पटना, 9 जून — प्रतिष्ठित अंग्रेज़ी दैनिक The Indian Express ने अब बिहार की धरती पर भी अपनी उपस्थिति दर्ज कर दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना में इसके स्थानीय संस्करण का विधिवत शुभारंभ किया। यह अख़बार का देशभर में 11वां संस्करण है, जो बिहार की सामाजिक-सांस्कृतिक गहराई और राजनीतिक चेतना को अपनी खास रिपोर्टिंग के ज़रिए मंच देने का वादा करता है।
इस लॉन्च की अहमियत सिर्फ एक मीडिया विस्तार तक सीमित नहीं है। यह उस दौर की याद भी दिलाता है जब 50 साल पहले यानी 1975 में देश में आपातकाल लगाया गया था — एक ऐसा समय जब अभिव्यक्ति की आज़ादी पर पहरा बिठा दिया गया था और प्रेस की स्वतंत्रता को कुचला गया था। उस दौर में The Indian Express ने रामनाथ गोयनका के नेतृत्व में सेंसरशिप के खिलाफ डटकर मोर्चा लिया और एक खाली संपादकीय छापकर इतिहास रच दिया।
उल्लेखनीय है कि रामनाथ गोयनका का जन्म बिहार के दरभंगा में हुआ था और उनका संबंध संपूर्ण क्रांति के जनक जयप्रकाश नारायण से भी रहा। जेपी आंदोलन की पृष्ठभूमि में ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजनीति में कदम रखा था और आपातकाल के खिलाफ मुखर भूमिका निभाई थी। इस ऐतिहासिक कड़ी को नए संस्करण से जोड़ा गया है।
शुभारंभ के अवसर पर The Indian Express Group के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर विवेक गोयनका ने कहा, “यह हमारे लिए भावनात्मक घर वापसी जैसा है। बिहार पत्रकारिता की जागरूक जमीन है और हमें गर्व है कि अब हम इस चेतनाशील समाज का हिस्सा बन रहे हैं। पटना संस्करण हमारे लिए सिर्फ एक विस्तार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है — बेहतरीन और निर्भीक पत्रकारिता की।”
इस लॉन्च के साथ The Indian Express अब देश के 11 शहरों — अहमदाबाद, चंडीगढ़, दिल्ली, जयपुर, कोलकाता, लखनऊ, मुंबई, नागपुर, पुणे, वडोदरा और पटना — से प्रकाशित हो रहा है।
बिहार के राजनीतिक मिज़ाज और जनता की सूझबूझ को ध्यान में रखते हुए, यह नया संस्करण आने वाले समय में न केवल राज्य बल्कि देशभर के जन विमर्श में नया रंग भरने का माद्दा रखता है।



