कांग्रेस-मुक्त भारत बना, अब दाग-मुक्त संसद बनाएं, बस एक आरटीआई लगाएं

सुजीत कुमार सिंह 'प्रिंस'हमारा देश एक बड़े बदलाव से गुजर रहा है। मतदाताओं ने कांग्रेसमुक्त भारत बना दिया है। लेकिन संसद दागदार हो गयी है। 186 सांसदों पर गंभीर आरोप हैं जिनमें बलात्कार, हत्या, अपहरण, दंगा, महिलाओं पर हिंसा जैसे गंभीर मामले शामिल हैं। यहां तक कि मोदी सरकार के मंत्रियों में से लगभग एक तिहाई लोग भी दागदार हैं। पिछली लोकसभा में दागी सांसदों की संख्या 162 थी। अब संसद को दागमुक्त करना हमारा दायित्व है। मोदी सरकार ने स्पीडी ट्रायल द्वारा ऐसे सांसदों के मामलों को एक साल के भीतर निपटाने की बात कही है। संभव है कि दागी सांसदों को बेदाग बताने के लिए जांच एजेंसियों को प्रभावित किया जाये, गवाहों को खरीदा और पीड़ित पक्ष को धमकाया जाये। इसलिए, दागी सांसदों के मामलों पर जागरूक नागरिकों की निगरानी जरूरी है।

अगर कोई सांसद बेकसूर है, तो जरूर उसे राहत मिले। लेकिन जो वाकई कसूरवार हैं, उन्हें सजा मिलनी ही चाहिए। अन्यथा अदालत द्वारा दोषमुक्त करार दिये जाने के बावजूद संसद दागदार ही रहेगी। इसलिए, दागमुक्त संसद बनाने का यह ऐतिहासिक अभियान शुरू किया जाना चाहिए। यह आपकी मदद से ही संभव है। आपको बस जागरूक नागरिकों को तलाशने की जरूरत है, जो इन सांसदों से जुड़े मामलों पर सूचना का अधिकार द्वारा सूचनाएं निकालकर उन्हें सार्वजनिक करें।

एक नागरिक अगर किन्हीं पांच-सात सांसदों के मामलों पर नजर रखना शुरू कर दे, तो यह काम आसानी से हो सकता है। चूंकि आपको घर बैठे सूचना का आवेदन स्पीड पोस्ट द्वारा भेजना है, इसलिए यह बहुत मुश्किल नहीं। एक बार आप पहल करेंगे तो हर संसदीय क्षेत्र में स्थानीय पत्रकारों, नागरिकों, वकीलों एवं राजनीतिक-सामाजिक कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या खुद ही इसमें दिलचस्पी लेने लगेगी। इस तरह यह हमारी अकेले की लड़ाई नहीं होगी, बल्कि तमाम जागरूक लोग इसमें साथ जुड़ते चले जाएंगे। एक बार जब यह पता चल जायेगा कि किस तरह सूचना मांगी जा सकती है और किस तरह मुकदमों पर नजर रखी जा सकती है, तो बहुत से लोग खुद ही यह काम करके आपके साथ आ जाएंगे। लेकिन ध्यान रहे, आवेदन किसी एक नागरिक के ही नाम से जमा किया जाता है, संयुक्त नाम से नहीं।

प्रारंभिक चरण में यहां सूचना के अधिकार के तहत आवेदन के प्रारूप दिये जा रहे हैं। आप देश के किसी भी कोने में हों, वहीं से आप किसी भी राज्य के किसी भी सांसद के बारे में सूचना का आवेदन डाक द्वारा भेज सकते हैं। इससे मिले नतीजों को साझा किया जायेगा। अगले चरण में संबंधित मामलों के पीड़ित पक्ष और उनके वकीलों से संपर्क करके यह गारंटी की जायेगी कि किसी भी मामले को दबाया न जा सके। एसोसिएशन फोर डेमोक्रेटिक राइट्स की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा लोकसभा में 186 दागी सांसद हैं। लेकिन हम अपने इस अभियान में हर सांसद के बारे में सूचना हासिल करना चाहेंगे। संभव है किसी सांसद ने अपने मामलों की सूचना छिपायी हो।

