सहारा मीडिया से सूचना है कि नए बने ग्रुप एडिटर उपेंद्र राय ने बदलाव शुरू कर दिया है. राष्ट्रीय सहारा अखबार के वाराणसी संस्करण के संपादक स्नेह रंजन को बर्खास्त कर दिया गया है. गाजीपुर के ब्यूरो चीफ आशीष कुमार सिंह को प्रमोट करके बनारस में राष्ट्रीय सहारा का नया यूनिट मैनेजर बनाया गया है. शशि प्रकाश को नया एडिटोरियल हेड तैनात किया गया है. चर्चा है कि बदलाव का यह काम दूसरी यूनिटों में भी चलेगा. इसको लेकर सहारा कर्मी आशंकित हैं. सहारा में सेलरी संकट बना हुआ है. सेलरी न मिलने से पूरा सहारा मीडिया आटो मोड में चला गया है.
In this article:
6 Comments
6 Comments
Leave a Reply
Cancel reply
Leave a Reply
भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team
भड़ास मेल: [email protected]
Latest 100 भड़ास
- अली शरर ने शुरू की नई पारी, ‘आज की खबर’ में बने डिप्टी एडिटर
- खनन माफियाओं ने सारे दांव-पेंच आजमाए, लेकिन मैहर के इस पत्रकार की कलम न खरीद पाए!
- आज के अखबार : ईवीएम वाली बिल्डिंग में आग लगने की खबर ढूंढ़नी पड़ी, जो मिली उनके विवरण भ्रामक
- न्यूज़क्लिक ढह चुका है; केंद्र सरकार की बदनीयती के कारण सैंकड़ों पत्रकार बेरोजगार हो गए!
- चूंकि मैं एक पत्रकार हूं; इसलिए राहुल के भाषण में मीडिया, सोशल मीडिया और लोकतंत्र के संदर्भ में की गई उनकी एक महत्वपूर्ण टिप्पणी पर मेरी निगाह टिक गई!
- माफी मांगने के बाद भी दैनिक जागरण संवाददाता का नहीं छूटा पिंड, अब मानवाधिकार आयोग से शिकायत!
- राम मंदिर चंदा चोरी मामले में दो गिरफ्तार, श्रीराम की दौलत चुराकर महंगी जमीन खरीदने का आरोप
- 60 की मेरी उम्र है; 50 साल से बतौर श्रोता विविध भारती से मेरा रिश्ता है- प्रताप सोमवंशी
- सक्रिय पत्रकारिता को अलविदा कर पत्रकार प्रवेन्द्र लोधी ने ली सपा की सदस्यता!
- ‘जी राम जी’ से पहले ‘मनरेगा’ में डिजिटल घोटाले की दस्तक! क्लोन ऐप से लग रही श्रमिकों की फर्जी हाजिरी
- BBC इंडिया की कंटेंट पार्टनर कलेक्टिव न्यूजरूम में इस्तीफों की झड़ी! आखिर अंदर चल क्या रहा है?
- ऑनलाइन ठगी का नया तरीका है- “माइक्रो-प्राइसिंग फ्रॉड”
- नहीं रहे बुंदेलखंड की आंचलिक पत्रकारिता के पुरोधा व वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र अध्वर्यु
- यूपी में अफसरों के आगे कैबिनेट मंत्री का ये हाल है तो सोचिए विधायकों-सांसदों का क्या होगा?
- टीवी, रेडियो और DTH के लिए एक ब्रॉडकास्टिंग नियम; MIB के नए प्रस्ताव से मीडिया सेक्टर में हलचल!
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में हजारों करोड़ रुपये घोटाले का खुलासा, देखें वीडियो
- आज के अखबार : TMC की टूट, नाविकों की मौत पर बात होनी थी ‘सूचना’ है, शॉक या शोक संदेश नहीं!
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड : पूर्व लेखा प्रभारी ने कहा- चंपत राय अव्यवस्था पसंद आदमी हैं!
- दूरदर्शन, इंडिया टाइम्स और नेटवर्क18 से जुड़ीं तीन युवा पत्रकार
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का एल्गोरिदम अब रचनात्मकता से ज्यादा ‘शॉक वैल्यू’ और विवाद को बढ़ावा देता है!
- इन सारे मामलों में जजों का जो कमीशन बैठाया गया उसका नतीजा क्या निकला?
- PNB बैंक को करोड़ों का चूना लगाने का आरोपी नीरव मोदी मामले में CBI को भ्रष्टाचार के सबूत नहीं मिले, मजिस्ट्रेट कोर्ट भेजा गया केस!
