‘इंडिया टीवी’ के रोके न रुकी ये एंकर, कोर्ट में रजत शर्मा को शिकस्त दे ‘रिपब्लिक टीवी’ ज्वाइन किया

अपनी महिला एंकर को दूसरे न्यूज चैनल में “ऑन एयर” होने से रोकने की खातिर हाईकोर्ट गया था ‘इ्ंडिया टीवी’… Share on:कृपया हमें अनुसरण करें और हमें पसंद करें:

यूपी में 10 दिन की बाध्यता वाले जमानत नियम में एडवोकेट हैदर ने कराया संशोधन

उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय इलाहाबाद की नियमावली १९५२ के अध्याय १८ के नियम १८ (३) के अंतर्गत किसी भी जेल में निरुद्ध अभियुक्त के उच्च न्यायालय में जमानत पर सुनवाई किये जाने से पूर्व शासकीय अधिवक्ता को १० दिन की पूर्व नोटिस सूचना देने की बाध्यता थी। उक्त नियम न केवल असंवैधानिक था, वरन …

अखबार ने नौकरी से निकाला तो 34 साल बाद कोर्ट से जीत सके दुबे जी!

कुछ लोगों का कहना है कि यह जीत कोई जीत नहीं है. 34 साल बाद किसी कंपनी से निकाले गए आदमी का जीतना बताता है कि दरअसल कंपनी जीत गई, आदमी हार गया. बावजूद इसके, कई पत्रकार साथी खुश हैं कि चलो, जीते हुए साथी को समुचित पैसा, बकाया, वेज बोर्ड और मुआवजा तो मिल …

द वायर के खिलाफ स्टे लेने में जय शाह कामयाब, अब कोई कुछ न लिखे-बोले!

Om Thanvi : वायर, दायर और कायर… जय अमित शाह ने अहमदाबाद डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के अनेक अतिरिक्त सिविल जजों में एक चौथे जज की अदालत में द वायर के ख़िलाफ़ दायर सिविल मुक़दमे में स्टे प्राप्त कर लिया है। कि वे रोहिणी सिंह वाली ख़बर के आधार पर आगे और कुछ किसी भी रूप में (प्रिंट, डिज़िटल, इलेक्ट्रोनिक, ब्रॉडकास्ट, टेलिकास्ट या किसी अन्य मीडिया में ख़बर, इंटरव्यू, बहस, टीवी परिचर्चा की शक्ल में, किसी भी भाषा में, न प्रत्यक्ष न अप्रत्यक्ष) मुक़दमे के अंतिम निपटारे तक कुछ भी नहीं लिखेंगे-बताएँगे।

एचटी बिल्डिंग के सामने सिर्फ एक मीडियाकर्मी नहीं मरा, मर गया लोकतंत्र और मर गए इसके सारे खंभे : यशवंत सिंह

Yashwant Singh : शर्म मगर इस देश के मीडिया मालिकों, नेताओं, अफसरों और न्यायाधीशों को बिलकुल नहीं आती… ये जो शख्स लेटा हुआ है.. असल में मरा पड़ा है.. एक मीडियाकर्मी है… एचटी ग्रुप से तेरह साल पहले चार सौ लोग निकाले गए थे… उसमें से एक ये भी है… एचटी के आफिस के सामने तेरह साल से धरना दे रहा था.. मिलता तो खा लेता.. न मिले तो भूखे सो जाता… आसपास के दुकानदारों और कुछ जानने वालों के रहमोकरम पर था.. कोर्ट कचहरी मंत्रालय सरोकार दुकान पुलिस सत्ता मीडिया सब कुछ दिल्ली में है.. पर सब अंधे हैं… सब बेशर्म हैं… आंख पर काला कपड़ा बांधे हैं…

No one killed Arushi!

