दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे को लेकर जमकर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। लोगों के अंदर नाराजगी देखी जा रही है। सरकार के खिलाफ लोगों में गुस्सा भर चुका है। वहीं, सरकार जनता और युवाओं की बात मानने की बजाय दमन पर उतारू है। पिछले दो दिनों में जंतर-मंतर पर पहुंचे हजारों लोगों को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की सूचना है। इनमें कई संस्थानों के पत्रकारों का नाम भी शामिल है। अब एक बार फिर ताजा तस्वीर जो निकलकर सामने आई है उसमें फिर से पत्रकारों पर सरकारी आतंक कहर बनकर बरसा है। एएनएस मीडिया ग्रुप के पत्रकार विवेक गुप्ता और कानपुर से दिल्ली आंदोलन कवर करने पहुंचे पत्रकार जितेश सिंह चौहान समेत कुछ अन्य पत्रकारों को डिटेन किए जाने की बात सामने आई है।
नई दिल्ली। दिल्ली में विरोध प्रदर्शन की कवरेज के दौरान राष्ट्रीय समाचार एजेंसी और मीडिया संस्थान NNS Media Group के कैमरापर्सन विवेक गुप्ता को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। NNS Media Group के मुताबिक, विवेक के पास वैध प्रेस आईडी थी, इसके बावजूद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया।
NNS Media Group ने इस कार्रवाई पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों के बिना अनावश्यक बाधा के रिपोर्टिंग करने के अधिकार को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।


मीडिया संस्थान ने विवेक गुप्ता के साथ एकजुटता जताते हुए दिल्ली पुलिस से इस कार्रवाई के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है।
NNS Media Group भारत में राष्ट्रीय समाचार एजेंसी और मीडिया संस्थान के रूप में काम करता है। संस्थान का कहना है कि प्रदर्शन की कवरेज के दौरान पत्रकारों को उनके काम से रोकना और वैध प्रेस पहचान पत्र होने के बावजूद हिरासत में लेना गंभीर चिंता का विषय है।
फिलहाल, विवेक गुप्ता को हिरासत में लिए जाने के मामले में दिल्ली पुलिस का पक्ष सामने नहीं आया है। हिरासत की परिस्थितियों और उनकी रिहाई से संबंधित विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध नहीं है।

कानपुर से दिल्ली आंदोलन को कवर करने गए पत्रकार Jitesh Singh Chauhan को दिल्ली पुलिस ने डिटेन किया है..
जितेश बता रहे हैं कि जंतर मंतर पर 60 साल की एक बुजुर्ग महिला प्रदर्शन का समर्थन करने आयी क्यों की उनके घर में 12 मे 6 वोट काट दिए हैं..महिला से वहां एक व्यक्ति कहता है कि आप अपनी सीमाएं लांघ रही हैं, महिला हो घर पर रहो..दिल्ली पुलिस उस व्यक्ति को रोकने के बजाए उस व्यक्ति से सवाल करने पर जितेश को डिटेन करती है..जितेश ये भी लिख रहे हैं कि हमारी साथी महिला रिपोर्टर के साथ भी पुलिस यही बर्ताव करती है..
मीडियाकर्मियों को डिटेन करना, उनके साथ बदसलूकी करने का आदेश किसने दिया होगा..?
ये भी एक प्रकार की अघोषित इमरजेंसी ही है न..?
-अतुल तिवारी आक्रोश
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