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नेशनल दुनिया के मालिकों को अंतिम मौका, पीएफ राशि जमा नहीं कराई तो गिरफ्तारी वारंट

जयपुर। भविष्य निधि (पीएफ) की राशि जमा नहीं करवा रहे नेशनल दुनिया अखबार के मालिकों, संपादक, महाप्रबंधक व कंपनी के निदेशकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकते हैं और इस अपराध के लिए मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। पत्रकार व गैर पत्रकारों के वेतन से पीएफ राशि काटकर उसे जमा नहीं कराने के मामले में कर्मचारी भविष्य निधि कोर्ट जयपुर ने इस मामले में अखबार मालिकों व कंपनी निदेशकों को आखिरी मौका देते हुए 15 मार्च तक सभी बकाया राशि जमा कराने और अगली तारीख पर अखबार मालिकों व कंपनी निदेशकों को हाजिरी होने को कहा है, साथ ही उनकी गैरहाजिरी पर मालिकों की तरफ से अधिकृत अफसरों को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

जयपुर। भविष्य निधि (पीएफ) की राशि जमा नहीं करवा रहे नेशनल दुनिया अखबार के मालिकों, संपादक, महाप्रबंधक व कंपनी के निदेशकों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो सकते हैं और इस अपराध के लिए मुकदमा भी दर्ज हो सकता है। पत्रकार व गैर पत्रकारों के वेतन से पीएफ राशि काटकर उसे जमा नहीं कराने के मामले में कर्मचारी भविष्य निधि कोर्ट जयपुर ने इस मामले में अखबार मालिकों व कंपनी निदेशकों को आखिरी मौका देते हुए 15 मार्च तक सभी बकाया राशि जमा कराने और अगली तारीख पर अखबार मालिकों व कंपनी निदेशकों को हाजिरी होने को कहा है, साथ ही उनकी गैरहाजिरी पर मालिकों की तरफ से अधिकृत अफसरों को पेश होने के निर्देश दिए हैं।

पत्रकारों व गैर पत्रकारों के वेतन से पीएफ राशि काटकर भविष्य निधि कार्यालय में जमा नहीं कराने को लेकर नेशनल दुनिया में चीफ रिपोर्टर रहे राकेश कुमार शर्मा ने नेशनल दुनिया के संपादक, महाप्रबंधक और अखबार की अधिकृत कंपनी मैसर्स एसबी मीडिया प्राइवेट लिमिटेड जयपुर के निदेशकों के खिलाफ आपराधिक परिवाद दायर कर रखा है। इस परिवाद पर आज एक मार्च, 2016 को सुनवाई के बाद कोर्ट कमिश्नर सी.एम.महावर ने नेशनल दुनिया की तरफ से आए अकाउंटेंट रमाकांत यादव को फटकार लगाते हुए कहा कि एक तो आपके मालिक व उनकी तरफ से कोई अधिकृत अफसर सुनवाई में नहीं आते और ना ही पीएफ राशि जमा करा रहे हो। रमाकांत यादव ने नेशनल दुनिया के लेटरपैड पर अखबार मालिक शैलेन्द्र भदौरिया के नाम से हस्ताक्षरित एक पत्र कोर्ट कमिश्नर को दिया, जिसमें लिखा था कि वह किसी कार्य से बाहर है और तारीख पेशी पर नहीं आ सकते।

रमाकांत यादव ने कंपनी की तरफ से यह भी कहा कि आगामी 15 मार्च तक मार्च, 2015 तक की पीएफ राशि जमा करा दी जाएगी और शेष महीनों की बकाया राशि अक्टूबर, 2016 को जमा करा देंगे। इस पर कोर्ट कमिश्नर ने उन्हें फटकार लगाते हुए कहा कि एक तो आप कंपनी की तरफ से अधिकृत कर्मचारी नहीं हो और ना ही कंपनी ने पीएफ राशि जमा कराने संबंधी बयान को लिखित में दिया है। सुनवाई के दौरान राकेश कुमार शर्मा ने कंपनी की तरफ से पेश किए गए पत्र को फर्जी बताते हुए कहा कि अगर शैलेन्द्र भदौरिया बाहर हैं तो लैटरपेड पर शैलेन्द्र भदौरिया के साइन कहां से आए। इससे लगता है कि या तो यह पत्र फर्जी है या वह जयपुर में है, लेकिन पेशी पर नहीं आना चाहते। पिछली तारीख पर भी ऐसा ही फर्जी पत्र दिया गया था।

इस पर कोर्ट कमिश्नर ने रमाकांत यादव को कहा कि यह लीगल प्रोसेस है। पहले ही पीएफ राशि जमा नहीं करवाकर कंपनी व अखबार प्रबंधन आपराधिक कृत्य को अंजाम दे चुका है। अब फर्जी दस्तावेज पेश करके भी गुमराह किया जा रहा है। कोर्ट कमिश्नर ने मामले में 15 मार्च तक की तारीख पेशी देते हुए रमाकांत यादव को कहा कि अगली तारीख तक अखबार मालिकों या उनके अधिकृत अफसर को हाजिर करें, अन्यथा कंपनी व अखबार प्रबंधन के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करवाया जाएगा और गिरफ्तारी वारंट के साथ कंपनी के खाते भी कुर्क करने की कार्रवाई की जाएगी।

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