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सियासत

मोदी सरकार के ये दो क्रूरतम फैसले देखें, जीत गए तो पैदल चलने पर भी टैक्स लेने लगेंगे!

जितेंद्र नारायण-

पैदल यात्रियों पर भी टोल टैक्स लगा दो ताकि आरएसएस और मोदी-शाह का तथाकथित हिन्दू राज देश के इतिहास में क्रूरतम शासन के रुप में दर्ज हो…!!!

सुरेश चिपलूनकर-

नई परंपरा की शुरुआत… ऐसे “क्रांतिकारी कदम” का विरोध करने वाला कोई देशद्रोही या गद्दार ही होगा… एक तो गडकरी साहब की मर्जी से देश में एक नई परंपरा की शुरुआत होने जा रही है… उसका भी विरोध?

और वैसे भी इन दोपहिया वालों को हाईवे पर जाने की जरूरत ही क्या है? राष्ट्रहित में करोड़ों-अरबों रूपए खर्च करके बनाया गया हाईवे, इन बाईक्स-स्कूटरों के टायर से घिसेगा नहीं क्या? गद्दार कहीं के… इधर हम “विश्वगुरु” बनने की बिलकुल कगार पर खड़े हैं… और ये लोग एक कार तक नहीं खरीद सकते? लानत है…

गडकरी साहेब मैं तो कहता हूँ कि दूध-सब्जी बाँटने वाले साईकिल वालों से भी टोल टैक्स वसूला जाना चाहिए और इस परंपरा को पूरे देश के हर टोल नाके पर लागू किया जाना चाहिए… जब हम 500 रूपए तक का पेट्रोल खरीदने के लिए तैयार हैं तो ये टोल नाके की टुच्ची से रकम क्या मायने रखती है भला… अंततः ये पैसा देशहित में ही तो लगेगा ना?


गिरीश मालवीय-

नए साल में देश की जनता को मोदी जी ने एक ओर तोहफा दिया है….आपकी रेलयात्रा महंगी होने जा रही है रेल टिकट में स्टेशन विकास शुल्क’ SDF ओर जोड़ा जा रहा है रेल मंत्रालय देश भर के करीब 400 छोटे बड़े स्टेशन पर यह ‘‘स्टेशन डेवलपमेंट फीस यानी SDF को लागू करने जा रहा है।

यदि आपने अनारक्षि‍त टिकट लिया है तो 10 रु. , वहीं स्लीपर में सफर करने वालों को 25 रुपये तो एसी में यात्रा करने वालों से 50 रुपये का अतिरिक्त SDF वसूला जाएगा ऊपर से GST अलग से लगेगा, किसी भी श्रेणी में किसी भी यात्री को शुल्क में रियायत नहीं मिलेगी। इसके अलावा SDF के कारण प्लेटफॉर्म टिकट भी 10 रुपये महंगा किया जा रहा है।

यात्रा समाप्त किए जाने वाले स्टेशन यदि SDF श्रेणी के रहे तो उपरोक्त शुल्क का आधा, 50% ही टिकट किराए मे जोड़ा जाएगा और यदि यात्रा शुरू करने का और समाप्ति का, दोनों ही स्टेशन SDF श्रेणी के रहे तो उपरोक्त शुल्क का डेढ़ गुना शुल्क लागू होगा। ऊपर से जीएसटी कोढ़ में खाज का काम करेगा।

सरकार का कहना है कि ‘‘स्टेशन विकास शुल्क (एसडीएफ) ऐसे स्टेशनों पर चढ़ने और उतरने वाले यात्रियों से लिया जाएगा।…………जिस तरह टिकट पर मेल/एक्सप्रेस/सुपरफास्ट/रिजर्वेशन/तत्काल/कैटरिंग/बेडरोल का शुल्क अंकित होता है। ठीक उसी तरह इसे भी रेलवे टिकट में सॉफ्टवेयर के फॉर्मेट में अपडेट कर वसूल किया जाएगा।

यह राशि वयस्क एवं बच्चों के टिकट पर भी पूरी राशि के रूप में वसूल की जाएगी। यानी आपने अगर थर्ड AC की टिकट बुक करवाई है तो अब लगभग आपको 80 से 85 रु अधिक देने होंगे।

स्टेशन विकास शुल्क कोई बुरी बात नही है लेकिन इसका उपयोग किस तरह से किया जाएगा यह समझना जरूरी है ………यह मॉडल इसलिए लागू किया जा रहा है ताकि निजी खिलाड़ियों को आकर्षित किया जा सके। इस तरह का यूजर्स चार्ज सीधे निजी निवेशकों को जाएगा। ऐसे में उनके लिए यह फिक्स इनकम की तरह होगी। इस कदम से वे निवेश को आकर्षित होंगे। यह पूरी योजना बोस्‍टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) की बनाई हुई है।