लोकसभा हेतु सूचना के आवेदन का प्रारूप

सेवा में

जनसूचना अधिकारी

लोकसभा सचिवालय

संसद एनेक्सी, नई दिल्ली- 110001

विषय – सूचना का अधिकार के तहत सूचना हेतु आवेदन

कृपया सूचना का अधिकार के अंतर्गत निम्नलिखित सूचना एवं तत्संबंधी दस्तावेजों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपि प्रदान करें-

लोकसभा के माननीय सदस्य श्री/श्रीमती ………. द्वारा लोकसभा चुनाव 2014 में अपने शपथपत्र में दी गयी जानकारी के अनुसार उन पर अगर किसी प्रकार के मामले दर्ज रहे हों, तो प्रत्येक मामले की सूची, प्राथमिकी संख्या, थाना के नाम, धाराओं की सूचना तथा अभियोग की प्रकृति इत्यादि से संबंधित सूचना एवं संबंधित दस्तावेजों की प्रतिलिपि प्रदान करें।

वर्तमान में उक्त सांसद के किसी मामले का निष्पादन हो चुका हो अथवा कोई नये मामले दर्ज हुए हों तो इसकी सूचना प्रत्येक मामले के विवरण एवं दस्तावेज सहित प्रदान करें।

माननीय प्रधानमंत्री ने संसद को दागमुक्त बनाने हेतु एक साल के भीतर ऐसे उन मामलों के निष्पादन की बात कही है। अगर वर्तमान में उक्त माननीय सांसद पर कोई मामला दर्ज हो तो संसद को दागमुक्त बनाने की दिषा में ऐसे मामले/मामलों के निष्पादन की दिषा में उठाये गये कदमों एवं संबंधित निर्देष तथा दस्तावेजों की सूचना प्रदान करें।

आवेदन के साथ दस रुपये का पोसटर्ल आउर संलग्न है।

दस रुपये का पोस्टल आर्डर इस नाम पर देय होगा-

Drawing and Disbursement Officer, Lok Sabha

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पुलिस मुख्यालय हेतु सूचना के आवेदन का प्रारूप

सेवा में

जनसूचना अधिकारी
पुलिस महानिदेशक
……………………..

विषय – सूचना का अधिकार के तहत सूचना हेतु आवेदन

कृपया सूचना का अधिकार के अंतर्गत निम्नलिखित सूचना एवं तत्संबंधी दस्तावेजों की अभिप्रमाणित प्रतिलिपि प्रदान करें-

संसदीय क्षेत्र ……………………………………… से लोकसभा के माननीय सदस्य श्री/श्रीमती …………………………………….. के खिलाफ वर्तमान में लंबित प्रत्येक मामले की सूची, प्राथमिकी संख्या, थाना के नाम, धाराओं की सूचना तथा अभियोग की प्रकृति इत्यादि से संबंधित सूचना एवं संबंधित दस्तावेजों की प्रतिलिपि प्रदान करें।

वर्तमान में उक्त सांसद के किसी मामले का निष्पादन हो चुका हो अथवा कोई नये मामले दर्ज हुए हों तो इसकी सूचना प्रत्येक मामले के विवरण एवं दस्तावेज सहित प्रदान करें।

माननीय प्रधानमंत्री ने संसद को दागमुक्त बनाने हेतु एक साल के भीतर ऐसे उन मामलों के निष्पादन की बात कही है। इस दिषा में अब तक उठाये गये कदमों तथा ऐसे मामले/मामलों के निष्पादन की दिषा में उठाये गये कदमों एवं संबंधित निर्देश तथा दस्तावेजों की सूचना प्रदान करें।

आवेदन के साथ दस रुपये का पोस्टल आर्डर संलग्न है।

गाजीपुर से सुजीत कुमार सिंह ‘प्रिंस’ की रिपोर्ट. प्रिंस आजाद पत्रकार हैं. पूर्वी यूपी के खोजी पत्रकार के बतौर जन सरोकार से जुड़े कई मसलों को वह कैमरा, कलम और न्यू मीडिया के जरिए सामने ला चुके हैं. एनएचआरएम घोटाले की जांच के दौरान इसी कड़ी में उनके द्वारा उजागर किए गए एक नए प्रदेशव्यापी घोटाले को सीबीआई ने अपने जांच का विषय बनाया. इसी उल्लेखनीय खुलासे के कारण उन्हें भड़ास विशिष्ट सम्मान से भी नवाजा जा चुका है.

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