मंत्री-अफसरों पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए डिप्टी एसपी ने लगा ली फांसी

कर्नाटक में तीन दिन में दूसरे सीनियर पुलिस अफसर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। कोडागू जिले के डीएसपी एमके गणपति का शव पंखे से लटका मिला। उस वक्त वे वर्दी में थे और उनकी सर्विस रिवॉल्वर कमर में लगी थी। सुसाइड से पहले उन्होंने एक लोकल चैनल को इंटरव्यू दिया था। मंगलवार को बेलगावी में डीएसपी कलप्पा हंदिबग ने भी कथित तौर पर सुसाइड कर लिया था। उन पर किडनैपिंग केस में 10 लाख की फिरौती लेने का आरोप था।

एमके गणपति (51) ने कुर्ग के पास मदिकेरी की एक लॉज में सुसाइड किया। उनके पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। सुसाइड नोट में सिद्धारमैया सरकार के मंत्री और कांग्रेस नेता के.जे. जॉर्ज, उनके बेटे और दो सीनियर पुलिस अफसरों के नाम लिखे हैं। गणपति ने सुसाइड से कुछ देर पहले लोकल मीडिया से बातचीत में कहा था कि पुलिस अफसर और मंत्री मिलकर उसे परेशान कर रहे हैं। उनके खिलाफ लोकायुक्त और ह्यूमन राइट्स की गलत जांच कराई जा रही है और सीनियर पुलिस अफसर पैसे देने का दबाव बना रहे हैं। गणपति ने गुरुवार सुबह 10 बजे लॉज में चेक-इन किया था। इसके बाद वर्दी में लोकल मीडिया को इंटरव्यू दिया।

दोपहर करीब 1 बजे वापस लॉज में लौटे और इसके बाद रात को उनका शव कमरे में पंखे से लटका मिला था। गणपति मूलरूप से सिद्धपुर के रहने वाले और 1991 बैच के अफसर थे। उन्हें स्पोर्ट्स कोटा से पुलिस सर्विस में एंट्री मिली थी। शुक्रवार को इस मामले में सीएम सिद्धारमैया ने सीआईडी जांच के ऑर्डर दिए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में गणपति ने कहा था कि अगर उन्हें कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार पुलिस अफसर प्रणब मोहंती और लोकायुक्त पुलिस के आईजी ए.एम. प्रसाद होंगे। उन्होंने पूर्व होम मिनिस्टर के.जे. जॉर्ज पर भी परेशान करने का आरोप लगाया था। कहा कि मंत्री ने एनकाउंटर केस में मेरे खिलाफ गलत जांच कराई। बेंगलुरु के 6 साल पुराने एक एनकाउंटर केस में गणपति के खिलाफ जांच चल रही थी। डीएसपी ने प्रशांत नाम के बदमाश का एनकाउंटर किया था। बाद में उसकी मां उमा देवी ने तब मुख्यमंत्री सदानंद गौड़ा और ह्यूमन राइट्स कमीशन से शिकायत की थी।

माना जा रहा है कि पॉलिटिकल प्रेशर के चलते डीएसपी ने सुसाइड की है। दो महीने पहले ही उनका ट्रांसफर मैंगलोर के आईजी ऑफिस में हुआ था। मंत्री जॉर्ज के बेटे ने मीडिया से कहा है कि वे नहीं जानते कि गणपति ने उनकी फैमिली का नाम नोट में क्यों लिखा। उनसे थोड़ी-बहुत जान-पहचान जरूर थी। पुलिस फिलहाल इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही है। एसपी राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि हम मामले की जांच कर रहे हैं।

पुलिस अफसरों की मौत के मामले को असेंबली में उठाने के लिए विपक्ष ने तैयारी कर ली है। बीजेपी नेता जगदीश शेट्टार ने कहा कि हम इस मुद्दे को असेंबली में उठाएंगे और विरोध करेंगे। सीएम सिद्धारमैया अपने मंत्री केजे जॉर्ज से फौरन इस्तीफा लें और पुलिस की मौत पर जवाब दें। गणपति के सुसाइड को लेकर बीजेपी ने मंत्री जॉर्ज और सरकार के खिलाफ बेंगलुरु में प्रदर्शन भी किया। कर्नाटक पुलिस की एक महिला डीएसपी अनुपमा शेनॉय भी काम में एक मंत्री की दखलंदाजी पर रिजाइन कर चुकी हैं। उन्होंने पिछले महीने फेसबुक पर क्विट एंड रिजाइन लिख कर इस्तीफा दिया था। जो काफी वायरल हुआ था। अनुपमा ने बेल्लारी एसपी आर. चेतन के खिलाफ परेशान करने की शिकायत वुमन्स कमीशन से की है।



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