिख डाला, पढ़िए

Arun Maheshwari : अगर यह व्यक्ति दैनिक जागरण दैनिक का संपादक है तो कहना होगा, एक बदस्तूर अपराधी व्यक्ति भारत में हिंदी के एक प्रमुख अखबार का संपादक बना हुआ है। आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी की तरह के संपादकों की परंपरा वाली हिंदी भाषा के लिये इससे दुर्भाग्यपूर्ण और क्या हो सकता है।

प्रबंधन द्वारा सताए जागरण के सैकड़ों मीडियाकर्मियों को सुप्रीम कोर्ट से हासिल हुई निराशा

Stupidity of Two Advocates has let down Newspaper Employees

Newspaper employees, in general, and Dainik Jagran employees, in particular, got a jolt in the Supreme Court today because of the foolishness of their two advocates namely; Vinod Pandey and Ashwin Vaish when the Hon’ble Court refused to grant any relief to the employees, who are either victimised or about to be victimised.

बुलंदशहर में महिला डीएम के खिलाफ कुत्सित अभियान चलाने वाले दैनिक जागरण के खिलाफ जनता का गुस्सा भड़का, फूंका पुतला (देखें तस्वीरें)

बुलंदशहर में महिला आईएएस बी. चंद्रकला के खिलाफ लगातार कुत्सित अभियान चलाने वाले दैनिक जागरण से नाराज होकर लोगों ने अखबार और इसके पदाधिकारियों का पुतला फूंका. डीएम के खिलाफ महिला विरोधी घटिया अभियान चलाने को लेकर लोगों को गुस्सा फूटा. पंद्रह दिनों से रोज फर्जी न्यूज छापकर दैनिक जागरण ब्लैकमेलिंग की अपनी पत्रकारिता पर अडिग है और डीम को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है. रोज चार लड़कों को खड़ा कर प्रदर्शन की फर्जी तस्वीर और नेताओं के झूठे बयान छापने से जनता में भारी नाराजगी है.

दैनिक जागरण और दिलीप अवस्थी का दोगलापन

सर
सादर प्रणाम

सादर अवगत कराना है कि दैनिक जागरण जनपद अमेठी के विकासखंड बाजार शुकुल से मैं बतौर क्षेत्रीय रिपोर्टर पिछले पाँच वर्षों से समाचार लिख रहा था। कुछ माह पूर्व हुए पंचायत चुनाव में मैंने क्षेत्रपंचायत का चुनाव लड़ा। पंचायत चुनाव लड़ने के कारण मुझे दैनिक जागरण से यह कहकर हटा दिया गया कि दैनिक जागरण में चुनाव लड़ने वाले पत्रकारों को सम्पादक दिलीप अवस्थी द्वारा निकालने का आदेश हुआ है।

दैनिक जागरण ने कब्जाई व्यापारी की करोड़ो की जमीन, कोर्ट में केस दर्ज

बुलंदशहर की जिलाधिकारी बी. चन्द्रकला के संग जबरन सेल्फी प्रकरण के बाद आरोपी की वकालत में फँसे दैनिक जागरण का नया फर्जीवाड़ा सामने आया है। बी0 चंद्रकला को उनके माता-पिता द्वारा परिवार की सम्पत्ति बँटवारे में मिले एक फ्लैट और तेलंगाना के नक्सल प्रभावित रंगारेड्डी जिले में कृषि योग्य कुछ ज़मीन पर सवाल खड़े करने वाला दैनिक जागरण खुद भूमाफिया है। समाचार-पत्र की आड़ में सरकारी सिस्टम पर हेकड़ी जमाकर दैनिक जागरण ने काली कमाई और अवैध जमीनों की खरीद का एक बड़ा साम्राज्य देश में खड़ा किया है। ताज़ा मामला राजधानी लखनऊ का है। आपको बताते हैं कैसे जागरण ने 50 करोड़ की ज़मीन को फर्जीवाड़ा करके कब्जा रखा है।

किसी राष्ट्रीय अखबार का मोदी भक्ति के लिए इतना गिरना भी ठीक नहीं

खुद को विश्‍व का नबंर वन अखबार होने का दावा करता दैनिक जागरण मोदी भक्ति व संघ विचारधारा के प्रचार प्रसार में कोई कसर नहीं छोड़ रहा। पत्रकारिता के सारे उसूलों को सिरे से खारिज कर बेहद मूर्खाना व्‍यवहार करने पर तुला है यह संघी अखबार। 14 फरवरी को वेलेटाइन डे के मौके पर संघी, बजरंगी इसे झूठे तौर पर शहीदी दिवस करार देने में जुटे रहे। संघ और बजरंग से जुड़े लोगों का दावा है कि 14 फरवरी को शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को फांसी दी गई थी, इसलिए वेलेंटाइन डे का आयोजन शहीदों का अपमान है। हालांकि तथ्‍य यह है कि 23 मार्च को इन तीनों शहीदों को फांसी दी गई थी।

नरेंद्र मोदी की शह पाकर दैनिक जागरण के मालिक और सीईओ संजय गुप्‍ता अपराध की राह पर निकल पड़े हैं!

