पत्रकार ही पड़ गए पत्रकार के पीछे, दर्ज करा दी फर्जी रिपोर्ट

सेवा में,
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
कानपुर नगर

विषय :- केबिल टीवी माफियाओं और उनके गुर्गों द्वारा रचित सडयंत्र में प्रार्थी को फंसाये जाने की साजिस के सम्बन्ध में …

महोदय,

प्रार्थी सादर अवगत कराना चाहेता है की प्रार्थी विगत 10 वर्षो से विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया सस्थानों से जुडा हुआ पेशे से पत्रकार है और वर्तमान समय में कानपुर जिले से प्रकाशित मीडिया ब्रेक समाचार पत्र का सम्पादक है। प्रार्थी ने कड़ी मेहनत से उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व को छति पहुचाने वाले करोडो रुपये के मनोरंजन कर राजस्व घोटाले को उजागर किया है और सम्बन्धित खबरों को प्रमाण सहित कई बार प्रकाशित भी किया है। खबरों के प्रकाशन और कार्यवाही से घबराकर केबिल टीवी माफिया और उनके गुर्गे कई बार सडयंत्र के तहत प्रार्थी को अंजाम भुगतने की धमकियाँ भी विभिन्न तरह से दे चुके हैं जिसकी शिकायत मेरे द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय में आन लाइन भी दर्ज कराई गई थी। जिस पर आपके द्वारा कानपुर क्राइम ब्रांच के विवेचक शिव प्रसाद दुबे से जांच भी कराई जा चुकी है और जांच में आरोपों को सत्य पाते हुये थाना नौबस्ता में आई पी सी की धारा 409, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति भी की जा चुकी है।

इसी प्रकरण में क्षेत्राधिकारी गोविन्द नगर ज्ञानेंद्र सिंह भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुके है और उसमें भी मुकदमा दर्ज किये जाने की संस्तुति की गई है। इसके अलावा कानपुर पुलिस अधीक्षक अपराध जीतेन्द्र श्रीवास्तव ने भी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर थाना नौबस्ता ने मुकदमा लिखे जाने की संस्तुति की है परन्तु अब तक उक्त प्रकरण में मुकदमा दर्ज नहीं हो सका है जबकि उक्त प्रकरण में कानपुर पुलिस के मातहतों द्वारा हीला हवाली करने के कारण प्रार्थी की शिकायत पर भारतीय प्रेस परिषद् ने मुख्य सचिव, उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ, सचिव-गृह (पुलिस) विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ, जिला अधिकारी कानपुर नगर व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कानपुर नगर को दिनांक 30-03-2017 को नोटिस जारी कर कहा है कि उक्त प्रकरण प्रेस की स्वतंत्रता पर अतिक्रमण / कुठाराघात है अतः 2 सप्ताह में जवाब भी तलब किया है|

इसके विपरीत घोटालेबाज केबिल टीवी माफियाओं के काले कारनामों में पर्दा डालने वाले कुछ पत्रकार अपने पर्सनल हितों के लिये प्रार्थी को साजिश के तहत फर्जी मामलों में फंसाकर उलझाने और परेशान करने का कृत कर रहे हैं जिसका प्रमाण 26-02-17 को कानपुर के अनेकों वाट्सअप ग्रुपों में शेयर किया गया आपत्ति जनक पोस्ट है जिसकी शिकायत भी मेरे द्वारा लिखित तौर पर आपसे दिनांक 27-02-17 को की जा चुकी है। इसके आलावा प्रार्थी को जानकारी प्राप्त हुई है कि कानपुर प्रेस क्लब के महामंत्री व नेशनल वाइस न्यूज चैनल के पत्रकार अवनीश दीक्षित और तथाकथित पत्रकार राहुल बाजपेई द्वारा प्रायोजित तरीके से प्रार्थी पर दबाव बनाने व फर्जी मुक़दमे में फ़साने हेतु किसी अज्ञात लड़की से प्रार्थी के खिलाफ छेड़छाड़ जैसे अशोभनीय कृत में लिखित शिकायत कराई गई है जो की पूर्णतया निराधार और फर्जी है।

फिर भी प्रार्थी आशीष अवस्थी अपने मान सम्मान को बरकरार रखने के लिये प्रत्येक तरीके की निष्पक्ष जांच सहित नार्को टेस्ट को अपने निजी खर्च पर कराने को तैयार हूं और साथ ही शिकायत कर्ता अज्ञात लड़की (महिला) सहित कानपुर नेशनल वाइस के पत्रकार अवनीश दीक्षित का भी अपने निजी खर्च पर नार्को टेस्ट कराने को तत्पर हूं जिससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि प्रार्थी सहित अन्य न जाने कितने बेगुनाहों को पत्रकारिता जैसे पवित्र सामजिक कार्य की आड़ में उक्त लोग अपना शिकार बना चुके हैं और इनके द्वारा कौन–कौन से कुकृत्यों को अंजाम दिया जा चुका है। प्रार्थी के आवेदन को स्वीकार करते हुये कृपया जांच को अग्रसारित किया जाये, महान दया होगी।

नेशनल वाइस न्यूज चैनल के पत्रकार अवनीश दीक्षित एव अन्य पर कानपुर नगर के कर्नलगंज थाने में क्राइम नंबर-0037 दर्ज है जिसमें गंभीर आई पी सी की धाराओं 420, 465, 466, 467, 468, 469, 471, 472, 473, 474, 375, 476 & 120B के तहत मुकदमा दर्ज है| इसे विशाल शर्मा मो० -9918675507 द्वारा पंजीकृत कराया गया है जबकि अवनीश दीक्षित के षडयंत्र से ग्रषित पीड़ितों की एक लम्बी फेहरिश्त है अतः तत्काल प्रभाव से इन्हें न्यूज चैनल के पद से कार्यमुक्त कर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए|  

प्रार्थी
आशीष अवस्थी
सम्पादक (मीडिया ब्रेक)
135,एम् ब्लाक यशोदा नगर
कानपुर नगर-208011
मो० – 9616610001

                                                                                                                                              
संलग्नक
1- मीडिया ब्रेक में प्रकशित मनोरंजन कर राजस्व घोटाले से जुडी खबरों की प्रति|
2- क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की जांच आख्या की छायाप्रति|
3- पुलिस अधीक्षक अपराध की जांच आख्या की छायाप्रति|
4- भारतीय प्रेस परिषद् द्वारा जारी आदेश की छायाप्रति| 

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