
इंडिया टीवी की एंकर मीनाक्षी जोशी का एक सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने एक दस्तावेज़ के साथ दावा साझा किया, लेकिन यूजर्स ने उसमें दर्ज तारीख पर सवाल उठा दिए। इसके बाद मीनाक्षी जोशी ने अपना पोस्ट डिलीट कर दिया। घटना के बाद सोशल मीडिया पर पत्रकारिता में तथ्य जांच (फैक्ट-चेक) और जल्दबाजी में पोस्ट करने को लेकर बहस छिड़ गई है।
संदीप देव-
सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद भाजपा का IT cell सक्रिय हुआ। उसने दरबारी पत्रकारों और अपने ट्रोलरों को एक कथित मेडिकल रिपोर्ट Whatsapp किया, जिसके बारे में यह लिखा गया कि सोनम वांगचुक ने स्वयं से इसका कंसेंट दिया है, जिसके आधार पर उनकी मेडिकल जांच हो रही है।
It cell प्रमुख अमित मालवीय सहित सभी दरबारी पत्रकारों व ट्रोलरों ने इसे बिना सोचे-समझे एक जैसे कंटेंट को शेयर करना शुरू कर दिया।
सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी 18 जुलाई को तड़के हुई है और इस कथित मेडिकल रिपोर्ट पर 13 जुलाई लिखी है। कंसेंट की हेंडराइटिंग भी सोनम की नहीं बताई जा रही है।
जब सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे पकड़ लिया तो कई दरबारी पत्रकार इसे डिलिट करने लगे। ऐसी ही एक पत्रकार का डिलिट ट्वीट और अमित मालवीय का फर्जी मेडिकल वाला ट्वीट नीचे संलग्न है। देखिए और सोचिए कि यह कितनी बेशर्मी से झूठ बोलते हैं।
मीनाक्षी जोशी India tv में एंकरा हैं।
सुबह-सुबह कहानी बताने आ गईं लेकिन ये नहीं देखा कि जो पर्चा अटैच कर रही हैं।
उसमें तारीख 13 जुलाई लिखी है। जब कहा गया तो tweet डिलीट करके निकल गईं।
ये इतनी जल्दबाजी क्यों होती है? या जो भेज दिया गया, वही ठेल दिया!
-गोविंद प्रताप सिंह


विक्रम-
चाटुकार मीनाक्षी जोशी के साथ खेला हो गया है
सरकार की चाटुकारिकता करने के लिए इन पत्तलचाट महोदया ने ट्वीट करके बताया कि सोनम वांगचुक की तबीयत खराब थी इसलिए उनको हॉस्पिटल ले जाया गया है
अपनी बात सही करने के लिए उन्होंने साथ में एक मेडिकल रिपोर्ट भी शामिल की थी
लेकिन इस रिपोर्ट की तारीख 13/7 है
जबकि आज 18/7 तारीख है
जब हल्ला हुआ तो इन मैडम जी ने चुपके से अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है
सोचिए यह हाल है देश में प्रेस का।



