पत्रकार को काटने-मारने की धमकी देने वाले अभिनेता का सम्मान करेगा ये पत्रकार संगठन!

‘एनयूजेएम’ की अध्यक्षा शीतल करदेकर ने की कड़ी निंदा, ‘सीएफजे’ के सचिव ने जताया अफसोस

यह कितनी बड़ी विडंबना है कि एक तरफ जहां समूचे भारतवर्ष में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर कानून बनवाने के लिए अपने-अपने स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘अभियान’ नामक संस्था के द्वारा मुंबई में एक ऐसे अभिनेता का सम्मान किया जा रहा है, जो अभी कुछ दिन पहले ही एक पत्रकार को गंदी-गंदी गालियां देते हुए उसे घर में घुसकर काटने-मारने की धमकी दे चुका है. ‘नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट महाराष्ट्र’ (एनयूजेएम) की अध्यक्षा सुश्री शीतल करदेकर ने इस बात की कड़े शब्दों में निंदा की है- ‘यह बहुत ही दुखद है कि सामाजिक संस्था कहलाने वाली ‘अभियान’ ने इस बार अपने मंच पर जिस अभिनेता का सम्मान करने का फैसला किया है, उस पर एक पत्रकार को जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा चल रहा है’!

आपको बता दें कि पिछले कई वर्ष की भांति इस बार भी आगामी 24 जनवरी को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, इस समारोह में शिक्षा-साहित्य, पत्रकारिता, कला एवं उद्योग जगत की तमाम हस्तियों का सम्मान किया जाएगा, जिनमें से एक भोजपुरी फिल्मों के तथाकथित सुपर स्टार दिनेशलाल यादव ‘निरहुआ’ भी होंगे… ‘निरहुआ’ को ‘नाजिर हुसैन स्मृति उत्तर कलाश्री सम्मान’ देने की घोषणा हुई है तो मौजूदा विवाद भी केवल ‘निरहुआ’ के नाम पर है!

मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शशिकांत सिंह

असल में ‘निरहुआ’ ने कुछ समय पहले मुंबई के पत्रकार शशिकांत सिंह को फोन पर गाली देते हुए इसलिए धमकाया था, क्योंकि सोशल मीडिया पर लिखे शशिकांत सिंह के एक विश्लेषणात्मक लेख से ‘निरहुआ’ के अहंकार को ठेस पहुंची थी और प्रतिक्रिया स्वरूप उन्होंने अपना आपा खो दिया था! शशिकांत सिंह ने ‘निरहुआ’ के इस दुर्व्यवहार की शिकायत जब स्थानीय पुलिस स्टेशन में दर्ज कराने की कोशिश की तो पुलिस ने टाल-म-टोल वाला रवैया अपनाते हुए मात्र एनसी दर्ज कर उन्हें चलता कर दिया। आखिर पत्रकारों की एकजुटता ने रंग दिखाया… अपनी बिरादरी के लोगों से मिले सहयोग व हौसले से उत्साहित शशिकांत सिंह ने अदालत की शरण ली और फिर अदालत के ही आदेश पर पुलिस ने ‘निरहुआ’ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू कर दी है।

बहरहाल, ‘अभियान’ द्वारा ‘निरहुआ’ को सम्मानित करने के फैसले पर कई पत्रकारों सहित पत्रकार संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है… ‘चैंबर आफ फिल्म जर्नलिस्ट’ (सीएफजे) के सचिव धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने ‘निरहुआ’ को सम्मानित करने के ‘अभियान’ के निर्णय पर अफसोस जताया है ! श्री सिंह के मुताबिक, ‘यह बहुत ही अफसोसजनक है कि एक पत्रकार को गरियाने और उसकी बोटी-बोटी करने की धमकी देने वाले अभिनेता का सम्मान दूसरा पत्रकार कर रहा है… शायद इसलिए कि अब वह राजनेता बन गए हैं!’ जी हां, ‘अभियान’ के संस्थापक अमरजीत मिश्र हैं… कभी पत्रकार के रूप में पहचान रखने वाले श्री मिश्र अब महाराष्ट्र में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं!

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