- फ्लेवर्ड ORS के कारोबार के खिलाफ अकेले खड़ी रही इस बाल रोग विशेषज्ञ को सिस्टम ने हरा दिया!
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश गुप्ता का राजीव कुमार जैसा हाल होगा!
- एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा डीजल बिक्री पर लगेगी रोक, केंद्र ने बनाया नया प्रावधान
- कट्टर मोदी समर्थक राजेश शर्मा के नाविक पुत्र आदित्य की अमेरिकी हमले में मौत!
- अब पुलिसवाला या मजिस्ट्रेट अपनी मर्जी से किसी को भी बिना वजह ‘शांति भंग’ का बहाना बनाकर जेल में नहीं डाल सकता!
- परिवार, कला और दोस्ती पर राजनीति का साया; द स्टेट्समैन में छपी अहम टिप्पणी!
- घूसखोरों के नगर ग्रेटर नोएडा में फिर दो मजदूर मरे, इनकी लाश पर भी भ्रष्टाचारी भर लेंगे अपनी जेब!
- दान किए मुर्दे का लिंग और 370 की बिरयानी में योनि : किसी की त्रासदी दूसरे के लिए डिजिटल रील का केवल एक स्क्रीनशॉट है!
- इंडिया टुडे ग्रुप ने Creator Cell को दी नई ताकत, 1.6 अरब इंटरैक्शन का दावा
- ‘हिल-मेल’ डिजिटल चैनल लॉन्च, सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने देहरादून में वर्चुअल माध्यम से किया शुभारंभ
- AI के नाम पर घरों में घुसा कैमरा, 250 रुपये में रिकॉर्ड हो रही निजी जिंदगी!
- देश को आर्थिक संकट से निकालने की कोशिशों का जीवंत दस्तावेज़ है फिल्म “गवर्नर”
- देश की आर्थिक बदहाली मोदी सरकार के लिए गुप्त रोग की तरह है, जिसे वह साझा नहीं कर सकती!
- इन विटामिन की कमी से बढ़ रहा डिमेंशिया का खतरा, ICMR की रिसर्च ने बढ़ाई चिंता
- मोदी सरकार की आलोचना की क़ीमत फ़र्ज़ी मुकदमों से चुकानी पड़ी!
- जनतंत्र टीवी के प्रधान संपादक पर एंकर मीनाक्षी सिसौदिया का गंभीर आरोप, श्रम आयुक्त कार्यालय में भी दिखाया तानाशाही रवैया
- आज के अखबार : TOI के कॉलम लेखक के बंगाल में मंत्री बनने के बहाने उनकी विपरीत यात्रा की चर्चा
- पतंजलि उत्पादों पर FDA की छापेमारी, बॉम्बे हाईकोर्ट में महाराष्ट्र सरकार ने क्या स्टैंड लिया, पढ़िए!
- टाइम्स ग्रुप ने इन चार अखबारों से झाड़ा पल्ला, कहा- हमारा कोई लेना-देना नहीं!
- दैनिक जागरण जैसे अखबार चढ़ावे की चोरी छाप रहे हैं, न्यूज़ चैनल वाले कब धर्मद्रोहियों से सवाल पूछेंगे?
- लोग शक कर रहे हैं कि इंडियन एक्सप्रेस में छपा यह लेख नीतीश कुमार ने ही लिखा है!
- दो-दो न्यूज़ चैनलों में एकसाथ नौकरी कर रही प्रिया तिवारी पर एक्शन की तैयारी!
- जनतंत्र टीवी से इस्तीफा देने वाले अली शरर के लिए महिला एंकर ने क्या कुछ लिखा है, पढ़िए!
- शब्दचर्चा 90 : TMC की चर्चित सांसद का नाम सयानी, सायनी, सयोनी या सायोनी?
- जनतंत्र टीवी विवाद: महिला एंकर ने एडिटर इन चीफ जीतेंद्र शर्मा की श्रम न्यायालय में कराई पेशी
- जनतंत्र टीवी से संपादक (अपराध) अली शरर का इस्तीफा!
- टीवी9 भारतवर्ष से आशीष भट्ट ने अपनी डेढ़ साल की पारी समाप्त की!
- कोर्ट ने EOW और ईडी को फटकार लगाते हुए न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ के ख़िलाफ़ फ़र्ज़ी मुकदमा ख़ारिज किया
- शब्दचर्चा 89 : भगवत गीता, भगवद गीता, भागवत गीता या भागवद गीता?
