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उत्तर प्रदेश

लखनऊ शिवा शर्मा मौत मामला: मॉडल श्रद्धा दुबे की मदद करने वाला ताकतवर महबूब कौन है?

Hindi newspaper clipping with a bold headline 'महबूबा...महबूबा...' and dense Devanagari text describing a news story.

लखनऊ | कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे की तलाश तेज हो गई है। पुलिस सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि शिवा की मौत की पुष्टि होने के बाद श्रद्धा अपनी बहन के साथ लखनऊ से निकल गई और बहराइच के रास्ते नेपाल भाग सकती है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन विशेष टीमें बनाई हैं, जो सीमावर्ती इलाकों में तलाश कर रही हैं। हालांकि, श्रद्धा के नेपाल पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

इस मामले में एक अहम सवाल यह भी है कि अगर आरोपी शहर से निकलने में कामयाब हुई, तो उसे किसने और कैसे मदद पहुंचाई? क्या पुलिस को उसके संभावित मददगारों की जानकारी मिल गई है, या अभी जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है? मामले में किसी रसूखदार व्यक्ति की भूमिका होने का दावा करने से पहले पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी का सामने आना जरूरी है।

पुराने दोस्त की कार से बहराइच पहुंचने का दावा

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा को लखनऊ से बहराइच तक ले जाने वाला आमिर दुबग्गा इलाके का निवासी है और पहले श्रद्धा का करीबी दोस्त रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद भी हुआ था। आरोप है कि शुक्रवार शाम केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में शिवा को मृत घोषित किए जाने के बाद श्रद्धा ने आमिर को फोन किया। इसके बाद आमिर अपनी कार से मेडिकल कॉलेज पहुंचा और दोनों बहनों को लेकर बहराइच की ओर रवाना हो गया।

पुलिस अब इस कथित सफर की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन संबंधी जानकारी की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने उन्हें ठहरने, वाहन या सीमा तक पहुंचने में मदद तो नहीं दी।

दिल्ली से नेपाल बॉर्डर तक पहुंची तलाश

बताया जा रहा है कि शुरुआत में पुलिस को श्रद्धा के दिल्ली जाने का इनपुट मिला था। इसके बाद दुबग्गा, आलमबाग, सीतापुर और रायबरेली समेत कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई। अब जांच का फोकस भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों पर है। पुलिस की विशेष टीमें संभावित रास्तों और संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।

हालांकि, श्रद्धा के फरार होने की पूरी परिस्थितियां और आमिर की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही सामने आएगा। फिलहाल इन घटनाक्रमों के संबंध में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है।

श्रद्धा दुबे का बैकग्राउंड

Collage of two women posing: left in a pink saree with pink accessories; right with curly hair in a black top and gold jewelry; small inset of a man in a blue shirt at the top center.
श्रद्धा दुबे के साथ मृतक शिवा शर्मा का फोटो इनसेट में

जांच के दौरान मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की निजी जिंदगी और उसके संपर्कों को लेकर भी कई दावे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि श्रद्धा को शुरू से ही ग्लैमर की दुनिया में दिलचस्पी थी। उसके पति ने उसे हैदराबाद में एक्टिंग का कोर्स कराया था। इसके बाद वह लखनऊ आकर मॉडलिंग करने लगी। आरोप है कि हाई-प्रोफाइल लोगों से संपर्क बढ़ने के बाद उसने पति से दूरी बना ली और लखनऊ में ही रहने लगी।

दावों के मुताबिक, श्रद्धा के संपर्कों का दायरा काफी बड़ा था। कारोबारी शिवा शर्मा जब उससे छिपकर कहीं जाता, तो उसे इसकी जानकारी मिल जाती थी। आरोप है कि वह शिवा की लोकेशन पता कर वहां पहुंच जाती और उसके साथ गाली-गलौज व मारपीट करती थी। यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि वह जेवरात चोरी जैसे आरोप लगाकर शिवा पर दबाव बनाती थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।

श्रद्धा के संपर्क और पुराने मुकदमों की भी जांच

पुलिस जांच में श्रद्धा के पुराने संपर्कों, बैंक खातों के लेन-देन और पूर्व में दर्ज मुकदमों की भी पड़ताल की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, श्रद्धा ने पहले हजरतगंज कोतवाली में कारोबारी शिवा शर्मा के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज कराया था। इस पुराने मामले और मौजूदा घटना के बीच संबंधों की जांच जरूरी है, लेकिन किसी भी आरोप को जांच के निष्कर्ष से पहले सच मानना उचित नहीं होगा।

सबसे बड़ा सवाल: क्या श्रद्धा को किसी रसूखदार का संरक्षण हासिल है?

इस पूरे मामले में अब सवाल सिर्फ श्रद्धा की तलाश का नहीं, बल्कि कथित मददगारों की पहचान का भी है। अगर वह वाकई पुलिस की पहुंच से बाहर निकलकर सीमा तक पहुंची है, तो उसे रास्ते में किसने मदद दी? क्या यह केवल पुराने दोस्त की मदद का मामला है, या जांच में किसी और संपर्क की भूमिका भी सामने आएगी? और यदि किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण होने की आशंका है, तो पुलिस उसकी जांच किस स्तर तक करेगी?

फिलहाल किसी बड़े कारोबारी, राजनीतिक व्यक्ति या अन्य रसूखदार के संरक्षण में श्रद्धा के होने का प्रमाण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ऐसे में सवाल उठाना जायज है, लेकिन किसी का नाम लेकर आरोप लगाने के लिए ठोस साक्ष्य जरूरी हैं। पुलिस की जांच और आधिकारिक खुलासे ही यह स्पष्ट कर पाएंगे कि शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में किसकी क्या भूमिका रही और आरोपी को फरार होने में किसी ने मदद की या नहीं।

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