नई दिल्ली। नेशनल अलायंस ऑफ जर्नलिस्ट्स (NAJ) ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में पत्रकारों, महिला पत्रकारों, शिक्षकों, छात्रों, लेखकों, ट्रेड यूनियन कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों के नेताओं को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर चिंता जताई है। संगठन ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और पत्रकारों की स्वतंत्र रूप से खबरें देने की भूमिका के खिलाफ बताया है।
NAJ ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और विभिन्न विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रहे पत्रकारों को निशाना बनाया गया। संगठन के मुताबिक, जंतर-मंतर का इलाका पुलिस छावनी जैसा नजर आ रहा था।
DUJ, IWPC और प्रेस क्लब के रुख का समर्थन
NAJ ने संयुक्त बयान जारी कर दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (DUJ), इंडियन विमेन्स प्रेस कॉर्प्स (IWPC) और प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI) की ओर से पत्रकारों पर हमलों की निंदा किए जाने का समर्थन किया।
संगठन ने कहा कि पत्रकारों को अपना काम करने से रोकना और विरोध की आवाजों को दबाने की कोशिश करना गंभीर चिंता का विषय है। बयान में इन घटनाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक बताते हुए कहा गया कि इससे असहमति की आवाजों को दबाने का खतरा बढ़ता है।
पत्रकारों की एकजुटता की अपील
NAJ ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में पत्रकार संगठनों के बीच एकजुटता पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। संगठन के मुताबिक, पत्रकारों के अधिकारों और सुविधाओं पर दबाव बढ़ रहा है। बयान में पत्रकारों के लिए समय-समय पर वेतन संशोधन और व्यापक मीडिया क्षेत्र के अनुरूप मीडिया काउंसिल ऑफ इंडिया के गठन की जरूरत भी उठाई गई।
संगठन ने पत्रकारों के अधिकारों को सीमित करने वाली व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि मीडिया कर्मियों को बंधनकारी परिस्थितियों में काम करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
इन पदाधिकारियों ने जारी किया बयान
यह संयुक्त बयान NAJ के अध्यक्ष एसके पांडे, आंध्र प्रदेश वर्किंग जर्नलिस्ट्स फेडरेशन (APWJF) के अध्यक्ष एस. वेंकट राव, APWJF के महासचिव जी. अंजनयुलु, NAJ के कोषाध्यक्ष ए. अमरैया, महासचिव एन. कोंडैया और NAJ की जेंडर इक्विटी काउंसिल की सह-अध्यक्ष के. मंजरी की ओर से जारी किया गया।
बयान में पत्रकारों और अन्य नागरिक समूहों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की गई है।
दिल्ली के प्रमुख मीडिया संगठनों ने आज मीडिया पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की है।
-अरुणा सिंह, वरिष्ठ पत्रकार



