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AMU प्रदर्शन की कवरेज पर ज़ी न्यूज़ पर 2 लाख रुपये का जुर्माना, फुटेज हटाने का आदेश!

News broadcast screenshot: left panel shows the anchor in a black suit; middle panels show a protest crowd with a speech bubble; top banner reads DNA; bottom reads Daily News & Analysis.

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्रों के विरोध प्रदर्शन की कवरेज को लेकर Zee News पर न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग एंड डिजिटल स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी (NBDSA) ने 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। अथॉरिटी ने पाया कि चैनल की कवरेज में प्रसारण आचार संहिता का उल्लंघन हुआ। NBDSA ने Zee News को विवादित फुटेज अपनी वेबसाइट, YouTube और अन्य प्लेटफॉर्म से हटाने तथा सात दिनों के भीतर अनुपालन की जानकारी देने का निर्देश भी दिया है।

यह आदेश 11 सितंबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस ए.के. सीकरी की अध्यक्षता वाली NBDSA ने तलहा मन्नान की शिकायत पर जारी किया। शिकायत 16 अगस्त 2025 को प्रसारित Zee News के कार्यक्रमों को लेकर की गई थी। इनमें ‘देशहित’ का वह सेगमेंट भी शामिल था, जिसका शीर्षक था- “AMU में ‘फिलिस्तीन प्रेमी गैंग’… ‘योगी स्टाइल’ में होगा इलाज!” इसके अलावा ‘DNA’ में प्रसारित “फीस माफी वाले आंदोलन में फिलिस्तीन जिंदाबाद कहां से आ गया?” शीर्षक वाला सेगमेंट भी शिकायत के दायरे में था।

News montage showing bold Hindi headlines about an AMU incident and a crowd protest, with a red-yellow color scheme and the Z News logo (alt+news report badge in center).

मन्नान AMU के पूर्व छात्र और मौलाना आजाद नेशनल उर्दू यूनिवर्सिटी में PhD रिसर्च स्कॉलर हैं। उनके मुताबिक, 12 अगस्त 2025 को फीस बढ़ोतरी और छात्र संघ की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के दौरान उन्होंने करीब 18 मिनट का भाषण दिया था। आरोप था कि Zee News ने उनके भाषण के आखिरी हिस्से में हुई महज 10-15 सेकंड की नारेबाजी को अलग करके प्रसारित किया और पूरे प्रदर्शन के संदर्भ को सामने नहीं रखा।

शिकायत में कहा गया कि प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा फीस बढ़ोतरी था, लेकिन चैनल ने रिपोर्टिंग में फिलिस्तीन से जुड़े नारों को प्रमुखता दी। मन्नान के अनुसार, इससे यह धारणा बनी कि पूरा आंदोलन फिलिस्तीन के मुद्दे को लेकर था। NBDSA ने भी अपने आदेश में कहा कि Zee News ने आंदोलन के मुख्य उद्देश्य यानी फीस बढ़ोतरी को छोड़कर फिलिस्तीन से जुड़े नारों पर ध्यान केंद्रित किया, जिससे प्रदर्शन की प्रकृति को लेकर गलत धारणा बन सकती थी।

अथॉरिटी ने प्रसारण में इस्तेमाल किए गए कुछ शब्दों और टिकर्स पर भी आपत्ति दर्ज की। इनमें “AMU में फिलिस्तीन प्रेमी गैंग” और “योगी स्टाइल में होगा इलाज” जैसे वाक्य शामिल थे। NBDSA के मुताबिक, इस तरह की भाषा ने कवरेज को भड़काऊ रूप दिया और यह निष्पक्ष खबर देने के बजाय प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की वकालत करती हुई प्रतीत हुई।

Zee News ने शिकायत के जवाब में कहा था कि उसके तीनों प्रसारण NBDSA के निर्धारित आचार संहिता के अनुरूप थे। चैनल का तर्क था कि विवादित वीडियो पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका था और उसके प्रसारण से विवाद पैदा नहीं हुआ। चैनल ने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज हुई थी।

मामले पर दोनों पक्षों की दलीलों और संबंधित फुटेज की समीक्षा के बाद NBDSA ने Zee News पर 2 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अथॉरिटी ने विवादित सामग्री को उपलब्ध प्लेटफॉर्म से हटाने का भी निर्देश दिया है।

यह पहली बार नहीं है जब NBDSA ने Zee News की कुछ कवरेज को लेकर कार्रवाई की है। इससे पहले भी अथॉरिटी ने चैनल की कुछ रिपोर्टिंग पर प्रसारण मानकों से जुड़े निर्देश और दंड जारी किए हैं। फरवरी 2026 में भी Zee News पर एक अन्य रिपोर्ट को लेकर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

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