न्यूज़ इंडिया चैनल में प्रधान संपादक राणा यशवंत ने कई सारे लोगों को मैनेजमेंट के अप्रूवल के बिना भर्ती कर लिया। कंपनी के चेयरमैन शैलेंद्र शर्मा ने जब इन लोगों के कागजात चेक कराए तो फ़र्ज़ी पाये हुए। बिना इजाज़त भर्ती किए जाने को लेकर जब चेयरमैन ने प्रधान संपादक से सवाल किया तो वो कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। प्रबंधन ने बिना अप्रूवल भर्ती किए गए लोगों को सैलरी देने से इंकार कर दिया है।
इसी प्रकरण से संबंधित एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें प्रधान संपादक राणा यशवंत के सामने चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा यह कहते हुए दिख जा रहे हैं कि बिना अप्रूवल रिक्रूट किए गए लोगों की सैलरी राणा यशवंत जी ही देंगे।
इस घटना के बाद से न्यूज़ इंडिया में हड़कंप का माहौल है।
वैसे भी आजकल के रेवन्यू ओरिएंटेड दौर में बिना बिजनेस का इंतज़ाम किए सिर्फ़ कंटेंट परोसना और लगातार भर्ती करना उचित नहीं है क्योंकि इससे चैनल पर बोझ बढ़ेगा।
उल्लेखनीय है कि राणा यशवंत ने देश विदेश हर जगह भारी मात्रा में संपादकीय के लोगों की नियुक्ति की है लेकिन सेल्स मार्केटिंग रेवन्यू के मोर्चे पर सक्रियता शून्य है। ऐसे में प्रबंधन का अनावश्यक भीड़ भर लेने से भड़कना लाजिमी था।
एक नए चैनल को आर्थिक मोर्चे पर जमाए बिना सिर्फ संपादकीय सैलरी बजट बढ़ाते जाना अपने पैर पर कुल्हाड़ी मारने जैसा काम है जिसे करके राणा यशवंत ने अच्छा काम नहीं किया है।
इस बीच अभी अभी पता चला है कि राणा यशवंत ने न्यूज़ इंडिया चैनल से इस्तीफ़ा दे दिया है। पढ़ें उन्होंने एफबी पर क्या लिखा है-
कभी-कभी आप जीवन में ग़लत फ़ैसला ले लेते हैं. इसमें आपका दोष बस इतना होता है कि आप बार-बार किए जानेवाले निवेदन और दिए जानेवाले भरोसे के चलते वह फैसला कर लेते हैं. न्यूज़ इंडिया के साथ जुड़ने का निर्णय मेरी भयंकर भूल रही, यह मैं स्वीकार करता हूँ.
मैंने जीवन में अनुशासन और प्रतिभा का सम्मान किया और ऐसा करता रहूँगा. जिन लोगों को हायर किया, वे सभी इन्हीं शर्तों को पूरा करते हैं. उनके डॉक्यूमेंट्स को मनमाने तरीके से नहीं मानना और उनके योगदान को रद्द करना- उनके अनुभव, पेशेवर क्षमता और ईमानदारी को ख़ारिज करना है. मेरे होते हुए यह संभव नहीं हो सकता. रीढहीन लोगों को मैंने कभी पसंद नहीं किया. ऐसे में अपने सहयोगियों को उनके हवाले कैसे छोड़ सकता हूँ? जीवन में आपके सामने ऐसी स्थिति किसी युद्ध की तरह होती है. स्वाभिमानी और सक्षम पेशेवर की तरह सच के लिए खड़ा होना फ़र्ज़ बनता है और धर्म भी. मैं वही कर रहा हूँ.-राणा यशवंत
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Jasvinder Singh
February 26, 2026 at 10:40 pm
राजस्थान के कई जिलों में पिछले 6 महीनों से रिपोर्टर के पास माइक आईडी तक नहीं पहुंची ,pro लेटर और सैलरी की तो कोई बात ही नही हुई ….