{jcomments off}नोएडा : नोएडा के फेज-3 (सेक्टर 63) स्थित ‘समाचार प्लस’ न्यूज चैनल के हेड ऑफिस के वॉशरूम में एक महिला कर्मी का एमएमएस बनाया गया। पीड़िता के चीखने पर हरकत करने वाले चैनल के कैब चालक को दबोच लिया गया।

एमएमएस बनाने की खबर विस्तार से इस प्रकार प्रकाशित हुई है-

आखिरकार भड़ास की खबर सच साबित हुई। ‘समाचार प्लस’ चैनल के मालिकों में से एक उमेश कुमार को देखिए, किस तरह यूपी के सीएम अखिलेश यादव के साथ सेल्फ़ी खींच कर खुद को धन्य मान रहा है। ऐसे लोग कैसे सत्ता विरोधी पत्रकारिता कर पाएंगे। ऐसे दलालों ने मीडिया को बेच खाया है।
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rahul
July 17, 2015 at 2:02 pm
काली कमाई के लिए ऐसी खबरों को छापने से कुछ नहीं होगा
बंद करो ये दलाली
समाचार प्लस की पत्रकारिता पर सवालिया निशान लगाने वालों हम पर आरोप ही लगा सकते हो लेकिन खुद गिरेबान में छांक कर देख लिया होता…. काली कमाई के लालच में कितना घिनौना काम करने पर उतारू हो गए….
समाचार प्लस ही वो चैनल है जो उत्तराखंड आपदा में ट्रकों राहत सामग्री भेजा था यही वो चैनल है जो टाइगर्स को बचाने के लिए आगे आया और लगातार काम कर रहा है
यही वो चैनल है जब उत्तराखंड की गोल्फ टीम को कोई खरीदार नहीं मिला तो संस्थान ने टीम को खरीदने के लिए कदम आगे बढ़ाया बिना किसी नुकसान के बारे में सोचते हुए
ना जाने कितनी ही मुहिम चलाई संस्थान ने जो जन हित में थी और ये प्रयास लगातार जारी है
संस्थान से जु़ड़े मुझे 3 वर्ष हो चुके हैं लेकिन आज तक मैने और ना ही मेरे किसी मित्र ने इस सस्थान के बारे में कुछ गलत सुना
आज ये पहली बार झूठी खबर देखी तो हैरान रह गया…
ऐसा लग रहा है कि भड़ास महिलाओं की इज्जत से खिलवाड़ की झूठी खबरों को फैलाकर संस्थान को बदनाम करने के लिए साजिश कर रहा है
बंद करो ये साजिश
बंद करो ये खबर के नाम पर गंदगी
बंद करो ये दलाली
ब्लैकमेलिंग करने से कुछ नहीं होगा
सांच को आंच नहीं
akshay rajan
July 17, 2015 at 2:15 pm
जब कोई संस्थान या व्यक्ति तरक्की करता है….लोग विरोध करते हैं….समझ में भी आता है….पर इस स्तर तक गिर जायेंगें कि महिलाओं के बारें में सनसनी बनाकर दलाली करना चाहेंगें….यह यहाँ नहीं चलेगा….बंद करो ये घटियापन….
पंकज
July 17, 2015 at 2:22 pm
यशवंत जी आपकी वैबसाईट में पूर्व में पोस्ट की गई बात और अभी पोस्ट की गई बात में कितना अंतर है उस समय यह कहा गया की चैनल में स्टिंग आपरेशन किसी उच्च पदस्त व्यक्ति ने किया और इस पोस्ट में आप अपनी खबर का असर बताते हुए कह रहे हैं की एक कैब चालक को गिरफ्तार किया गया और जिस अमर उजाला की खबर का सहारा लेकर आप अपनी खबर का असर बता रहे हैं वह खुद कह रहा है की कैब चालक ने यह हरकत की जिसपर उसकी जमकर तुडाई भी हुई ऐसे में किसी समाचार प्लस पर उगली ना उठाते हुए बडे भाई कृप्या तथ्यों पर खबर पोस्ट करें और दुसरी बात अगर 100 महिला कर्मियों में से किसी से भी आप की जान पहचान है तो कृप्या फोन करके पूछ लिजिए की समाचार प्लस में महिलाओं की कितनी इज्जत होती है कृप्या भाई आपके पोर्टल में बात की पडताल आनी चाहिए सनसनी नहीं
akshay rajan
July 17, 2015 at 2:25 pm
कुछ तो शर्म आनी चाहिए बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों को कि अब ब्लैकमेलिंग करने के लिए महिलाओं की अस्मिता की झूठी सनसनीखेज ख़बरें बनायेंगें….दी गयी योग्यता का यह सदुपयोग….बंद करिये दलाली का यह तरीका
akshay rajan
July 17, 2015 at 2:30 pm
