पत्रकारों की समस्याएं सुलझाने में मदद करेगी समाजवादी सरकारः शिवपाल यादव

shivpal mathura

मथुरा, 26 जुलाई,  उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण, सिंचाई, सहकारिता और राजस्व मंत्री शिवपाल यादव ने मीडिया की विश्वसनीयता बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि पहले के जमाने में लोग अखबारों को पढ़ते थे पर आज सिर्फ देखते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार पत्रकारों की हर समस्या को सुलझाने में मदद करेगी और सकारात्मक भूमिका निभाएगी।

उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन की ओर से आज मथुरा में आयोजित पत्रकारों की ज्वलंत समस्याओं के प्रति प्राशसनिक नजरिया विषय पर संगोष्ठी में बोलते हुए शिवपाल यादव ने कहा कि मीडिया पर पूंजीपतियों ने कब्जा कर लिया है और वे श्रमजीवी पत्रकारों का शोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकारों ने पत्रकारों को जितना सम्मान दिया उतना किसी और सरकार ने नहीं दिया लेकिन ताली दोनो हाथों से बजती है। उन्होंने कहा कि मीडिया सरकार के अच्छे कामों को भी सामने लाए। श्री यादव ने स्वास्थ्य, आवास और सुरक्षा, मान्यता समिति के गठन संबंधी मांगों को उचित ठहराते हुए उन्हें पूरा कराने का आश्वासन दिया।
 
इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफ़डब्लूजे) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के विक्रम राव ने कहा कि पूंजी और श्रम के बीच संतुलन होना चाहिए लेकिन आज थैलीशाह मीडिया को नियंत्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में मीडिया का पक्षपात पूर्ण रवैया बढ़ गया है। इस सिलसिले में उन्होंने उत्तराखंड उपचुनावों में भारतीय जनता पार्टी की करारी हार की खबरों के मीडिया में दबाए जाने का जिक्र किया। श्री राव ने मीडिया से संबंधित समितियों में पत्रकारों के संगठनों को नजरअंदाज कर लोगों के नामांकन पर प्रदेश सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को मानना चाहिए।
 
सूचना आयुक्त अरविंद सिंह बिष्ट ने पत्रकार बंधु को पुर्नजीवित करने की यूनियन की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मीडिया को खबरों में विश्वसनीयता बनाए रखना चाहिए। प्रदेश में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री सीपी राय ने भी विश्वसनीयता का सवाल उठाते हुए कहा कि मीडिया एक सरकार के खिलाफ कुछ नजरिया रखता है जबकि दूसरी सरकार के लिए कुछ और।
 
वरिष्ठ पत्रकार विनीत नारायण ने कहा कि पत्रकारिता आज व्यवसाय हो गयी है इसके चलते स्वतंत्र पत्रकारिता का अस्तित्व खत्म हो गया है। आईएफडब्लूजे महासचिव परमानंद पांडे ने कहा अगर पत्रकारिता व्यवसाय है तो इसमें लगे श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अगर श्रम कानूनों का ईमानदारी से पालन करा दिया जाए तो समस्याओं का अपने आप निराकरण हो जाएगा।
 
समाजवादी चिंतक दीपक मिश्रा ने कहा कि राजनीति और पत्रकारिता एक दूसरे का पर्याय हैं। बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन टीपी सिंह, विधायक रघुराज शाक्य ने भी अपने विचार रखे।
 
उत्तर प्रदेश श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष हसीब सिद्दीकी ने पत्रकारों की मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। मान्यता प्राप्त संवाददाता समिति के सचिव सिद्धार्थ कलहंस ने विषय प्रवर्तन किया। आईएफडब्लूजे कोषाध्यक्ष श्यामबाबू ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
 
कार्यक्रम में श्यामलला सिंह, नोयडा से रिंकू यादव, अभिमन्यू पांडे. इखबाल चौधरी, शाहजहांपुर से अमित गुप्ता, कमल, झांसी से विकास शर्मा सहित सैकड़ों श्रमजीवी पत्रकारों ने हिस्सा लिया।
 
कार्यक्रम के आयोजक व श्रमजीवी पत्रकार यूनियन आगरा मंडल के अध्यक्ष संतोष चतुर्वेदी ने सभी आगंतुकों को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। संतोष चतुर्वेदी ने आगरा मंडल के पत्रकारों की समस्याओं से संबोधित ज्ञापन भी सौंपा।

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