- पॉडकास्ट विवाद में हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, कहा- कानून से ऊपर नहीं हैं पत्रकार
- सौरभ द्विवेदी : हाथ बाँधकर युद्ध में उतारी गई प्रतिभा!
- न्यूज़लॉन्ड्री की महिला पत्रकारों पर टिप्पणी का मामला, अभिजीत अय्यर-मित्रा को कोर्ट से राहत!
- AAP विधायकों के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे पंजाब के पत्रकार रत्तनदीप सिंह धालीवाल!
- मेरठ में खनन माफिया की खबर छापने पर पत्रकार को किडनैप कर पीटा, आठ पर मुकदमा
- आज के अखबार : ममता के घर छापे में शून्य बरामदगी की खबर टाइम्स ऑफ इंडिया और टेलीग्राफ में ही है
- मीनाक्षी नटराजन को लेकर दैनिक भास्कर की अपेक्षा नई दुनिया ने आज अच्छी हेडिंग लगाई है!
- दैनिक जागरण/inext को प्रयागराज, आगरा और कानपुर में रिपोर्टर्स की तलाश!
- यूपी पुलिस को चेतावनी: 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखा तो देना होगा 25,000 रुपये मुआवजा!
- 4पीएम संवाददाता को मुकदमा वापस लेने की धमकी दे रहे अभियुक्त पर एक और FIR
- इस तरफ़ जाने से पहले इसे ज़रूर पढ़ें : उत्तराखंड में लोहे की सलाखों और जाल से हो रही घायल पहाड़ों की मरहम पट्टी!
- इंडियन एक्सप्रेस वाले राजकमल झा इस हेडिंग से भले ही मोदी दरबार में नंबर बना लें…
- 26 साल में पहली बार MSCI इमर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स के टॉप-10 से बाहर हुईं भारतीय कंपनियां
- मीडिया जगत में एक्सचेंज चल रहा है!
- अकबर उर्दू नहीं, फ़ारसी बोलता था!
- सोशल मीडिया टीम के सीनियर ईपी पुष्कर चौहान और ईई पंकज कुमार समेत 7 ने दिया इस्तीफ़ा
- भारत की 1 ट्रिलियन डॉलर की संपदा सिर्फ 229 धनकुबेरों के हाथ है!
- CJI सूर्यकांत और रिजिजू के अलावा भारत के 150 जज-वकील इस वक्त बैडमिंटन खेलने लंदन गए हैं; मोदी की मनाही सिर्फ आम जनता के लिए है?
- आज के अखबार : गवर्नमेंट ऑफ भारत का विज्ञापन, मोदी प्रशंसा और TMC वालों के बिकने की ‘खबरें’
- ज़ी न्यूज़ में मेरे स्पेशल प्रोग्रामिंग हेड होने के दौरान गिरिजेश मिश्र टीम के सबसे मज़बूत खंभे थे!
- बदल रहा है न्यूज़ पढ़ने का अंदाज़, Brevity News की धमाकेदार एंट्री
- दैनिक भास्कर को भोपाल के लिए शिफ्ट इंचार्ज (अंग्रेजी) की जरूरत!
- भारत अपडेट का ‘कुशल नेतृत्व, बढ़ता उत्तर प्रदेश’ कॉन्क्लेव ताजनगरी में संपन्न, कई विषयों पर हुआ व्यापक मंथन
- दैनिक हिंदुस्तान के पूर्व वरिष्ठ पत्रकार और लेखक श्रीपाल जैन का निधन!
- आजतक रेडियो और इंडिया टुडे पॉडकास्ट्स ने जीते 7 अवॉर्ड!
- कैंसर से जिंदगी की जंग हार गए आजमगढ़ के मान्यता प्राप्त पत्रकार राजीव चौहान
- BARC की वसूली पर केंद्र का ब्रेक, न्यूज चैनलों को मिल सकती है राहत!
- फंड जुटाने के फैसले पर 10 जून की बैठक में विचार करेगा ZEE समूह!
- एचटी मीडिया को अपना प्लेटफार्म OTTplay बंद क्यों करना पड़ा?
- राजशेखर के बाद गिरिजेश का जाना, गोरखपुरियों वाली पत्रकारिता के एक पूरे युग का अंत है!
- अंजना ओम कश्यप v/s खान सर: सभी पक्ष सुनें बिना वीडियो हटवाने से हाईकोर्ट का इनकार!