आप के बारे में अख़बार में पढ़ा था जब मुंबई में था….बहुत प्रभावित हुआ था….आज दिल्ली में हूँ,आप की पोस्ट पढ़कर अफ़सोस हो रहा है….कि मीडिया में काम करने वाले लोग अपने स्वार्थ के लिए ख़बरों को कितने निचले स्तर तक ले जा सकते हैं बंद करिये सही लोगों को बदनाम करने का तरीका
akshay rajan
July 17, 2015 at 2:35 pm
समाचार प्लस एक बेहतरीन चैनल है….और उमेश कुमार एक बेहतरीन व्यक्ति….इतिहास जानता है….उमेश जी चुनौतियों के आगे कभी नहीं झुके….(अगर जानकारी न हो तोइस बारे में पढ़े,उन्हें देखें और समझें)…. सच परेशान हो सकता है पर परास्त कभी नहीं….स्वार्थ के लिए महिलाओं के बारे में झूटी सनसनी खबर फैलाना बंद कीजिये….और अपनी योग्यता का सदुपयोग कीजिये
ashish
July 17, 2015 at 4:08 pm
भड़ास वाला यशवंत अगर दलाली कर रहा होता तो आज वो एक मामूली सी वैब साइट पर अपनी भड़ास न निकालते हुए किसी चैनल का मालिक होता। मैं यशवंत को जानने का दावा तो नहीं कर सकता। क्योंंकि उसके साथ कभी एक कप चाय भी नहीं पी। लेकिन उसकी भाषा उसके तेवर और उसकी भड़ास को देखकर लगता यही है कि ये फक्कड़ टाइप आदमी है हर पीड़ित के साथ खड़े होने को जैसे उतावला। लेकिन एक चलते हुए चैनल के पक्ष में इतने सारे कमेंट लिखवाने का खेल सबकी समझ मेंं आता है। लगभग एक ही भाषा के तहत यशवंत को दलाल कह देने भर से काम नहीं चेलगा।आप ही के कमेंट से यह पता चला कि ख़बर के दम पर खड़े रहने की लालसा में बंद होने वाले चैनलों की भीड़ में एक चैनल ऐसा भी है जो टाइगर को बचाने के लिए और न जाने किन धंधों में बिना किसी फायदे के भी करोड़ों लगाने की हिम्मत रखता है। उमेश जी को भी कई लोग जानते हैं। लेकिन सिर्फ ख़बरों के दम पर चैनल चलाने का उनके अंदर कितना माद्दा है यह भी जग जाहिर है। हम यह नहीं कहते कि चैनल खबरों के बजाए ब्लैक मेलिंग या सरकारी मशीनरी के काले कारनामों को दिखाने की बजाए छिपाने के दम पर चल रहा है। लेकिन इतना तो सब को ही पता है कि बड़े बड़े खबरिया चैनलों की दौड़ में केवल खबर के दम पर अच्छे अच्छों की सांस उखड़ रही है।सच सिर्फ इतना है कि चैनल में लड़की का एमएमएस बन रहा था। कौन बना रहा था ये सवाल सबके सामने है मगर बनवा कौन रहा था…क्या कोई क्लीन चिट दे सकता है कि ब्लैकमनी और कालेधन के कई छिपे चेहरों के दम पर खड़े साम्राज्य को बनाने में कभी उनके खिलाफ खबर के बजाए उनको बचाने का काम तो नहीं किया। रहा सवाल यशवंत का तो उसका मंच छोटा जरूर है। मगर उसका हौंसला कम नहीं। और हां मैं कसम खाकर कह सकता हूं कि मेरा सीधे सीधे यशवंत से कोई दोस्ताना या कोई संबध नहीं। और न ही मैं आप लोगों की तरह एक मीडिया हाउस में नौकरी के जुगाड़ में मालिक का महिमा मंडन करने में विश्वास रखता हूं। एमएमएस कांड जैसे सामने आया वैसे ही शांत भी हो जाएगा। लेकिन अगर पत्रकारों द्वारा धनपशुओं की चापलूसी के नाम पर पत्रकारों पर उंगलियां उठेंगी… तो फिर बात तो दूर तलक जाएगी ही…।
vivek srivastava
July 17, 2015 at 5:55 pm
ha ha ha …..what a funny news,,,,,Lagta hai ye bhadas wale ab kewal toilet main hi jhakte hai….
Aur mujhe to lagta hai ..bhadaswale hi jalan ki wajah se ya publicity ki wajah se khud hi news ko bana rahe hai…..waise koi proof hai ya kewal bhadas hi nikal rahe hai………inka naam [email protected] hona chahiye……Shame on bhadas4media.
poonam
July 18, 2015 at 8:40 am
मैं खुद समाचार प्लस में 2 साल से कार्य कर रही हूं…और ये खबर सिर्फ समाचार प्लस को बदनाम करने के लिए उछाली जा रही है…यहां लड़कियां पूरी तरह सुरक्षित है..इस तरह की खबर से भड़ास वाले न सिर्फ समाचार प्लस को बदनाम कर रहे हैं..बल्कि यहां काम करने वाली लड़कियों पर भी सवालिया निशान लगा रहे हैं….शर्मनाक है..भड़ास की ये हरकत….