Prateek Chaudhary : पुलिस ने शुरू से ही आरुषि मर्डर को ऐसे ट्रीट किया जैसे कोई बच्ची नही कोई जानवर मरा हो। कोई भी सबूत किसी के खिलाफ नही मिला पुलिस को जांच में ओर अब कोर्ट से सब बरी! आखिर कैसे मर गयी आरुषि? कोई तो होगा उसका कातिल? इस केस के इन्वेस्टिगेटर ऑफीसर पर कायर्वाही होनी चाहिए जिन्होंने अपना जमीर बेचकर एक मासूम बच्ची की लाश का सौदा कर सबूत मिटा दिये। माफ करना आरुषि, तुम ऐसे देश मे पैदा हुई जिसमें इंसान की कोई कीमत नहीं, जहाँ हर कुर्सी बिकाऊ है।

ईमानदार जज जेल में, भ्रष्टाचारी बाहर!

सुप्रीम कोर्ट देश की सबसे बड़ी अदालत है, इसलिए उसका फ़ैसला सर्वोच्च और सर्वमान्य है। चूंकि भारत में अदालतों को अदालत की अवमानना यानी कॉन्टेम्प्ट ऑफ़ कोर्ट की नोटिस जारी करने का विशेष अधिकार यानी प्रीवीलेज हासिल है, इसलिए कोई आदमी या अधिकारी तो दूर न्यायिक संस्था से परोक्ष या अपरोक्ष रूप से जुड़ा व्यक्ति भी अदालत के फैसले पर टीका-टिप्पणी नहीं कर सकता। इसके बावजूद निचली अदालत से लेकर देश की सबसे बड़ी न्याय पंचायत तक, कई फ़ैसले ऐसे आ जाते हैं, जो आम आदमी को हज़म नहीं होते। वे फ़ैसले आम आदमी को बेचैन करते हैं। मसलन, किसी भ्रष्टाचारी का जोड़-तोड़ करके निर्दोष रिहा हो जाना या किसी ईमानदार का जेल चले जाना या कोई ऐसा फैसला जो अपेक्षित न हो।

Letter to Chief Justices of Indian High Courts for simplification of procedural laws to cut delays in judgments

To

All the Hon’ble

Chief Justices of Indian High Courts

Sir,

SIMPLIFICATION OF PROCEDURAL LAWS TO CUT DELAYS IN JUDGMENTS

I wish to invite your kind attention to the fact that it is pretended that the procedural laws of the land pose greatest challenge to timely justice to litigants.  The Code of Civil Procedure and Code of Criminal Procedure are the laws of Central Legislature and State Governments are also empowered to amend the codes according to their needs. Both the Codes are originally creation of British India.

स्टेट अथारिटीज को अखबारों का सरकुलेशन जांचने के आदेश पर कोर्ट ने जारी किया नोटिस

याचिका के जरिए डीएवीपी की मीडिया पॉलिसी को चुनौती दी गई है… सर्कुलेशन जांच का अधिकार प्रेस रजिस्ट्रार को दिया जाए, किसी दूसरी एजेन्सी को नहीं…

जोधपुर । ऑल इण्डिया स्माल एण्ड मीडियम न्यूज पेपर फेडरेशन द्वारा डीएवीपी की मीडिय पॉलिसी 2016 एवं सर्कुलेशन जांच के अधिकार प्रेस रजिस्ट्रार के अलावा किसी दूसरी एजेन्सी को दिये जाने के मामले में दायर की गई चुनौती याचिका पर सुनवाई के बाद राजस्थान उच्च न्यायालय ने गुरुवार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया हैं। याचिका में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सचिव, डीएवपी, प्रेस पंजीयक, सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग के प्रिन्सिपल सेक्रेटरी एवं डीआईपीआर को भी पार्टी बनाया गया हैं। याचिका फेडरेशन के जिलाध्यक्ष खरथाराम द्वारा दायर की गई है। याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज भंडारी, एस.पी. शर्मा एवं दलपतसिंह राठौड़ ने पैरवी की।

माई लॉर्ड ने वरिष्ठ पत्रकार को अवमानना में तिहाड़ भेजा पर मीडिया मालिकों के लिए शुभ मुहुर्त का इंतजार!

