मंगलायतन विवि के फर्जीवाड़े के खिलाफ लड़ रही एक छात्रा की प्रेस कांफ्रेंस को सभी बड़े अखबारों ने नहीं छापा

अलीगढ़ के किसी भी छोटे बड़े अखबार ने मंगलायतन विश्वविद्यालय की उस खबर को नहीं छापा है जिसमें एक छात्रा ने प्रेस कांफ्रेंस करके इस निजी विश्वविद्यालय के फर्जीवाड़े की पोल खोली. खबर न छापने की सीधी वजह है इस निजी विश्वविद्यालय द्वारा भरपेट विज्ञापन देकर अखबारों का मुंह बंद करना. धंधेबाज अखबारों की इस चुप्पी पर सभी पीड़ित छात्र भौचक हैं. भड़ास4मीडिया पर पूरी खबर प्रकाशित की जा रही है और अपील है कि आप सभी इसे ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि मंगलायतन विश्वविद्यालय की असलियत सबके सामने आ सके. इस पूरे प्रकरण में पुलिस प्रशासन की विश्वविद्यालय से मिलीभगत की बात भी सामने आ रही है. -एडिटर, भड़ास4मीडिया

पीड़िता छात्रा द्वारा प्रेस कांफ्रेंस में कही गई बातों-आरोपों को किसी अखबार ने नहीं प्रकाशित किया… 

 मंगलायतन विश्वविद्यालय फर्जी डिग्री प्रकरण में पुलिस के फाइनल रिपोर्ट को कोर्ट ने किया निरस्त

अलीगढ़ : मंगलायतन विश्वविद्यालय में बिना मान्यता के छात्रों को फर्जी डिग्री थमाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर इगलास थाने में दर्ज किये गए मुकदमे में पुलिस ने अंतरिम रिपोर्ट लगा दी. लेकिन कोर्ट ने वादिनी की याचिका पर पुलिस द्वारा लगायी गयी फाइनल रिपोर्ट (एफआर) को निरस्त कर दिया है. कोर्ट ने एफआर निरस्त करते आदेश किया है कि मामले की विवेचना किसी अन्य विवेचक से एसएसपी कराएं. कोर्ट के इस आदेश से मंगलायतन प्रशासन की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

आपको बताते चले कि मंगलयान विश्व विद्यालय के खिलाफ बीएड की छात्रा रही अनम नकवी ने मुक़दमा संख्या-१५४ / १३, धारा-४२०, ४१८, ४६७, ४६८, ४७२ आईपीसी के तहत इगलास थाने में मामला दर्ज कराया था. इसमें मंगलायतन विश्वविद्यालय के पूर्व वीसी प्रो० भूमि मित्र देव, वर्तमान वीसी प्रो० सतीश चन्द्र जैन, पूर्व रजिस्टर आर एस बंसल, मंजीत सिंह, प्रो ऐके टंडन, कृष्ण पांडये, दिलीप कुमार, अतुल गुप्ता, जीएस अग्रवाल, मोहन लखन राजू, पवन जैन , स्वपालिन जैन और समीरण बराल को नामजद किया था. मामले की विवेचना एसआई विनोद कुमार ने की और फाइनल रिपोर्ट (एफआर) लगा दी. पुलिस की इस एफआर को कोर्ट ने निरस्त करते हुए अन्य विवेचक से विवेचना करने के आदेश दिए हैं.

संबंधित वीडियो लिंक…

https://www.youtube.com/watch?v=2dj9eztFYZc

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Comments on “मंगलायतन विवि के फर्जीवाड़े के खिलाफ लड़ रही एक छात्रा की प्रेस कांफ्रेंस को सभी बड़े अखबारों ने नहीं छापा

  • jab press conference me bulaye hi gine-chune log the jo bade banner ke the to phir chote banner ke logo per add lene ka aarop kyu lagaya ja raha hai. sabhi jante hai ki manglayatan university dwara kewal jagran, amar ujala or hindustan ko hi add diya jata hai or kisi bhi paper me add nahi chapta hai. ab agar sabhi ko bulaya hota to yeh khabar jaroor publish hoti.

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  • Sir, Mathura me Bhi Farzi College Chal Rahe h, Aur in ke Farzi Bare ki koi Khaber Nahi Chapta Kio ki Y Sabhi Bare Samacharo ko Bhar Pet Bigayapan jo dete h. Aur Kamal Kant Upmanu Namak Dalal Patkar ase Logo ki Dalali Karta h. 😆 😆

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  • अमर उजाला, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान ऐसे अखबार हैं जिनको
    किसी से कोई सरोकार नहीं बस विज्ञापन बटोरने हैं।
    ये पैसो के लिए अपना ज़मीर क्या अपने पिछवाड़े को भी दाव
    पर लगा देंगे। अगर इन अखबारों के चुतियापे पर अंकुश
    लग जाये तो देश मैं दंगे बंद हो जायेंगे, दलाली कम हो जाएगी
    इनके संपादको के घरो पर सीबीआई की रेड पड़नी चाहिए। लेकिनसब अखबार वालों की मिलीभगत से
    अपना अपना काम निकालते है अपनी अच्छी बुरे कामों पर
    पर्दा डलवाते है और पैसा बटोरते है।

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