जैसे एयरपोर्ट पर जैसे 500 -500 रुपये यूजर चार्ज लगा कर एयरपोर्ट को आधुनिक बनाया गया और बाद में उसे अडानी के हवाले कर दिया गया अब वही फार्मेट रेलवे में भी लाया जा रहा है….. इसमे असली फायदा अडानी अम्बानी जैसे को ही होगा…… स्टेशन विकास शुल्क लेने के बाद भी रेलवे स्टेशन पर उपलब्ध हर सुविधा के लिए आपको अलग से कीमत चुकाना होगी …..यह बात अच्छी तरह से समझ लीजिए…


गिरधारी लाल गोयल-

बिजली के रेट आधे हुए हैं, इस खुशफहमी को दिमागों से निकाल दो। आज एक समझदार और हर तरह के डाटा रखने वाले मित्र का कमेंट पढ़ कर आश्चर्य में रह गया कि वे कह रहे थे कि उनका बिल आधा कर दिया। ग़ज़ब ख़ुशफ़हमी है।

योगी जी जी के ऊर्जा मंत्री के ट्वीट से बहुत भ्रम पैदा हो गया है कि शहरी क्षेत्र की यूनिट दर 6 रुपये की तीन रुपये कर दी है जबकि UPPCL शहरी क्षेत्र के LMV 1 के 150 यूनिट तक 5.5₹ और 150 से 300 तक 6 ₹ की रेट हैं जो कि बरकरार हैं।

Bharatiya Janata Party (BJP) इस मामले में कुछ ज्यादा ही होशियारी दिखा रही है। वह जनता के मन में पैदा हुए भ्रम को दूर नहीं कर रही क्योंकि चुनाव जीतने पर ये खोल कर दिखा देंगे कि देख लो ये ट्वीट तो नलकूपों से सम्बंधित था।

मध्यम वर्गीय वोटर ज्यादा आदर्शवादी ना बने। इन घमण्डीयों से हकपूर्वक 300 यूनिट फ्री मांगो।


पंकज श्रीवास्तव-

मोदी सरकार की एक और बड़ी उपलब्धि…. अब रेल यात्रियों को स्टेशन से ट्रेन पकड़ने और उतरने के लिए भी देने होंगे पैसे। मतलब भारतीय रेल नए सिरे से विकसित हो रहे रेलवे स्टेशनों पर उतरने या चढ़ने वाले प्रति यात्री 10 से 50 रुपए अतिरिक्त शुल्क वसूलेगा।

तुर्रा ये है कि इसके एवज में यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का पुनर्विकास किया जायेगा। अब आप पूछेंगे कि कौन-कौन से स्टेशन तो उदाहरण के लिए आपको बता दें कि सबसे पहले ये जन कल्याणकारी योजना रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और गांधीनगर रेलवे स्टेशन पर लागू होगा।

सभी एसी क्लास के लिए 50 रुपया, स्लीपर क्लास के लिए 25 रुपया और अनारक्षित क्लास के लिए 10 रुपया। खबर पढ़कर हाफिये मत, पूरी खबर ये है कि इस पर अलग से जीएसटी दे होगा।

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3 Comments

3 Comments

  1. Madan tiwary

    January 13, 2022 at 8:10 am

    इसमें गलत क्या है ? मुफ्तखोरी की मानसिकता खत्म होनी चाहिए, सड़क चाहिए विश्वस्तरीय लेकिन पैसा देगा मंगरुआ ? उपयोग जो करेगा वह पैसा देगा, अन्यथा ट्रेन, बस का उपयोग कीजिये। हरामखोरी बन्द होनी चाहिए अब।

  2. Madan tiwary

    January 13, 2022 at 8:16 am

    सभी हरामखोरो का कमेंट पढा, ये हरामखोर चाहते क्यां हैं ?सड़क का निर्माण आम जनता के पैसे से हो और उसका उपयोग ये मुफ्तखोर करें ? ये मुफ्तखोर कमेंटबाज निश्चित रूप से घर के भोजन के लिये अनाज-सब्जी वगैरह भी चुराकर लाते होंगे, भले 50 लाख के मकान में रहते हों।

  3. Madan tiwary

    January 13, 2022 at 8:28 am

    बिजली के क्षेत्र में सोलर के पैनल से लेकर मॉड्यूल तक को टैक्स मुक्त करे, उसपर सब्सिडी दे, इससे फॉरेन करेंसी भी बचेगी, पर्यावरण भी बचेगा।

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