Fourth Pillar : अपराधियों, घोटालेबाजों और तस्‍करों को संरक्षण दे रहे हैं संजय गुप्‍ता… वाहन पर प्रेस लिखा देख कर पुलिस वाले सम्‍मान में वाहन को नहीं रोकते और उसकी जांच करना पत्रकारिता का अपमान समझते हैं। उन्‍हें लगता है कि इस वाहन में कोई गणेश शंकर विद्यार्थी बैठा होगा। पहले कमोवेश यह बात सही भी रही होगी, लेकिन सावधान। दैनिक जागरण के प्रेस लिखे वाहन में कोई अपराधी, घोटालेबाज अथवा तस्‍कर भी हो सकता है।

निकल गयी जागरण की हेकड़ी, रामगोपाल बोले- साथ काम करना है, निपटाओ मामला

पिछले कई दिनों से सरकारी सब्सिडी के अखबारी कागज पर क्रांति की चिंगारी सुलगाने का दावा करने वाले दैनिक जागरण की हेकड़ी गुरूवार को उस वक्त निकल गयी जब मेरठ में प्रोफेसर रामगोपाल पहुँचे थे। सरकार का मुँह टाप रहे जागरणी पत्रकारों को उम्मीद थी कि रामगोपाल यादव उनके कहने भर से डीएम बी0 चन्द्रकला को कालापानी दे देंगे। लेकिन कागज पुर्जे पर ज्ञापन रूपी चार लाइनें लिखकर ज्योंही पत्रकारों ने प्रोफेसर रामगोपाल के सामने पेश की, उन्होने झट से कहा निपटाते क्यों नही..बस छापे जा रहे हो।

जागरण के पत्रकार पर फोन टेपिंग का आरोप, वकील ने थाने में दी तहरीर

बुलंदशहर में डीएम संग जबरन सेल्फी प्रकरण में जागरण की 10 दिन की इम्पोर्टिड पत्रकारिता पर खतरे के बादल मँडरा रहे है। एक वकील ने बुलंदशहर के अनूपशहर थाने में जागरण के ब्यूरो चीफ सुमनलाल कर्ण और उनके संपादकों के खिलाफ साइबर क्राइम के तहत केस दर्ज किये जाने की तहरीर दी है। वकील का आरोप है कि ब्यूरो चीफ सुमनलाल ने बिना बताये डीएम का फोन टेप किया और उसका इस्तेमाल अपने स्वार्थवश करके उनकी निजता का हनन किया है।

दैनिक जागरण के मालिकानों ने दिखाया अखिलेश सरकार को ठेंगा

नई दिल्ली/ नोएडा। हुआ वही जिसका अंदाजा था। तानाशाह दैनिक जागरण के मालिकानों ने उत्तर प्रदेश की समाजवादी अखिलेश यादव सरकार को ठेंगा दिखा दिया। अखिलेश सरकार ने गत 25 जनवरी को प्रदेश के मीडियाकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए हेल्पलाइन सेवा का शुभारम्भ किया था। खुद मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने सेवा की शुरुआत करते हुए उत्तर प्रदेश के तमाम मीडियाकर्मियों को इस बात का विश्वास दिलाया था कि हेल्पलाइन निश्चित रूप से मीडियाकर्मियों के मसलों को सुलझाएगी और उन्हें इन्साफ दिलाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

दैनिक जागरण की कुत्सित मानसिकता पर बुलंदशहर के सफाईकर्मियों का प्रहार, आफिस को कचरे से पाटा (देखें वीडियो)

बुलंदशहर में डीएम संग जबरन सेल्फी खिचाने वाले आरोपी की वकालत करने वाले दैनिक जागरण को अब समाज के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 5 दिनों से महिला विरोधी मानसिकता से की जा रही पत्रकारिता पर जिले के सफाईकर्मियों ने प्रहार कर दिया है। महिला सम्मान की इज्जत उतारने वाले दैनिक जागरण का आफिस कूड़े से पाट दिया गया है और सफाईकर्मियों ने ऐलान किया है कि अगर अपनी बदतमीजियां जागरण ने बंद नही की तो पूरे शहर का कचरा जागरण के आफिस पर डाला जायेगा।

मानवाधिकारों का हनन कर रहा दैनिक जागरण, अहंकार त्यागने को तैयार नहीं मालिकान

नई दिल्ली/ नोएडा। मानवाधिकारों का हनन और कर्मचारियों का शोषण करने में नंबर एक संस्थान है दैनिक जागरण। ये अखबार खुद को विश्व में सबसे अधिक पढ़े जाने का दावा करता है। लेकिन इसे इस मुकाम तक पहुँचाने वाले कर्मचारियों का शोषण करने में इसने कभी कोई कसर नहीं छोड़ी। आप अखबार उठाकर देखिये पूरा अखबार सदाचार, संस्कार और नैतिकता के बारे में भाषणों से भरा हुआ मिलेगा।

