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भड़ास वाले यशवंत और आजतक वाले विकास मिश्र के एक ही पैनल में आने से प्रेस क्लब चुनाव हुआ रोचक

Yashwant Singh : अब ये तय हो चुका है कि प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के चुनाव में मैनेजिंग कमेटी मेम्बर के लिए मैं एक प्रत्याशी हूं। खुशी की बात है कि Vikas Mishra और Anita Choudaary भी अपने ही पैनल में है और मैनेजिंग कमेटी मेम्बर पद के कैंडीडेट हैं। कुल 16 लोग मैनेजिंग कमेटी मेम्बर चुने जाते हैं। शीर्ष पदों के लिए अपने पैनल के प्रत्याशी यूं हैं : President: Anikendra Nath Sen (Badshah Sen), VP: Jatin Gandhi, Secretary General: Shahid Faridi, Joint Secretary: Praveen Jain, Treasurer: Nirnimesh Kumar. वोट 25 नवम्बर को है। हमारा पूरा पैनल यूं है :

Yashwant Singh : अब ये तय हो चुका है कि प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के चुनाव में मैनेजिंग कमेटी मेम्बर के लिए मैं एक प्रत्याशी हूं। खुशी की बात है कि Vikas Mishra और Anita Choudaary भी अपने ही पैनल में है और मैनेजिंग कमेटी मेम्बर पद के कैंडीडेट हैं। कुल 16 लोग मैनेजिंग कमेटी मेम्बर चुने जाते हैं। शीर्ष पदों के लिए अपने पैनल के प्रत्याशी यूं हैं : President: Anikendra Nath Sen (Badshah Sen), VP: Jatin Gandhi, Secretary General: Shahid Faridi, Joint Secretary: Praveen Jain, Treasurer: Nirnimesh Kumar. वोट 25 नवम्बर को है। हमारा पूरा पैनल यूं है :

मेरा नाम वाई से शुरू होता है इसलिए बैलट में नाम अल्फाबेटिकली होने के कारण मैं सबसे आखिर में हूं। सबसे नीचे हूं। बैलट नंबर तैंतीस।  लेकिन मुझे पता है कि सर्वाधिक वोटों से जिताकर आप वोट पाने के क्रम में मुझे सबसे शीर्ष पर रखेंगे।

अपने पैनल के प्रेसीडेंट और सेक्रेट्री जनरल का इंटरव्यू मैंने खुद किया है। इसे ध्यान से देखें-सुनें। नीचे दिए दोनों वीडियो को एक-एक कर क्लिक कर पूरा देख जाएं और वोट देने से पहले अपना मन मिजाज ठीक से बनाएं। हां, ये वादा है कि दूसरे पैनल यानि सत्ताधारी पैनल के भी किसी साथी का एक इंटरव्यू करूंगा ताकि उनकी भी बात सबके सामने आए। यही लोकतंत्र का तरीका है। यही पत्रकार होने का मतलब है। एकतरफा नहीं होना चाहिए। पर दुर्भाग्य है कि जो लोग लगातार सात साल से प्रेस क्लब आफ इंडिया की सत्ता पर कायम है, वे अब सब कुछ छोड़कर सिर्फ चुनाव जीतने के लिए काम कर रहे हैं और इसके वास्ते हर मानक-पैमाने को तोड़ कर अलोकतांत्रिक हो चुके हैं। उन्हें अब प्रेस क्लब के सुधार को लेकर उठने वाली आवाज तक मंजूर नहीं है। 

खैर, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के इलेक्शन में जिस पैनल से मैं मैनेजिंग कमेटी मेम्बर के लिए प्रत्याशी हूं, उसी पैनल से अध्यक्ष पद के लिए लड़ रहे वरिष्ठ पत्रकार बादशाह सेन और सेक्रेट्री जनरल पद के लिए लड़ रहे शाहिद फरीदी के व्यक्तित्व व सोच से आपको परिचित कराने के वास्ते इन दोनों लोगों का इंटरव्यू किया। नीचे दिए वीडियो लिंक पर क्लिक करिए…

