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डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट, इलाहाबाद में सेलरी संकट

खबर है कि डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट इलाहाबाद की हालत खराब है. यहां कार्यरत पत्रकारों को तीन माह से तनख्वाह नहीं मिली है. नवंबर का वेतन जनवरी में तो दिसम्बर का वेतन होली पर मिला. अब अख़बार के मालिक तुलसियानी पर लोगों का तीन माह का बकाया चढ़ गया है. सेलरी के मामले में अखबार के संपादक जेपी सिंह भी कुछ कर नहीं पा रहे हैं. ऐसे में कुछ लोग ऑफिस आ रहे हैं तो कुछ बिना छुटी के ही गायब हैं.

खबर है कि डेली न्यूज़ एक्टिविस्ट इलाहाबाद की हालत खराब है. यहां कार्यरत पत्रकारों को तीन माह से तनख्वाह नहीं मिली है. नवंबर का वेतन जनवरी में तो दिसम्बर का वेतन होली पर मिला. अब अख़बार के मालिक तुलसियानी पर लोगों का तीन माह का बकाया चढ़ गया है. सेलरी के मामले में अखबार के संपादक जेपी सिंह भी कुछ कर नहीं पा रहे हैं. ऐसे में कुछ लोग ऑफिस आ रहे हैं तो कुछ बिना छुटी के ही गायब हैं.

इन हालात को देखते हुए यहां काम करने वाले हम सभी लोग अपने भविष्य को लेकर चिंचित हैं. समझ नहीं आ रहा कि क्या किया जाये. विज्ञापन प्रभारी काम छोड़ चुके हैं. इलाहाबाद में यूनिट लगाने के कई साल बाद यह दुर्दिन आई है. भड़ास से अपना दर्द इस उम्मीद के साथ हम लोग साझा कर रहे हैं कि हो सकता है कि यहां छपने से हम लोगों का कुछ काम बन जाए.

एक मीडियाकर्मी द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
1 Comment

1 Comment

  1. aditya kumar srivastava

    March 31, 2016 at 2:55 pm

    bhai lucknow daily news activist ka hall bhi to likho. yaha 2014 me sunit srivastava, rakesh yadav sahit 23 logo ki sewaiye samapt ki gayi to 2015 me 10 logo ki including anil bhardwaj

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