सुरेश चिपलुनकर-
भाजपा आईटी सेल के अमित मालवीय ने हमेशा की तरह अपनी गिरावट प्रदर्शित करते हुए इंदिरा गांधी और फिदेल कास्त्रो का वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त फैलाया.. हालांकि इसमें कुछ नया नहीं है, यह उसकी गंदी आदत और संस्कार में शामिल है.. लेकिन असली बात क्या है.. यह जानना जरूरी है..
1983 में दिल्ली विज्ञान भवन में गुट निरपेक्ष देशों (NAM) का सम्मेलन चल रहा था… सम्मेलन की अध्यक्षता तत्कालीन अध्यक्ष फिदेल कास्ट्रो के हाथों, नई अध्यक्ष इंदिरा गांधी को दी जानी थी, जैसा कि अक्सर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में होता है.. पूरा हॉल गुटनिरपेक्ष देशों से आए पत्रकारों, अतिथियों, नेताओं से भरा था, स्टेज पर गुट निरपेक्ष देशों के नेता थे..
अध्यक्षता का औपचारिक प्रतीक गेंवल (हथौड़ी) देने के साथ फिदेल कास्ट्रो ने कहा कि “मुझे अपनी बहन को NAM की अध्यक्षता सौंपकर गर्व हो रहा है”… ऐसा कहकर कास्त्रो ने अचानक इंदिरा गांधी को गले लगा लिया.. एकाएक गले लगाने से इंदिरा गांधी भी अचंभित हो गई थी.. (सनद रहे, कास्त्रो ने स्वयं आगे बढ़कर इंदिरा को गले लगाया था, ना कि इंदिरा गांधी,, मोदी की तरह लपककर जबरदस्ती खुद ही लिपट गई थी)
फिदेल कास्ट्रो विश्व के उन गिनेचुने कम्युनिस्ट नेताओं में से थे जो अमेरिका के राष्ट्रपति को भी दो कौड़ी का भाव नहीं देते थे.. लेकिन उन्होंने इंदिरा गांधी को “बहन” बोलकर सबको हैरान कर दिया था.. इंदिरा गांधी को फिदेल कास्ट्रो, बहन मानते थे और जिसको अंतरराष्ट्रीय मंच पर सार्वजनिक रूप से बोलते भी थे..
लेकिन आज अमित मालवीय और उसके हजारों बंधुआ मजदूर, इस पवित्र रिश्ते की खिल्ली उड़ा रहे हैं.. बेहद शर्मनाक..
प्रियांशु कुशवाहा-
निशिकांत दुबे दुम-दबा के मत भागना।
तू देश की संसद का सदस्य है। लेकिन देश के लिए शहीद हुई पूर्व प्रधानमंत्री को कामाग्नि बोल रहा है। ये बेहद घटिया लहज़ा है।
जिस तस्वीर की तू बात कर रहा है, ये यासीर अराफात और फिडेल कास्त्रो की है। यासीर अराफात ने इंदिरा को अपनी बहन बोला था और फिडेल कास्त्रो ने उसी मंच से बहन कहा, जिस मंच पर यह तस्वीर ली गई।
और सुन! तेरे 56 इंच वाले बंदर ने ही अंतर्राष्ट्रीय मंच पर “मेलोडी” शब्द का यूज किया था। दुनिया को इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाकर अपनी केमेस्ट्री दिखाई। मेलानी चॉकलेट दी। सस्ती मार्केटिंग की।
ये हल्का और फूहड़ काम कभी भी इंदिरा गांधी जी ने नहीं किया। इंदिरा गांधी दुनिया का भूगोल बदलना जानती थी। वर्ल्ड लीडर थी। तेरा 56 इंच का बंदर तो छपरी है।


