बुधवार को शाहजहांपुर के थाना सदर बाजार प्रभारी जेपी तिवारी और महिला एसआई सीमा सिंह पत्रकार जगेंद्र सिंह के घर खुटार पहुंचीं। महिला एसआई सीमा सिंह ने जगेंद्र की पत्नी सुमन के बयान दर्ज किए। कोतवाल ने उनके पिता सुमेर सिंह के बयान लिए। आरोप है कि महिला एसआई ने बयान दर्ज करने के बाद समझाने के नाम पर जगेंद्र की पत्नी और बहन को धमकी दी कि विवाद बढ़ाने से कोई लाभ नहीं होगा और एक पैसे की भी मदद नहीं मिलेगी। एसआई ने सुमन को अपना भविष्य देखने की भी सलाह दी।
जगेंद्र हत्याकांड में फंसे पुलिसवालों और अन्य लोगों को बचाने के लिए पूरा जोर लगाया जा रहा है. इसके लिए जगेंद्र सिंह के पिता, पत्नी और परिवार के अन्य लोगों पर साम, दाम, दंड, भेद का तरीका आजमाया जा रहा है. हालत यह हैं कि जांच के नाम पर जाने वाले पुलिसकर्मी भी अपना काम न कर परिवार के लोगों को समझाकर राजीनामा करने का दबाव बना रहे हैं। जगेंद्र सिंह की पत्नी सुमन सिंह और बहन लवली सिंह का आरोप है कि बुधवार को बयान दर्ज करने पहुंची एसआई सीमा सिंह ने उन लोगों से कहा कि जो चला गया, वह वापस नहीं आ सकता है। इस मामले को तूल देने से कोई लाभ नहीं होगा। परिवार को एक पैसे की भी मदद नहीं मिलेगी। इसके उलट यदि मामले में समझौता होता है तो परिवार का भविष्य सुरक्षित होगा। बच्चों को नौकरी आदि भी मिल जाएगी। सुमन सिंह ने एसआई को बयान दर्ज कर घर से चले जाने को कहा तो वह मौके से चली गईं।
उधर, इंस्पेक्टर जेपी तिवारी ने सुमेर सिंह को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया और हरसंभव मदद की बात कही। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने एसआई सीमा सिंह के परिवार को धमकाने और लालच देने की बात को निराधार बताया। कहा, एसआई ने केवल सुमन सिंह के बयान दर्ज किए।
मंगलवार सुबह शाहजहांपुर से एक दरोगा जगेंद्र सिंह के घर पहुंचा था। बताया जाता है कि यह दरोगा इस समय लाइन हाजिर चल रहा है। दरोगा ने जगेंद्र के पिता, पुत्र और परिवार के अन्य लोगों से बात की। दरोगा ने कहा कि यदि परिवार के लोग जगेंद्र के शव का अंतिम संस्कार कर दें और किसी तरह की कार्रवाई की मांग न करें तो वह परिवार को 12 लाख रुपये दिला सकता है। इसके अलावा भविष्य में जगेंद्र के पुत्रों को नौकरी दिलाने का भी प्रलोभन दिया गया। बड़ा सवाल यह है कि दरोगा को समझौता करने के लिए किसने भेजा था? 12 लाख रुपये दरोगा कहां से लाकर देता? दरोगा को समझौते के लिए दबाव बनाने की क्या जरूरत थी?
जगेंद्र सिंह की मौत से परिवार के लोग बेहद गमजदा हैं। किसी के सांत्वना व्यक्त करते ही जगेंद्र की पत्नी सुमन, बहन लवली, पुत्री दीक्षा दहाड़ें मारकर रोने लगती हैं और न्याय दिलाने की गुहार करने लगती हैं। जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह सभी को सांत्वना देते हुए खुद भी रोने लगते हैं। जवान बेटे की मौत का दुख उनसे सहा नहीं जा रहा है। भाजपा विधानमंडल दल के नेता सुरेश कुमार खन्ना बुधवार को पत्रकार जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे और परिवार के लोगों से घटना की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सपा सरकार में न्याय की बात करना बेमानी है।
जगेंद्र की मौत की सीबीआई और न्यायिक जांच ही पूरे मामले से पर्दा उठा सकती है। वह मामले की सीबीआई जांच कराने का प्रयास करेंगे। खन्ना बुधवार दोपहर बाद जगेंद्र सिंह के घर पहुंचे। उन्होंने जगेंद्र के पिता सुमेर सिंह, पत्नी सुमन, पुत्र राहुल से मामले की जानकारी ली और मदद का भरोसा दिलाया। इसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थित बेहद खराब है। इस सरकार में न्याय की बात करना बेमानी है। जगेंद्र की मौत की सीबीआई जांच होने से ही सच सामने आ सकता है। वह सीबीआई जांच के लिए पुरजोर कोशिश करेंगे। उन्होंने सरकार से जगेंद्र के परिवार को 20 लाख रुपये देने और उनकी भूमि से अवैध कब्जा हटवाने की भी मांग की।