जागरण कर्मचारियों से सीखो हक़ के लिए लड़ना

नई दिल्ली : मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर दिल्ली-एनसीआर और देश के अन्य राज्यों में विभिन्न प्रिंट मीडिया समूहों में कार्यरत कर्मचारियों के बीच चर्चाओं का बाजार गर्म है। देश भर के मीडियाकर्मियों की नजर माननीय अदालत में होने वाली अगली सुनवाई पर है। लेकिन अत्याचारी अखबार मालिकानों से भिड़कर आंदोलन को इस मुकाम तक पहुँचाने वाले दैनिक जागरण के कर्मचारियों की हिम्मत की जितनी प्रशंसा की जाये, कम है।

आंदोलन के चार माह पूरे, जागरण कर्मचारियों के हौसले बुलंद

नई दिल्ली/ नोएडा। मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू करने की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे दैनिक जागरण के कर्मचारियों के आंदोलन को चार माह का समय पूरा हो चुका है। इस दौरान कर्मचारियों ने नई दिल्ली स्थित जंतर मंतर से लेकर इंडिया गेट और नोएडा तक अपनी आवाज़ बुलंद की। लेकिन सबका साथ- सबका विकास की बात करने वालों तक उनकी आवाज़ नहीं पहुंची। इसका एक कारण तो यह हो सकता है कि ऐसे लोगों के लिए शायद मेहनतकशों का दर्द कोई मायने नहीं रखता और दूसरा यह कि कर्मचारी जिन दैनिक जागरण के मालिकानों के खिलाफ लड़ रहे हैं उनसे उनकी काफी निकटता है।

संजय गुप्ता यानि स्वतंत्रता का दुश्मन

Shrikant Singh : देश के इस दुश्‍मन को अच्‍छी तरह पहचान लें… दोस्‍तो, देश के दुश्‍मनों से लड़ने से कहीं ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण उन्‍हें पहचानना है। सीमापार के दुश्‍मनों से कहीं अधिक खतरनाक दुश्‍मन देश के अंदर हैं। आप उन्‍हें पहचान गए तो समझिए हमारी जीत पक्‍की। हम आपका ध्‍यान देश के एक ऐसे दुश्‍मन की ओर दिलाना चाहते हैं, जो पुलिस, प्रशासन, देश की न्‍यायपालिका और यहां तक कि देश की व्‍यवस्‍था तक को प्रभावित कर अपनी मुनाफाखोरी के जरिये इस देश को लूट रहा है। आप पहचान गए होंगे। हम दैनिक जागरण प्रबंधन की बात कर रहे हैं। आज 26 जनवरी है। गणतंत्र दिवस। इस दिन एक वाकया याद आ रहा है।

दैनिक जागरण मुरादाबाद में संपादक का आतंक

दैनिक जागरण मुरादाबाद में इस समय आतंक का माहौल है। बताया जाता है कि इस समय संपादकीय के सारे साथी संपादक के रवैये से परेशान हैं। इसी वजह से एक के बाद एक आदमी यहां से कम होता जा रहा है। जब से संपादक धर्मेंद्र किशोर त्रिपाठी यहां कार्यभार ग्रहण किए हैं तब से आधा दर्जन से अधिक लोग अखबार छोडकर जा चुके हैं। सबसे पहले यहां से सब एडिटर लवलेश पांडे संपादक की गाली गलौज से त्रस्त होकर अखबार छोडे। उसके बाद मणिकांत शर्मा ने हिंदुस्तान ज्वाइन कर लिया। इसके बाद डेस्क से सीनीयर साथी रमेश मिश्रा संपादक के रवैये से त्रस्त होकर अखबार छोड गए। इसके बाद अभिषेक आनंद ने अखबार छोडकर हिंदुस्तान हल्द्वानी ज्वाइन कर लिया।

दैनिक जागरण, रांची के आफिस में दो कर्मी आपस में भिड़े, हुई मारपीट

दैनिक जागरण रांची कार्यालय में इस समय अव्यवस्था चरम पर है। यहां मौखिक नियम बनाए जाते हैं और चेहरा देखकर काम कराया जा रहा है। कुछ खास लोगों के लिए खास नियम हैं। इस कारण आए दिन गाली गलौज की घटनाएँ होती रहती हैं। गुरुवार की रात करीब दस बजे इनपुट विभाग के आशीष झा और पेज आपरेटर मनोज ठाकुर के बीच पेज बनाने को लेकर पहले विवाद और फिर जमकर मारपीट हुई।