BHAWANA
July 18, 2015 at 8:49 am
मैं समाचार प्लस में काम करती हूं…फिलहाल जब ये खबर उछाली गई…तो मैं संस्थान में मौजूद नहीं थी…लेकिन सुनकर बड़ा झटका लगा..कि ऐसा कैसे हो सकता है…क्योंकि संस्थान में रहते कभी असुरक्षा महसूस नहीं हुई..और यहां का माहौल भी इतना अच्छा है…कि अब तक जहां भी काम किया…सबसे ज्यादा सुरक्षित महसूस यही किया..आज की मॉरनिंग में ऑफिस आई..तो पूरी सच्चाई पता चली…कि कोई अपन पब्लिसिटी के लिए कितना नीचे गिर सकता है…खबर पूरी तरह झूठी निकली…खैर ! भड़ास जैसे वेबसाइट पर तो मुझे वैसे भी भरोसा नहीं..लेकिन अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित अखबार को ऐसा छापना सोभा नहीं देता..बिना कन्फर्म किए, सच्चाई जाने खबर लिखना, गैरजिम्मेदाराना है…अपनी इस गलती पर उन्हे शर्मिंदा होना चाहिए…
vikas sharma
July 18, 2015 at 9:13 am
सबसे पहले भड़ास4मीडिया को सबक सिखाना जरूरी है…मैं एक महीने में एक- आध पर भड़ास देखता था…लेकिन जिस तरह से यशवंत ने इस घटना को दूसरा रूप देना चाहा…किसी को बदनाम करने की कोशिश की…मैं स्तब्ध हूं…ये निंदनीय भी है और दंडनीय भी …अब मुझे समझ में आ रहा है कि पैसे लिए (दलाली) कोई कितना गिर सकता है… मैं ऐसा इसलिए नहीं कह रहा कि मैं यहां कार्यरत हूं… यकीन मानिए, भड़ास की इस हरकत से सिर्फ बू आती है और कुछ नहीं….इसलिए इसे सबक सिखाना जरूरी है…
RUBY
July 18, 2015 at 11:00 am
बिना सच्चाई जाने कुछ भी छाप देने पर अमर उजाला जैसे अखबार को और भड़ास को भी शर्मिंदा होना चाहिए…और उन्हें दंडित किया जाना चाहिए… यहां जो काम करते हैं वो सच्चाई जानते हैं…जो यहां नहीं है वो सिर्फ अपनी गुरेज निकालने और संस्थान को बदनाम करने के सिवा कुछ नहीं कर रहे…शर्म आनी चाहिए ऐसे लोगों को….
aditi
July 18, 2015 at 1:04 pm
मैं इसी चैनल में काम करती हूँ। आज ऑफिस जाने पर जब मुझे इस खबर के बारे में पता चला तभी से मुझे बहुत डर लग रहा है। क्योंकि काफी समय से मैं ये सारी बातें सुन रही थी कि यहां लड़कियों के एमएमएस बनाए जाते हैं। जाने किस किस के एमएमएस बनाए जा चुके हैं अब तक। सारी लडकियां बहुत डरी हुई और असुरक्षित महसूस करती हैं। नौकरी से निकाले जाने की धमकियां मिलती रहती हैं। इस डर से कोई कुछ नहीं बोलता। यहां हालात अच्छी नहीं हैं।
nidhi
July 18, 2015 at 1:10 pm
कुछ समय पहले भी इसी चैनल के एक शीर्ष अधिकारी का सेक्स सके दाल यूट्यूब पर आया था। अभी भी है आपको अंदाजा हो जाएगा ये चैनल कितना सुरक्षित है लड़कियों के लिए और यहां पत्रकारिता की आड़ में लड़कियों के साथ क्या क्या होता है? मई भी यहीं काम करती हूँ रूबी जी सबको सब पता है। आप झूठ ना बोलेन तो बेहतर है। जांच हो जाने दीजिये सच सामने आ जाएगा की इस स्कैंडल के पीछे कौन है?
Megha
July 18, 2015 at 1:20 pm
चैनल के मालिक को बचाने के लिए सफाई में कितने कॉमेंट किये जा रहे हैं। इसे कहते हैं चोर की दाढी में तिनका। मैं भी इसी चैनल में काम करती हूँ । और यहां का माहौल लड़कियों के लिए बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है। जब तक दूसरी नौकरी ना मिले तब तक लडकियां यहां काम करने को मजबूर हैं वरना तो eकोई भी इतनी कम तनख्वाह और गंदे माहौल में काम नहीं करना चाहेगा।