…सहारा का होटल न खरीद पाने वाले चेन्नई के एक वरिष्ठ पत्रकार को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का दोषी मान कर आनन-फानन में जेल भेज दिया… यह वरिष्ठ पत्रकार गिड़गिड़ाता रहा लेकिन जज नहीं पसीजे… पर मीडिया मालिक तो खुद एक बार सुप्रीम कोर्ट के सामने उपस्थित तक नहीं हुए और कोर्ट को चकरघिन्नी की तरह हिलाडुला कर, कोर्ट से समय पर समय लेकर अघोषित रूप से ललकारने में लगे हैं कि जेल भेज सको तो जरा भेज कर दिखाओ….

भास्कर को झटके पर झटका, पत्रकार धर्मेंद्र के बाद अब रिसेप्शनिस्ट लतिका के भी ट्रांसफर पर कोर्ट ने लगाई रोक

भारत में ‘ज़िद करो दुनिया बदलो’ का नारा देने वाले डीबी कॉर्प को लगातार झटके लग रहे हैं, किंतु भास्कर प्रबंधन है कि सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। दैनिक भास्कर ने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर मांगने पर अपने प्रिंसिपल करेस्पॅान्डेंट धर्मेन्द्र प्रताप सिंह का मुम्बई से सीकर (राजस्थान) ट्रांसफर कर दिया। धर्मेन्द्र प्रताप सिंह अदालत की शरण में गए और इंडस्ट्रियल कोर्ट ने इस ट्रांसफर पर रोक लगा दी। इसके बाद अब भास्कर की सहायक महाप्रबंधक (कार्मिक) अक्षता करंगुटकर ने डी बी कॉर्प के मुम्बई के माहिम स्थित कार्यालय में कार्यरत महिला रिसेप्शनिस्ट लतिका आत्माराम चव्हाण का सोलापुर में ट्रांसफर कर दिया।

भास्कर के पत्रकार ने प्रबंधन को दिया जोरदार झटका, अदालत से ट्रांसफर रुकवाया

मजीठिया वेज बोर्ड मांगने के कारण भास्कर प्रबंधन ने अपने पत्रकार धर्मेन्द्र प्रताप सिंह का कर दिया था ट्रांसफर…

मुम्बई के तेज-तर्रार पत्रकारों में से एक धर्मेन्द्र प्रताप सिंह का दैनिक भास्कर ने मजीठिया वेज बोर्ड के अनुसार वेतन और एरियर मांगे जाने पर राजस्थान के सीकर में ट्रांसफर कर दिया था। मुम्बई में दैनिक भास्कर में एंटरटेनमेंट बीट के लिए प्रिंसिपल करेस्पांडेंट पद पर कार्यरत धर्मेन्द्र प्रताप सिंह को भास्कर प्रबंधन ने पहले उन्हें लालच दिया कि कुछ ले-दे कर मामला ख़त्म करो। फिर उन्हें भास्कर की सहायक महाप्रबंधक अक्षता करंगुटकर (कार्मिक) ने धमकी दी, जिसकी शिकायत धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने श्रम आयुक्त से की।

सुप्रीम कोर्ट ने जागरण के मालिकों महेंद्र मोहन और संजय गुप्ता को तलब किया

मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू न करने और सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानून, न्याय, संविधान तक की भावनाओं की अनदेखी करने से नाराज सुप्रीम कोर्ट ने आज दैनिक जागरण के मालिकों महेंद्र मोहन गुप्ता और संजय गुप्ता को अगली सुनवाई पर, जो कि 25 अक्टूबर को होगी, कोर्ट में तलब किया है. आज सुप्रीम कोर्ट में मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को लागू न किए जाने को लेकर सैकड़ों मीडियाकर्मियों द्वारा दायर मानहानि याचिका पर सुनवाई हुई.

आईपीएस को फोन पर धमकाने के मामले में मुलायम की मुश्किलें बढ़ीं, पुलिस रिपोर्ट खारिज, आवाज़ मिलान के आदेश

सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव द्वारा आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर को मोबाइल फोन से दी गयी धमकी के सम्बन्ध में दर्ज एफआईआर में हजरतगंज पुलिस द्वारा लगाये गए अंतिम रिपोर्ट को अदालत ने ख़ारिज कर दिया है. सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने अपने आदेश में कहा कि केस डायरी से स्पष्ट है कि विवेचक ने कॉम्पैक्ट डिस्क में अंकित वार्तालाप की आवाज़ का नमूना परीक्षण नहीं कराया है और मात्र मौखिक बयान दर्ज कर के अंतिम रिपोर्ट प्रेषित कर दिया है.

