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सुख-दुख

सरेराह छेड़खानी करते धरा गया पत्रकार

उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की हालत वैसे भी खस्ता चल रही है ऐसे में इस तरह के लफंगे पत्रकार और उनकी हरकतें नकारात्मक उदाहरण पेश करती हैं. रवि यादव नामक पत्रकार बीच राह किसी कन्या को छेड़ रहे थे. पब्लिक ने पकड़ लिया. पहले तो खुद को पत्रकार बताकर रौब गांठने की कोशिश की. जनता ठहरी जनता. वो तो पहले ही टीआरपी में खुद के ठगे जाने से आहत है. नतीजतन पत्रकार महोदय को गिरा कर पीटा.

भला हो पुलिस आ गई. पुलिस आने के बाद झाड़-पोंछकर पत्रकार को उठाया गया जो इतना ढीला पड़ गया था कि खुद की पहचान भूल गए. जमा तलाशी में आधा दर्जन माइक-आईडी और इतने ही प्रेस कार्ड भी मिले हैं. फिलहाल पुलिस ने इन्हें खुद के हवाले कर लिया है और थाने ले गई है.

मामले में एनआरआई न्यूज़ के एडिटर इन चीफ से बात की गई तो उनने बताया कि इस नाम के व्यक्ति को डेढ़ साल पहले ही निकाल दिया गया था. उन्हें नहीं पता कौन है, कहाँ रहता है, क्या करता है. ऐसे लोगों से अपना कोई मतलब नहीं है. यानि संबंधित प्रेस कार्ड के संस्थान पकड़े गए तथाकथित पत्रकार रवि यादव से अपना कोई नाता रिश्ता न होने की बात कह दिए. जाहिर है, पुलिस अब इनके खिलाफ जरूरी कानूनी कार्रवाई करेगी.

कथित पत्रकार से मिले प्रेस कार्ड देखें-

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2 Comments

2 Comments

  1. संजय कुमार

    October 24, 2020 at 10:16 pm

    जब कानपुर प्रेस क्लब के स्वयम्भू अध्य्क्ष अवनीश दीक्षित पर खुद ही थाना काकादेव में छेड़खानी का मुकदमा दर्ज है तो बाकी छोटे मोटे पत्रकार तो किसी गिनती में ही नहीं हैं। इसके अलावा भी इनके खिलाफ मुकदमों की लंबी फेहरिस्त है। एक SP ने तो इनके थानों में घुसने पर ही रोक लगा दी थी। सर्टिफाइड दलाल हैं कानपुर के पत्रकार और उनके अध्यक्ष जी खुद भी।

    • sankalp singh sachan

      October 27, 2020 at 9:26 pm

      Bilkul sahi kaha ap ne

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