पत्रकार रिजवान मुस्तफा के घर पहुंची पुलिस, परिजनों से अभद्रता करने का आरोप

बाराबंकी। वरिष्ठ पत्रकार रिजवान मुस्तफा के नगर के मोहल्ला दयानंद नगर स्थित घर पर देर रात पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही की बाराबंकी हिंदी पत्रकार एसोसिएशन ने कड़े शब्दों में निंदा की है और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

संगठन के पदाधिकारियों ने घटना के विरोध में मुख्यमंत्री को ज्ञापित मांग पत्र भेजा है। संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार द्विवेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा था कि पत्रकारों के मामलों को बेहद संवदेनशील तरीके से देखा जाए। मगर यूपी में पुलिस राजनीतिक दबाव में काम कर रही है। अक्सर पत्रकारों के मामलों में पुलिस की संवेदनहीनता दिखाई देती है। इस मामले में भी ऐसे ही कुछ हुआ जो बेहद निंदनीय है।

जिलाध्यक्ष पाटेश्वरी प्रसाद ने कहा कि पत्रकार कहीं वक्फखोरो, तो कहीं भूमाफियाओं और गोरखधंधा करने वालों का शिकार हो रहे हैं। सर्दी हो या बरसात दिन-रात खबरों का संकलन करके जन-जन तक जनता की आवाज पहुंचाने वाले पत्रकार ही नहीं सुरक्षित हैं तो जनता का क्या हाल होगा, यह सवालिया निशान है?

मंडल अध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहा पत्रकार का काम ऐसा है कि किसी न किसी पक्ष को पीड़ा पहुंचेगी ही लेकिन सरकार अपनी आलोचना न सुन सके, ये स्थिति बेहद गंभीर है। हो सकता है कि इसके पीछे सरकार का प्रचंड बहुमत का अहंकार हो लेकिन यह लोकतांत्रिक मूल्यों को कितना नुकसान पहुंचा रहा है, इसका अंदाजा शायद सरकार में बैठे लोगों को नहीं है। प्रशासनिक स्तर पर ऐसी कार्रवाइयों का सिर्फ एक मकसद है पत्रकारों को डराना।

एसोसिएशन के महामंत्री रणंजय शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार वकीलों के मामले में बार काउन्सिल देख रेख करता है, उसी प्रकार पत्रकारों के मामलों में प्रेस काउन्सिल ऑफ इण्डिया देखता है। सभी पत्रकारों को प्रेस काउन्सिल को सूचना देकर उचित कार्यवाही की मांग करने की जरूरत है। पत्रकारों के लिए भी नियम बनने चाहिए ताकि वह अपनी समस्या लेकर उसका निपटारा करवा सकें। पत्रकारों को एक जुट होकर पत्रकारों पर हो रहे हमलों और पुलिसिया कार्यवाही के विरूद्ध आवाज उठाने की जरूरत है।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्र ने कहा कि पत्रकार रिजवान मुस्तफा के घर पर देर रात की गई कार्यवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह घटना बेहद निंदनीय है। इसके लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा भेजा गया है, अगर पत्रकारों के प्रति पुलिस का रवैया संतोषजनक नहीं होता है तो हिंदी पत्रकार एसोसिएशन आंदोलन करेगा।

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