कुमार विश्वास ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, ज़मानत पर रिहा

सुल्तानपुर : आम आदमी पार्टी नेता और कवि कुमार विश्वास आज ज़िला न्यायालय पहुंचे और आत्म समर्पण कर दिया। इसके पहले पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैं आगे भी आम आदमी के लिये शांतिभंग करता रहूंगा। ज्ञात हो कि 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान आप नेता कुमार विश्वास ने अमेठी से दावेदारी ठोकी थी। इस बीच अमेठी के गौरीगंज थाने में श्री विश्वास के विरुद्ध भड़काऊ भाषण देने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत कई धाराओं में अभियोग दर्ज हुआ था।

बस्तर के आईजी कल्लूरी ने जिस पत्रकार सोमारू नाग को नक्सली बताकर जेल में ठूंसा उसे कोर्ट ने बाइज्जत बरी करने का आदेश दिया

Kamal Shukla : ब्रेकिंग न्यूज़ जगदलपुर… पत्रकार सोमारू नाग को न्यायालय ने किया बाइज्जत बरी। पत्रकार सोमारू नाग को फर्जी मामला बनाकर बस्तर आईजी शिव राम प्रसाद कल्लूरी ने था फँसाया। एक साल पहले किया था कल्लूरी ने फर्जी मामले में गिरफ्तार। केंद्रीय जेल जगदलपुर में थे एक साल से सोमारू नाग। कर रहे थे न्याय का इन्तजार।

जजों की नियुक्ति के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से जो लिस्ट सुप्रीम कोर्ट भेजी गई है, वह धांधलियों का पुलिंदा है!

इलाहाबाद हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति पर ‘चौथी दुनिया’ में छपी प्रभात रंजन दीन की ये बेबाक रिपोर्ट पढ़ें

जजों की नियुक्ति के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से जो लिस्ट सुप्रीम कोर्ट भेजी गई है, वह धांधलियों का पुलिंदा है. जज अपने बेटों और नाते रिश्तेदारों को जज बना रहे हैं। और सरकार को उपकृत करने के लिए सत्ता के चहेते सरकारी वकीलों को भी जज बनाने की संस्तुति कर रहे हैं. न्यायाधीश का पद सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के प्रभावशाली जजों का खानदानी आसन बनता जा रहा है. जजों की नियुक्ति के लिए भेजी गई अद्यतन सूची में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के बेटे से लेकर कई प्रमुख न्यायाधीशों के बेटे और रिश्तेदार शामिल हैं.

गुज़रे ज़माने के समाचार चैनल टीवीआई के 60 साथियों का केस : कोर्ट ने चैनल मालिक अशोक आडवाणी को सख़्त आदेश दिए

गुज़रे ज़माने के समाचार चैनल टीवीआई के संघर्षशील 60 साथियों ने अपने हक़ और सम्मान की ख़ातिर 17 साल से एक अलख़ जला रखी है। 25 मई को अदालत ने चैनल के मालिक अशोक आडवाणी के लिए सख़्त आदेश दिया है। नीचे एक मेल है जो सभी साठ लोगों को एक साथी की तरफ से जानकारी के लिए भेजा गया है और उसके बाद कोर्ट का आदेश है…

SUPREME COURT DISMISSES SLP OF LOKMAT GROUP OF NEWSPAPERS

Inspiring story of non journalist employee who succeeds finally after a long battle of 17 years… Gets benefit of regularization and permanency as Teleprinter Operator, Planner with retrospective effect… Held entitled to all the benefits of Palekar, Bachawat Awards…

भास्कर कर्मियों की शिकायत पर हाइकोर्ट ने लेबर कोर्ट के जज अशोक जैन का तबादला किया

