मजीठिया वेज बोर्ड : सरकारी महकमा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को भी गंभीरता से नहीं लेता

शशिकांत सिंह

मजीठिया वेज बोर्ड की त्रिपक्षीय समिति की बैठक 5 को… देशभर में सरकारी महकमा सुप्रीम कोर्ट के आदेश को कितनी गंभीरता से लेता है इसकी एक बानगी देखिये। पत्रकारों से जुड़े जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश ठीक से लागू हो, इसके लिये सभी सरकारों को एक त्रिपक्षीय समिति बनाने और उसकी बैठक करने का निर्देश दिया गया।

कई राज्यों में तो त्रिपक्षीय समिति बनी ही नहीं और बनी तो उसका रिजल्ट ढाक के तीन पात ही साबित हुआ। महाराष्ट्र की त्रिपक्षीय समिति की बैठक लगभग नौ महीने बाद पांच जनवरी को दोपहर तीन बजे आयोजित की जा रही है। इसके पहले इस त्रिपक्षीय समिति की बैठक १२ अप्रैल २०१८ को की गयी थी। इस बैठक में मालिक के कई प्रतिनिधि पहले दिन से लेकर अंतिम बैठक तक नदारत दिखे लेकिन उनसे एक बार भी लेबर विभाग ने नहीं पूछा कि हुजूर आप ऐसा क्यों कर रहे हैं।

जस्टिस मजीठिया वेज बोर्ड की सिफारिश को अमल में लाने के लिए गठित महाराष्ट्र की त्रिपक्षीय समिति की बैठक मुंबई में कामगार आयुक्त कार्यालय के समिति कक्ष में ५ जनवरी को दोपहर ३ बजे से आयोजित की जा रही है। इस बैठक में पत्रकारों की तरफ से पांच प्रतिनिधि नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट की महाराष्ट्र महासचिव शीतल हरीश करदेकर, बृहन मुंबई यूनियन आफ जर्नलिस्ट के मन्त्रराज जयराज पांडे, रवींद्र राघवेंन्द्र देशमुख, इंदर जैन कन्वेनर ज्वाइन्ट एक्शन कमेटी ठाणे और किरण शेलार शामिल हैं।

मालिकों की तरफ से जो पांच लोग शामिल हैं उनमें जयश्री खाडिलकर पांडे, वासुदेव मेदनकर, राजेंद्र कृष्ण रॉव सोनावड़े और बालाजी अन्नाराव मुले हैं। इस समिति में लोकमत की तरफ से दो प्रतिनिधि शामिल किये गए हैं जिनके नाम बालाजी अन्ना रॉव मुले और विवेक घोड़ वैद्य हैं जबकि रोहिणी खाडिलकर नवाकाल की हैं। इसी तरह राजेंद्र सोनावड़े दैनिक देशदूत नासिक से हैं। इसमे कई सदस्य बैठक में लगातार नदारत रहते हैं। बैठक की अध्यक्षता कामगार आयुक्त महाराष्ट्र करेंगे।

शशिकांत सिंह
पत्रकार और आर टी आई एक्सपर्ट
9322411335

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