- रुबिका लियाकत ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ में रात 9 बजे का प्राइम टाइम शो ‘न्यूज़ की पाठशाला’ होस्ट करेंगी!
- दैनिक भास्कर भोपाल के पहले पन्ने पर छपे कांतिलाल और अक्षय बम पर नजर पड़ी तो विज्ञापन के प्रति नजरिया ही बदल गया!
- टीवी रेटिंग को लेकर केंद्र और केबल कंपनियों में विवाद, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
- आज के अखबार : अमर उजाला के पहले पन्ने की ‘खास’ खबरों के बाद पता चला, सरकारी विज्ञापन भी अंदर है
- आगरा में NUJ के राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के पत्रकारों ने समस्याओं पर किया चिंतन!
- दैनिक भास्कर के संवाददाता मृत्युंजय सिंह की करंट लगने से दर्दनाक मौत!
- राम मंदिर के दानपात्र से कैश चोरी होने की खबर में दैनिक जागरण ने 4 कदम आगे का काम किया है!
- वरिष्ठ पत्रकार मनोज पांडेय का निधन!
- रिपब्लिक भारत से जुड़े आशीष चौधरी, डेक्कन हेराल्ड से नम्रता सिंदवानी की नई पारी
- IFWJ राजस्थान की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति बैठक में जुटे पत्रकार!
- रोहित कुमार, दीपाली सिन्हा और पुरु शर्मा के बारे में सूचनाएं!
- आज के अखबार : रीएग्जाम के पर्चे लीक होने की खबरों पर एनटीए का दावा अमर उजाला में पहले पन्ने पर है
- आईएएस संजय प्रसाद को हाईकोर्ट से बैक-टू-बैक दूसरी फटकार!
- युवाओं का गुस्सा “ऑनलाइन” निकालने का एक साधन मात्र है कॉकरोच पार्टी!
- कॉकरोचों के मध्य कामरेड : दीपांकर भट्टाचार्य ऐसे ही हैं, उन्हें कुछ नहीं हुआ है!
- न्यूज इंडिया 24×7 हिंदी अब नए रूप में, कंटेंट से लेकर प्रोग्रामिंग तक बड़ा बदलाव!
- मालवीय नगर अग्निकांड: एक शेफ को सूली पर चढ़ाकर समूचे सिस्टम के गुनाहों पर पर्दा डाला जा रहा है!
- क्या भारत जनसंख्या विस्फोट से निकलकर अब जनसंख्या गिरावट के दौर में प्रवेश कर रहा है?



G.P. Sing
November 16, 2015 at 2:53 am
Snah Madhur ji to 6-7 maheeno se pioneer Hindi ke vristha karyakari sampadak hain. kya ye 2-2 jagah ek sath kam kar rahe thay ?
पितामह भीष्म
November 14, 2015 at 3:09 am
सहारा की यूनिटों से ऐसे लोगों को बाहर का रस्ता दिखाना चाहिए जी बिना कार्य वेतन ले रहे हैं और जिनका कार्य में योगदान शून्य हैं।
उपेन्द्र जी के आने से कार्य प्रगति होगी ऐसा दिखाई दे रहा हैं बस वेतन नियमित हो जाये और बकाया किस्तो में मिल जाये।
iNSAF
November 18, 2015 at 9:21 pm
SHASHI RAI SARIKHE LOGON NE BRITISH RAJ KI ITIHAS TAJA KAR DI HAI. BHARAT GULAMI KI ORE HAI. DEKHTE HAI UPENDRA RAI IS BAAR NISHPAKSHA KAAM KARTE HAI YA FIR JAATIWAD KE JAAL ME FANS JAATE HAI. UNKI KAAMYABI NISHPAKSHTA AR BHI NIRBHAR HAI.
