मीडिया फील्ड में ‘योगदान’ के लिए मोदी जी को मैं धन्यवाद दूंगा!

मोदी राज में उत्तर भारत के कई राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड, हरियाणा और दिल्ली के लोगों को इतना जागरूक कर दिया गया है कि लोग अखबार पढ़ना ही भूल गए।

डिजिटल मीडिया को मजाक बना दिये और टीवी चैनल के पत्रकार ज्यादातर भक्त हो गए।

जो अखबार बचे हैं उनकी कमर तोड़ दी है। 2024 तक कई मीडिया हाउस समाप्त हो जाएंगे। ले दे कर बचेंगे सोशल मीडिया के पत्रकार जो विदेशी कंपनियों के प्लेटफॉर्म पर बचेंगे। जैसे, फेसबुक, ट्वीटर और यू ट्यूब। इनकी कमान विदेशियों के हाथ में रहेगी।

ये विदेशी मनमानी नहीं कर पाएंगे क्योंकि रामदेव जैसे स्वदेशी ‘हीरो’ का ब्रांड यही दिखाया जायेगा और इससे सोशल मीडिया के पत्रकार जिंदा रहेंगे।

सच्चाई यही है कि इसके लिए बड़े-बड़े मीडिया हाउस भी जिम्मेदार हैं। कमाई के चक्कर में यह दशा हुई है। डिजिटल मीडिया पर कॉपी पेस्ट कंटेंट को खुद गूगल ने रोक दिया और अब असली कंटेंट सूत्र मीडिया को दे नहीं रहे। वो खुद खबर ब्रेक कर दे रहे हैं। इसके लिए मोदी सरकार को धन्यवाद देता हूँ।

क्षेत्रीय दल की सरकारें भी मीडिया को जिंदा कर रही हैं। लेकिन एक लाइन सही खबर नहीं लिखा जा रहा है। विज्ञापन का दबाव क्या न करा दे?

संतोष कुमार पांडेय
pandey.kumar313@gmail.com



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