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उत्तर प्रदेश

धरना दे रहे रिहाई मंच के नेताओं को लखनऊ पुलिस ने जमकर पीटा (देखें वीडियो)

लखनऊ 3 नवम्बर 2016। 8 लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मारने की घटना के खिलाफ यहां धरने पर बैठे ‘रिहाई मंच’ के नेताओं राजीव यादव और शकील कुरैशी को पुलिस ने जमकर पीटाा। रिहाई मंच की तरफ से कहा गया कि उनके नेताओं को पुलिस ने एनकाउंटर में मारने की धमकी दी और बर्बर पिटाई की जो अखिलेश राज में लोकतंत्र की हत्या का ताजा उदाहरण बताया है। पुलिस ने धरने स्थल से बैनर फाड़ते हुए माइक, बैट्री आदि उठा ले गई। मंच इस मुद्दे पर प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाकर जनता के बीच इस इंसाफ विरोधी सरकार को बेनकाब करेगा। मंच ने हमलावर पुलिस कर्मियों को तत्काल निलम्बित करने की मांग की है।

लखनऊ 3 नवम्बर 2016। 8 लोगों को फर्जी मुठभेड़ में मारने की घटना के खिलाफ यहां धरने पर बैठे ‘रिहाई मंच’ के नेताओं राजीव यादव और शकील कुरैशी को पुलिस ने जमकर पीटाा। रिहाई मंच की तरफ से कहा गया कि उनके नेताओं को पुलिस ने एनकाउंटर में मारने की धमकी दी और बर्बर पिटाई की जो अखिलेश राज में लोकतंत्र की हत्या का ताजा उदाहरण बताया है। पुलिस ने धरने स्थल से बैनर फाड़ते हुए माइक, बैट्री आदि उठा ले गई। मंच इस मुद्दे पर प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाकर जनता के बीच इस इंसाफ विरोधी सरकार को बेनकाब करेगा। मंच ने हमलावर पुलिस कर्मियों को तत्काल निलम्बित करने की मांग की है।

मंच ने इस दौरान पुलिसिया बर्बरता का वीडियो भी जारी किया है जिसे देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें :

https://youtu.be/omXNQ2B-NyE

रिहाई मंच प्रवक्ता शाहनवाज आलम ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि धरना शुरू होने से पहले ही जिस तरह मंच महासचिव राजीव यादव और शकील कुरैशी को धरना स्थल से लाठी से पीटते हुए पुलिस चैकी के अंदर ले गई और ढ़ाई घंटे तक सीमी आतंकी, मुसलमान, कटुआ और पाकिस्तानी एजेंट बताकर पीटा वो अखिलेश सरकार के साम्प्रदायिक और मुस्लिम विरोधी चरित्र को उजागर करता है। पिटाई के दौरान पुलिस कर्मियों ने अपने नेम प्लेट हटा लिए थे जो साबित करता है कि पुलिस ने पूर्व नियोजित साजिश के तहत फर्जी एनकाउंटर का सवाल उठाने वालों को पीटा जिसमें शकील कुरैशी का हाथ टूट गया और राजीव यादव को गम्भीर चोटें आईं।

उन्होंने कहा कि मंच के नेताओं को हजरतगंज पुलिस बूथ में अवैध कानूनी हिरासत में पीटने के बाद हजरतगंज कोतवाली ले जाया गया। वहां पुलिसकर्मी सतीश चंद्र और क्राइम ब्रांच के आधा दर्जन से ज्यादा सादी वर्दी में मौजूद पुलिसकर्मी, जिसमें एक का नाम संतोष था, ने सिमी आतंकी कहकर इन नेताओं पर अमानवीय अत्याचार किया और फर्जी एनकाउंटर में मारने की धमकी देते रहे। यह सब पुलिस के आपराधिक साजिश का हिस्सा साबित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंच महासचिव राजीव यादव के अवचेतन अवस्था में पहुंच जाने के घंटों बाद तक भी अस्पताल न ले जाना साबित करता है कि पुलिस इन नेताओं की हत्या करना चाहती थी।

मंच प्रवक्ता ने कहा कि जिस तरह भाजपा शासित मध्यप्रदेश की पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड़ पर सवाल उठाने वालों को समाजवादी अखिलेश सरकार की पुलिस ने हत्या की नीयत से पीटा है वो सपा और भाजपा के मुस्लिम विरोधी गठजोड़ को बेनकाब करता है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही रिहाई मंच प्रदेश व्यापी आंदोलन चलाकर पुलिस के साम्प्रदायिक चरित्र को उजागर करेगा।

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