सुधीर अवस्थी ‘परदेशी’-
हरदोई जिले के वरिष्ठ पत्रकार मनोज तिवारी की बेबाक बोल और निडर लेखनी के चलते जिले में अलग पहचान है। इन्होंने पत्रकारिता का सफर दो दशक पूर्व ब्लाक स्तरीय ग्रामीण पत्रकारिता से शुरू किया था। वे जनहित में सरकार के कानून कायदों के प्रतिपालन को लेकर समाचार प्रसारित करते हैं। जिले में कहीं भी कोई घटना हो ब्रेकिंग न्यूज से लेकर स्टोरी तक का कवरेज करते हैं।
रोज की तरह एक ऐसा ही समाचार संडीला क्षेत्र का प्रसारित हुआ जिसके बाद एक भाजपा नेता आग बबूला हो गए और उन्होंने वरिष्ठ पत्रकार मनोज तिवारी को रोककर सरेआम सिर्फ गाली गलौज ही नहीं किया बल्कि फर्जी मुकदमें में फंसाने और जान से मारने धमकी भी दे डाली।


सत्तासीन पार्टी भाजपा में अध्यक्ष ग्रामीण मंडल संडीला हर्षवर्धन मिश्रा के कुछ ऑडियो और वीडियो पत्रकार को मिले थे। इनमें भाजपा पार्टी सिद्धांतों के खिलाफ कई गैर कानूनी तथ्य सामने आए। खनन से जुड़े आडियो और वीडियो के आधार पर समाचार चैनल ग्रुप में समाचार प्रसारित हुए। पहले तो समाचारों को वापस लेने का दबाव बनाया। नाकाम होने पर साजिश कर रहे हैं।
पीड़ित पत्रकार ने भारतीय प्रेस परिषद को भेजे गए शिकायती पत्र में दर्शाया है कि वह अपने गांव से निकल रहा था इस दौरान गांव के बाहर हर्षवर्धन मिश्रा ने रास्ते में रोका। उनके साथ में उसका भाई शौर्यवर्धन मिश्रा, पिता संतोष मिश्रा, चाचा अनिल मिश्रा व सुधीर मिश्रा, गुड्डू समेत दो तीन अन्य लोग भी थे।
मुख्य आरोपित भाजपा पदाधिकारी हर्षवर्धन मिश्रा के पिता व चाचा पुलिस रिकार्ड में हिस्ट्रीशीटर हैं। दो अलग अलग हत्याओं में संतोष, अनिल और गुड्डू को सजाएं भी हो चुकी हैं। इन सभी ने गांव से भगा देने, फर्जी मुकदमे में फंसाने और जान से मार देने की धमकी दी है। पीड़ित पत्रकार का परिवार इस घटना से सहमा हुआ है और कभी भी किसी भी समय अनहोनी का भय बना हुआ है। इस पूरे प्रकरण की शिकायत स्थानीय पुलिस थाने से लेकर उच्चाधिकारियों तक की गई है।


