देवरिया में पत्रकार को पीटने वाला कोतवाल सस्पेंड, गाजीपुर में पत्रकार हत्याकांड का खुलासा

देवरिया में नगरीय निकाय चुनाव मतगणना के दौरान पुलिस द्वारा पत्रकारों पर लाठीचार्ज किए जाने के मामले में शहर कोतवाल को निलम्बित करते हुए सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी को हटा दिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने देवरिया पहुंच कर पीड़ित पत्रकार से मुलाकात की और लाठीचार्ज के लिये प्रथम दृष्टया कोतवाल राय साहब यादव को दोषी पाए जाने पर निलम्बित करने का आदेश जारी किया। इसके अलावा पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर संदीप सिंह को भी हटाने के निर्देश दिये।

एक दिसम्बर को राजकीय इंटर कालेज में हो रही नगरीय निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान मतगणना स्थल पर बार-बार अंदर और बाहर जाने को लेकर एक भाजपा नेता और पुलिस के बीच विवाद हो गया था। गाली-गलौज करने पर पुलिस ने उसे दौड़ाया था। भाजपा नेता पिटाई से बचने के लिए मीडिया सेंटर में घुस गया था। इस पर पुलिसकर्मियों ने जिसे भी सामने पाया उसे पीट डाला। इस कार्वाई में पत्रकार सी. पी. पाण्डेय के सिर में गम्भीर चोटें आयी थी। पुलिस अधीक्षक राकेश शंकर इस मामले में दो सिपाहियों को पहले ही निलम्बित कर चुके हैं।

इस बीच, गाजीपुर में पत्रकार हत्याकांड का खुलासा हो गया है. गाजीपुर जिले के आरएसएस कार्यकर्ता और पत्रकार राजेश मिश्रा हत्याकांड में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। 21 अक्टूबर को गाजीपुर के थाना करंडा क्षेत्र के भजनपुरा चट्टी के पास अज्ञात बदमाशों द्वारा ताबड़तोड़ फायरिंग कर राजेश मिश्रा पुत्र धनंजय मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उनके भाई अमितेश मिश्रा को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। इस संबंध में थाना करंडा में 515 , धारा 302/ 307/ 120 बी पंजीकृत कर स्थानीय पुलिस द्वारा विवेचना की जा रही थी। इस सनसनीखेज घटना के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक गाजीपुर द्वारा क्राइम ब्रांच टीम एवं थाना करड़ा नंदगंज पुलिस टीम को संयुक्त रुप से लगाया गया था।

गाजीपुर पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक सोमेन वर्मा ने मीडिया बताया कि आरएसएस कार्यकर्ता व पत्रकार राजेश मिश्रा की हत्या राजू गैंग द्वारा कराई गई थी। हत्याकांड के खुलासे में लगी पुलिस और क्राइम ब्रांच टीमों को रविवार को बड़ी सफलता मिली। पुलिस टीम ने हत्याकांड में शामिल बिहार निवासी झनकू यादव एवं अजीत यादव तथा चंदौली निवासी सुनील यादव नामक अभियुक्तों को घेरेबंदी कर धर दबोचा। हिरासत में लिए गए बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वो राजू यादव की गैंग के सदस्य हैं और उसके कहने पर ही राजेश मिश्रा और उसके भाई पर फायरिंग की थी।

दरसअल, ये गैंग अवैध खनन के कामों में लिप्त है जिसमे राजेश रोड़ा बने हुए थे। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों अजीत यादव एवं सुनील यादव पर जनपद चंदौली एवं जनपद भभुआ बिहार राज्य में विभिन्न स्थानों पर गंभीर आपराधिक मुकदमा पंजीकृत है। पुलिस टीम ने अभियुक्तों से एक पिस्टल 32 बोर जिंदा कारतूस 32 बोर, घटना में प्रयुक्त तमंचा 315 बोर, दो अदद जिंदा कारतूस 315 बोर एवं 2 अदद खोखा कारतूस 315 बोर और एक पल्सर मोटरसाइकिल काला नीला रंग की यूपी 65 जेड 2986 घटना में प्रयुक्त की बरामदगी भी की है। पुलिस के मुताबिक मुठभेड़ के दौरान राजू यादव समेत तीन अन्य आरोपी फरार होने में सफल रहे, जिनके गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का प्रयास जारी है। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 15,000 के नगद पुरस्कार से पुरस्कृत करने की घोषणा की।



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