Vikas Mishra : पिछले साल प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के चुनाव में मैनेजिंग कमेटी के सदस्य के लिए मैंने व्यक्तिगत रूप से अपनी पारिवारिक मित्र अनीता चौधरी Anita Choudaary के समर्थन में पोस्ट लिखी थी। अनीता जी आप सबकी दुआओं और वोटों के चलते जीत भी गई थीं। इस बार अनीता चौधरी (बैलेट नंबर-5) अपने तो चुनावी मैदान में हैं ही, लेकिन उन्होंने इस बार मुझे भी चुनावी मैदान में खींच लिया। इसी साल मैं भी प्रेस क्लब का सदस्य बना और फिलहाल सच्चाई यही है कि मैनेजिंग कमेटी के सदस्य के रूप में चुनावी मैदान में हूं। बैलेट नंबर है-31। मैं ही नहीं, मेरे पुराने साथी और भड़ास फॉर मीडिया के संचालक यशवंत सिंह Yashwant Singh भी मैनेजिंग कमेटी सदस्य के लिए चुनावी मैदान में हैं। उनका बैलेट नंबर-33 है। इस बार सिर्फ दो ही पैनल हैं, एक तो विवादित और तमाम आरोपों में घिरा सत्तासीन पैनल है, और दूसरा अनिकेंद्र नाथ सेन और शाहिद फरीदी का पैनल। हम लोग अनिकेंद्र नाथ सेन उर्फ बादशाह सेन और शाहिद फरीदी के चैनल से चुनावी मैदान में हैं। अपने लिए कुछ मांगना हमेशा थोड़ा मुश्किल रहा है, लेकिन ये मेरा चुनाव नहीं है, आप दोस्तों का चुनाव है। जिनके पास वोट हैं, वो हमारे पैनल को वोट करें, जिनके वोट नहीं हैं, वो दुआ करें, क्योंकि दुआओं में बहुत ताकत होती है। मतदान इसी 25 नवंबर, दिन शनिवार को होगा। आपके वोट, आपकी शुभकामनाएं अपेक्षित हैं। आप भी तो यही चाहेंगे कि आपके दोस्त जीतें। चुनाव है तो वादे और दावे भी होंगे, फिलहाल वो अगली पोस्ट में। अभी से ही लग जाएं दोस्तों, क्योंकि मैंने पहले भी कहा है, ये मेरा ही नहीं आपका भी चुनाव है।

Anita Choudaary :  · एक साल बाद प्रेस क्लब के चुनाव एक बार फिर आ गया है.. मैं फिर चुनावी मैदान में हूं… नाम अनिता चौधरी है. बैलट नंबर 5 है. बहुत ही वरिष्ठ पत्रकार अनिकेन्द्र नाथ सेन यानी सबके प्रिय बादशाह सेन और शाहिद फरीदी के पैनल से चुनाव लड़ रही हूँ… हमारे ही पैनल में विकास मिश्रा जी हैं जो आज तक चैनल के एग्जीक्यूटिव एडिटर हैं. साथ ही यशवंत भी हैं जो भड़ास4मीडिया के संस्थापक और संपादक हैं, साथ ही मीडिया वालों की हक़ की लड़ाई के लिए हमेशा आगे रहते हैं… पैनल में उज्जवल भी हैं जो एक यंग बेबाक़ पत्रकार हैं… इस साल मुकाबला जबरदस्त है… तकरीबन 8 साल बाद परिस्थिति ऐसी है कि चुनाव मैदान में सिर्फ 2 ही पैनल आमने सामने हैं…. मुकाबला वन टू वन है… प्रेस इस बार बेईमानी नहीं होने देना चाहता है … पिछले कई सालों से जो लोग प्रेस क्लब की छवि लगातार खराब कर रहे हैं, इसे बईमानी और दलाली का अड्डा बनाये हुए हैं, उनसे मुक्त कर के इसे एक बार फिर पूरी गरिमा के साथ सिर्फ और सिर्फ पत्रकारों का ही क्लब बनाना है…  आपका सपोर्ट जरूरी है… बदलाव तभी संभव है जब आपका सहयोग होगा.. “पांच का पंच” दिखाइए.… आनिता चौधरी को वोट दीजिये… अनिकेन्द्र सेन और शाहिद फरीदी के पैनल को वोट कीजिये..

भड़ास संपादक यशवंत, आजतक न्यूज चैनल के वरिष्ठ पत्रकार विकास मिश्र और टीवी जर्नलिस्ट अनीता चौधरी की एफबी वॉल से.

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1 Comment

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  1. देवानन्द यादव

    November 21, 2017 at 8:46 am

    सबसे पहले यशवन्त जी ,मै आपको बधाई देना चाहता हूं कि आपने अपने बेबाक पत्रकारिता से पीसीआई जैसे जगह पर पहुंच बनायी साथ ही वहां भी एक्टीव रोल निभाते हुए पीसीआई में मेम्बर पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं और आप जीतेंगे भी ।इससे भी अच्छी बात हैं कि पीसीआई के भी समाचार आप प्राथमिकता पर दिखा रहे हैं ।वाकई काबिले तारिफ हैं ।अबतक प्रोफेसनल जर्नलिस्टों में भी पीसीआई की जानकारी की कमी थी जो आपके द्वारा दी जा रही हैं ।हम चाहेंगे कि ऐसी ही दबी हुयी खबरें आपके न्यूज पर आती रही । धन्यवाद

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