Sanjay Saini : भास्कर के कर्मचारियों की शिकायत पर हाइकोर्ट ने लेबर कोर्ट के जज अशोक जैन का तबादला किया। नए जज को लगाया। भास्कर प्रंबधन को नहीं मिली राहत। जज साहब ने आदेश से पहले ही बता दिया था। वो एम्पलाईज के केस करेंगे खारिज। भास्कर के एम्पलाईज में खुशी की लहर।

मोदी के दो साल : मीडिया को डरा फुसला कर सेल्फी में फंसा दिया… अब ‘दिक्कत’ दे रहीं अदालतों को ठीक करेंगे साहब लोग

Sanjaya Kumar Singh : सत्ता मिली तो ये कर दूंगा, वो कर दूंगा। ऐसे, वैसे। अब विपक्ष (जो बचा ही नहीं था) सहयोग नहीं कर रहा है। मीडिया को डरा कर और फुसला कर सेल्फी में फंसा दिया। अधिकारियों को पहले ही कसने का दावा किया गया। यह भी कि सब समय से आते-जाते हैं। प्रधानमंत्री 18 घंटे काम करते हैं। अधिकारी परेशान हैं, काम करते करते। नालायकों को दो साल पहले ही हटा दिया गया था।

एक न्यूज चैनल का बौद्धिक दिवालियापन (देखें वीडियो)

साधना न्यूज नामक एक न्यूज चैनल ने भड़ास4मीडिया डॉट कॉम पर इसलिए मुकदमा किया है क्योंकि भड़ास पर छपी एक धारावाहिक व्यंग्य कथा ‘चांपना न्यूज’ को उसने खुद की कहानी मान लिया है. दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में यह मामला मजेदार मोड़ में है. कोर्ट की तरफ से मध्यस्थता कर रहे शख्स का कहना है कि चांपना न्यूज नामक संबंधित भड़ास की पोस्ट में तो कहीं साधना न्यूज या इसकी कंपनी शार्प आई प्राइवेट लिमिटेड का नाम ही नहीं है तो आपकी मानहानि कैसे हुई?

झूठी खबर दिखाने वाले जी न्यूज, टाइम्स नाऊ व न्यूज एक्स चैनलों को अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट में घसीटा

दिल्ली सरकार ने डॉक्टर्ड फुटेज दिखाने के मामले में 3 चैनलों को कोर्ट में घसीटा. इस मामले में सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और जेडीयू नेता केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात कर ऐसे न्यूज चैनलों पर कार्रवाई की मांग की थी. जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में 9 फरवरी को हुई कथित देशविरोधी नारेबाजी के वीडियो को प्रसारित करने के मामले में दिल्ली सरकार ने तीन टीवी चैनलों को कोर्ट में घसीटा है. आम आदमी पार्टी की सरकार ने शुक्रवार को जी न्‍यूज, न्‍यूज एक्‍स और टाइम्स नाऊ के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्‍ट्रेट के पास शिकायत दर्ज कराई. इन चैनलों पर 9 फरवरी को हुई कथित नारेबाजी का डॉक्‍टर्ड वीडियो फुटेज प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है.

‘साधना न्यूज’ ने ‘चांपना न्यूज’ वाले व्यंग्य को दिल पर लिया, भड़ास पर मुकदमा ठोंका, जानिए कोर्ट में क्या हुआ

भड़ास पर ‘चांपना न्यूज’ नामक एक चैनल के बारे में पांच किश्तों में व्यंग्यात्मक खबर छपी. ‘चांपना न्यूज’ एक काल्पनिक नाम है, जिसे वर्तमान न्यूज चैनलों की दुनिया के अंदर का हाल बताने के लिए सृजित किया गया और उसके सहारे उसके बहाने पूरी अंतरकथा बताई गई. पर इस व्यंग्य को साधना न्यूज नामक चैनल नहीं पचा पाया और उसके कर्ताधर्ता चले गए दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट. वहां इन लोगों ने कहा कि योर आनर, दरअसल चांपना न्यूज नामक जिस चैनल की कहानी भड़ास में बताई गई है, वह उसी के साधना न्यूज नामक चैनल के बारे में है, इसलिए इस मानहानि कारक कंटेंट को रिमूव कराया जाए और अंतिम फैसला आने से पहले इस वेब पोर्टल को आदेशित किया जाए कि वह साधना न्यूज के बारे में कुछ न छापे.