jayprakash kumar
November 19, 2015 at 7:35 am
सबसे जरूरी है पटना यूनिट को सुधारने की मुझे लगता है की कभी ५५००० पिंट छपने के बाद आज दो स्थिति ओ काफी दुर्भाग्य पूर्ण है ,बावजूद उसके इस यूनिट के अधिकारी अपने क्रिया कलाप प्र नाज करते है साथ ही मुझे लगता है इस यूनिट में जितना ट्रांसपर हुवा उतना किसी यूनिट में नही
कुमार कल्पित
November 17, 2015 at 5:56 am
क्या ऐसा कभी हुआ है , सुना है या संभव है कि किसी आंदोलनकारी को या यूनियन के पदाधिकारी को प्रबंधन अपनी ” गोद” में बैठा ले । क्या यह संभव है किसी सरकारी/अर्ध सरकारी/निगम या स्वायत्त शासी संस्था में वेतन न मिलने के विरोध में आंदोलन हो और नेतृत्व करने वाले को किसी शाखा का मुखिया बना दिया जाए । मसलन एक एक आंदोलनकारी शिक्षक नेता को निदेशक/अपर निदेशक या उप निदेशक बना दिया जाए । शायद क्या निश्चित रूप से नहीं । लेकिन ऐसा हो सकता है क्या हुआ है । विश्व के सबसे सबसे भावनात्मक परिवार सहारा इंडिया ने अपने नियंत्रण में निकलने वाले अखबार राष्ट्रीय सहारा के वाराणसी संस्करण की कमान प्रक्रियाधीन यूनियन के स्वघोषित अध्यक्ष के हवाले कर दी ।
इस घटना ने अनायास ही हार की जीत नामक कहानी कि याद दिला दी । कहानी लगभग सभी ने पढी होगी । फिर भी …. कहानी में डाकू खडग सिंह को बाबा भारती का घोडा पसंद आ जाता है । वह बाबा भारती से मांगता है , न मिलने पर साधु का भेष धारण कर धोखे से घोडा हासिल कर लेता है । घोडा ले जाते समय बाबा भारती डाकू खडग सिंह से यही कहते हैं कि इस घटना का जिक्र किसी न करना वरना साधुओं से लोगों का विश्वास उठ जाएगा ।
कुछ ऐसा ही राष्ट्रीय सहारा आंदोलन के कथित छद्मधारी यूनियन के पदाधिकारी शशि प्रकाश राय को वाराणसी संस्करण का स्थानीय संपादक बनाने की घोषणा से हुआ । वैसे भी आज के समय का संपादक मालिकान का ” चिंटू ” होता है । ऐतराज श्री राय को संपादक बनाने से नहीं है । वैसे भी कुछ माह पूर्व हिंदी दैनिक आज के मालिक शार्दूल विक्रम गुप्त कह चुके हैं कि ” हम चाहें तो एक रिक्शा वाले को संपादक बना सकते हैं । राष्ट्र रत्न रहे शिव प्रसाद गुप्त के यशेस्वी पुत्र शार्दूल ने कुछ भी नहीं कहा कि उसकी हाय तौबा की जाए । ब्यूरो में कार्य करने वाले एक साधारण से रिपोर्टर रणविजय सिंह तमाम वरिष्ठतों की वरिष्ठता को लांघते हुए लखनऊ जैसे यूनिट के स्थानीय संपादक और जूनियर क्राइम रिपोर्टर स्वतंत्र मिश्र यूनिट हेड हो सकते हैं तो श्री राय क्यों नहीं । हम राय के विरोधी नहीं हैं । हम विरोध करते हैं किसी आंदोलन के मुखिया को प्रशासनिक पद सौंपे जाने का । बनाए जाने के तरीके का । अब तक आंदोलन को कुचलने का तरीका नेता को पैसे से खरीद लेने का रहा है । पत्रकारिता जगत के आंदोलनों का शायद यह पहला उदाहरण है उत्पीड़न का विरोध करने वाले समूह के मुखिया को उत्पीडक बना दो ।
आंदोलनकारी समूह का मुखिया के संपादक बनने से पदाधिकारी की भूमिका पर सवालिया निशान नहीं लगते क्या ? श्री राय का पद स्वीकारना इस बात की ओर इशारा करता है कि जुलाई १५ में हुए आंदोलन को कमजोर करने के लिए वे आए थे । प्रबंधन आंदोलनकारियों में दो फूट डलवाने के लिए उन्हें लाया था । आंदोलन समाप्त होने के आंदोलनकारियों में गुटबाजी की खबर भी भडास पर आई थी । श्री राय के संपादक बनने ने भडास के खबर की पुष्टि कर दी है ।
कुमार कल्पित
SUNIL SINGH
November 22, 2015 at 7:00 am
ISHWAR KHUD DHARTI PAR NHI ATAT HAI..VO KAB KISKO KIS ROOP ME JEEVANODHHAR KE LIYE BHEJ DE KAHA NHI JA SAKTA HAI.. Desh me modi ke aane se achhe din ki ummid jaagi hai to..SAHARA ME MANNIY sir ke aane se sabhi “kaam karne walon ko” ummid jagi hai….