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छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में सड़कों पर उतरे छात्र, जानिए कहानी क्या है?

प्रदीप गुप्ता-

छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के बहुत ज्यादा पद रिक्त है। कब होगी भर्ती? देश में चुनाव समय समय पर हो जाते है लेकिन युवाओं की भर्तियां समय पर क्यों नहीं होती। नेता क्यों अपने वादे भूल जाते हैं? इन लोगों ने क्या कहा था, पढ़िए-


रोहन कुमार-

छत्तीसगढ़ में वर्तमान में रोजगार और भर्ती से जुड़ी समस्याओं पर युवाओं की निराशा लगातार बढ़ती जा रही है. प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक भर्ती का पोस्टर जारी करने के बावजूद, भर्ती नहीं हो रही. भाजपा के चुनावी वादों के प्रति भी युवा वर्ग का भरोसा टूट चुका है.

सफेद हाथी साबित हो रहा…शिक्षा व्यवस्था. बस्तर दशहरा का एक विधान “मुरिया दरबार” जिसमें ग्राम प्रमुख, समाज प्रमुखों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सरकारी स्कूलों को दुरुस्त करने, व प्राईवेट स्कूल के समान सरकारी स्कूल में सुविधा की मांग की.

बिलासपुर हाईकोर्ट ने शिक्षकों की कमी को देखते हुए सरकार से शिक्षक भर्ती कब होगी पूछा और एसआई भर्ती की अंतिम सूची जारी करने के लिए सरकार को कहा.

बच्चे, परिजन, समाज, बेरोजगार, न्यायपालिका सभी की एक ही मांग शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त हो, शिक्षकों की कमी दूर हो और छत्तीसगढ़ बीजेपी ने चुनाव पूर्व 57 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा पत्र में घोषणा भी की थी.

22 दिनों से आमरण अनशन कर रहे बीएड डीएड आंदोलनकारी छात्र सोशल मीडिया प्लेटफार्म x पर ट्वीट, रिट्वीट कर लगातार अपना रोष व्यक्त कर रहे है.


अमित अजीत जोगी-

हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री बार बार भर्ती का पोस्टर बनाकर सिर्फ आश्वासन देते हैं। भाजपा के हर चुनावी वायदे झूठे निकले हैं।

रमन सिंह जी की सरकार से लेकर अब तक बारी बारी से प्रदेश का युवा छला गया है। मैं पूछना चाहता हूं कि 58000 पोस्ट रिक्त होने के बावजूद भी सरकार भर्ती क्यों नहीं कर रही है?

क्या सरकार युवाओं को जानबूझ कर बेरोजगार रखना चाहती है? देश में शिक्षा के स्तर में हमारे प्रदेश के निचले पायदान पर होने के बावजूद भी क्या सरकार को इस प्रदेश के उन बच्चों के भविष्य की चिंता नहीं है जो स्कूलों में शिक्षक के अभाव में शिक्षा नहीं ले पा रहे हैं? उन बच्चों के भविष्य को अंधकार में क्यों धकेला जा रहा है? सरकार इतनी संवेदनहीनता से कैसे चलेगी?

सरकार एक तरफ भर्ती नहीं कर पा रही है दूसरी तरफ मुख्यमंत्री 65 करोड़ के शीशमहल में रहने चले गए, विधायकों के भत्ते बढ़ाते चले जा रहे हैं। इनकी प्राथमिकता में प्रदेश की जनता का हक और अधिकार क्यों नहीं है?

युवाओं और हमारे स्कूल के बच्चों के हित में इस प्रदेश के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षक भर्ती तत्काल किया जाए अन्यथा जब तक भर्ती नहीं होती है मंत्री विधायकों के वेतन भत्ते सब बंद हो।


सीजी आईटी सेल-

बेटी पढ़ाओ,बेटी बचाओ की बात करने वाले आपके राज्य, आपके देश में बेटियां रात भर सड़क पर बैठी रही शर्म आनी चाहिए बीजेपी सरकार को जहां अपने हक की लड़ाई लड़ने वालों की आवाज को दबाई जा रही है.

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