चोरी से न्यूड वीडियो बना इसे वायरल करने वाले होटल मालिक को महिला पत्रकार ने कोर्ट में दी शिकस्त, मिलेगा 350 करोड़ रुपये जुर्माना (देखें तस्वीरें)

कोर्ट में अपनी पीड़ा व्यक्त करतीं खेल पत्रकार एरिन फूट फूट कर रो पड़ीं…

इस महिला खेल पत्रकार को पूरे सात साल बाद इंसाफ मिला. और, जब इंसाफ मिल गया तो वह खुद को रोक न सकी. फफक कर रो पड़ी. खेल पत्रकार एरिन का होटल की दीवार में सुराख कर न्यूड वीडियो बनाया गया था. वीडियो बनाने वाले पर होटल मालिक पर अदालत ने 350 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है. मामला अमेरिका का है.

Delhi HC issues notice to top editorial staff of UNI

New Delhi : Taking strong cognizance of the torture and humiliation of a dalit employee of United News of India (UNI), a prestigious news agency of the country, the Delhi High court yesterday issued notice to two high profile scribes of UNI including Joint Editor Neeraj Bajpayee, Journalist Ashok Upadhyay and an another employee of the agency Mohan Lal Joshi.

मेरे गरीब चौकीदार पिता को इस जज ने नौकरी से निकाल दिया, अब घर कैसे चलेगा

Dear Sir,

I m pallvi from ambala city. I just want to say that My father Ramesh kumar was working in Haryana Court Ambala city as a chownkidar from 20 years under session judge (Mr.Jaiveer singh Hudda). Before 5 years, My father suspended by Mr. Jaivir Singh hUdda with wrong ellications. At that time my father was working in hudda’s Kothi. But in which document Mr. Hudda Said that everything wrong in court then he suspended my father. At that time 15 Employees suspended by Mr.Hudda. One person can make mistake. But 15 Peoples can’t do at same time.

उपमन्यु पर लगा रेप का आरोप झूठ का पुलिंदा साबित हुआ

मथुरा। ब्रज प्रेस क्लब के अध्यक्ष, उपजा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट पर आरोप लगाने वाली एमबीए की छात्रा न्यायालय में हुए अपने बयानों एवं लगाए शपथ पत्रों में अपनी पूर्व की कहानी से पल्ला झाड़ते हुए उपमन्यु को निर्दोष करार दिया है। कोर्ट में उसने शपथ पत्र दाखिल कर कहा है कि उसके साथ बलात्कार एवं छेडख़ानी जैसी कोई वारदात नहीं हुई थी। अपने भाई को एक मामले में जेल जाने से बचाने के लिए तथा कुछ लोगों की सलाह पर उसने कमलकांत उपमन्यु पर आरोप लगाया था जो गलत था। वादिया का 5/01/2016 को न्यायालय में शपथ बयान हुआ है। इसमें उसने अंतिम आख्या पर अपनी सहमति जताते हुए कहा है कि वह इस संबंध में न्यायालय में पूर्व में बिना किसी प्रलोभन एवं बिना किसी दबाव के अपने शपथ पत्र भी दे चुकी है।

अपराधियों की पेशी पर कचहरी सील करना आम जन के मौलिक अधिकार का हनन

गाजीपुर (उत्‍तर प्रदेश) : गुरूवार को कचहरी परिसर पुलिस ने सील कर रखा था। लगभग सवा दस बजे पूर्व जिला पंचायत सदस्‍य एवं समग्र विकास इण्डिया के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष ब्रज भूषण दूबे पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने से जिलाधिकारी कार्यालय की ओर जाना चाहे तो उन्‍हें भी रोक दिया गया। कारण् पूछने पर तैनात कतिपय इंस्‍पेक्‍टर व दरोगाओं द्वारा बताया गया कि आज फास्‍ट ट्रैक कोर्ट में बृजेश व त्रिभुवन की पेशी है।