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सन समूह ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, नीलामी में भाग लेने के लिए याचिका पेश

मुंबई : सन टीवी समूह ने एफएम रेडियो के लिए तीसरे चरण की नीलामी के पहले बैच में भाग लेने के लिए अनुमति मांगती याचिकाएं दिल्ली और मद्रास हाईकोर्ट में दायर कर दी हैं। सूर्यन एफएम और रेड एफएम के ब्रांड नाम के तहत सन समूह देश भर में 45 एफएम स्टेशन चला रहा है। इसने अपनी छह कंपनियों की तरफ से याचिकाएं दायर की है। इसमें सूचना व प्रसारण मंत्रालय के 15 जुलाई के आदेश पर स्टे देने की मांग की गई है। 

मुंबई : सन टीवी समूह ने एफएम रेडियो के लिए तीसरे चरण की नीलामी के पहले बैच में भाग लेने के लिए अनुमति मांगती याचिकाएं दिल्ली और मद्रास हाईकोर्ट में दायर कर दी हैं। सूर्यन एफएम और रेड एफएम के ब्रांड नाम के तहत सन समूह देश भर में 45 एफएम स्टेशन चला रहा है। इसने अपनी छह कंपनियों की तरफ से याचिकाएं दायर की है। इसमें सूचना व प्रसारण मंत्रालय के 15 जुलाई के आदेश पर स्टे देने की मांग की गई है। 

इस आदेश में सुरक्षा मंज़ूरी के मुद्दे के कारण आगामी एफएम की नीलामी में सन को भाग लेने की अनुमति नही दी गई है। निविदा में भाग लेने के लिए अपने आवेदन को फिर से जमा करने के लिए अनुमति मांगते हुए सन ने तर्क दिया कि भारतीय टेलिग्राफ अधिनियम लाइसेंस की शर्तों के अनुसार सुरक्षा मंज़ूरी ज़रूरी नहीं है। अपनी याचिकाओं में, दक्षिण भारतीय मीडिया दिग्गज ने तर्क दिया कि मुख्य कंपनी और उसकी सब्सिडियरी कंपनियों ने किसी भी शर्तों का उल्लंघन नहीं किया है और देश की सुरक्षा को प्रभावित करने वाला किसी भी तरह का कंटेंट प्रसारित नहीं किया है। 

पिछले हफ्ते, एक अंतर मंत्रालयीन पैनल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सुरक्षा मंज़ूरी से इनकार के कारण सन के आवेदन को खारिज कर दिया था। सूचना व प्रसारण मंत्रालय द्वारा तीसरे चरण की नीलामी में भाग लेने के लिए योग्यता पात्र आवेदकों की सूची प्रकाशित करने के एक दिन बाद सन को सुरक्षा मंज़ूरी से इनकार का कारण बताया गया था। सन ने कहा कि सरकार का फैसला “लापरवाही” से लिया गया है और कहा कि “सन टीवी पर ही नहीं बल्कि पूरे ब्रॉडकास्ट और मीडिया उद्योग पर पड़ने वाले इसके परिणामों और नतीजों से पूरी तरह बेखबर है।” इस प्रकार सन को तीसरे चरण में भाग लेने से रोका गया है। जिससे देश भर में उसके 45 एफएम रेडियो स्टेशनों को बंद करने के लिए मज़बूर होना पड़ेगा। सन ने कहा, “सूची में कंपनी का नाम शामिल नहीं किए जाने का मतलब सिर्फ असंगत और अवैध रूप से तथा नाज़ायज कारणों से उसके द्वारा चलाए जा रहे सभी एफएम स्टेशनों को बंद करने के अलावा कुछ नहीं है।” दिल्ली हाईकोर्ट मंगलवार को मामले की अगली सुनवाई करने वाला है। मद्रास हाईकोर्ट में याचिका मंगलवार या बुधवार को आने की उम्मीद है। 

टेलीविज़नपोस्ट से साभार

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