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सुख-दुख

हमलोग प्यार से पायल को ‘फूफी’ बुलाते थे, पर उसने हम सबको हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया!

Four friends take a group selfie outside a large red-stone building, smiling at the camera.

नई दिल्ली। CNN-News18 की असिस्टेंट एडिटर और वरिष्ठ पत्रकार पायल मेहता का रविवार तड़के मुंबई में निधन हो गया। वह 46 वर्ष की थीं। पायल उस समय मुंबई में थीं। शनिवार देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उनका निधन हो गया। उनकी मौत की सटीक चिकित्सकीय वजह अभी सामने नहीं आई है।

पायल मेहता के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने शोक जताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में पायल मेहता को मेहनती पत्रकार बताते हुए कहा कि वह जमीन से मजबूती से जुड़ी हुई थीं और राष्ट्रीय मुद्दों की गहरी समझ के साथ रिपोर्टिंग करती थीं। मोदी ने लोगों के साथ उनके व्यवहार में दिखाई देने वाली उनकी “दयालुता और गर्मजोशी” को भी याद किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद की रिपोर्टिंग के प्रति पायल की प्रतिबद्धता को याद किया। उन्होंने कहा कि संसद सत्र के दौरान पायल सुबह से देर रात तक संसद में मौजूद रहती थीं और कार्यवाही पर करीबी नजर रखती थीं। उन्होंने उन्हें बेहद मेहनती और समर्पित पत्रकार बताया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पायल मेहता को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें एक पेशेवर और गर्मजोशी भरे व्यक्तित्व वाली पत्रकार के तौर पर याद किया।

पायल मेहता ने पत्रकारिता में 15 साल से अधिक समय बिताया। उन्होंने 2008 में मुंबई से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने खेल पत्रकारिता की और बाद में राजनीतिक रिपोर्टिंग की ओर रुख किया।

अपने करियर के दौरान उन्होंने Focus TV, NewsX, Republic TV, Asian News International (ANI) और CNN-News18 में काम किया। CNN-News18 में वह संसद, केंद्र सरकार, राजनीतिक दलों और नीतिगत मामलों की रिपोर्टिंग करती थीं। बीजेपी और वरिष्ठ सरकारी नेताओं से जुड़े मामलों पर उनकी रिपोर्टिंग भी प्रमुख रही।

पायल मेहता के पत्रकारिता असाइनमेंट उन्हें दिल्ली के बाहर भी ले जाते रहे। उन्होंने चुनावों और विभिन्न राजनीतिक घटनाक्रमों की रिपोर्टिंग की।

निधन से कुछ दिन पहले तक वह पत्रकारिता में सक्रिय थीं। 15 सितंबर को उन्होंने भारत में फॉर्मूला वन की वापसी की संभावनाओं को लेकर केंद्र सरकार की ओर से गठित टास्क फोर्स की खबर रिपोर्ट की थी। इससे एक दिन पहले उन्होंने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कुछ मामलों को कानून प्रवर्तन एजेंसियों को रिपोर्ट करने पर मेटा की सहमति की खबर की थी। उन्होंने हाल में नई दिल्ली में होने वाले BRICS सम्मेलन की तैयारियों को भी कवर किया था।

सहकर्मियों ने पायल मेहता को लगातार खबरों के पीछे लगे रहने वाली पत्रकार और दिल्ली के राजनीतिक एवं संसदीय प्रेस कॉर्प्स में एक परिचित चेहरे के तौर पर याद किया।

करीब 18 महीने पहले उन्हें हल्का ब्रेन स्ट्रोक हुआ था, जिससे वह उबर गई थीं। हालांकि, फिलहाल ऐसी कोई चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे उस पुराने स्वास्थ्य संबंधी घटनाक्रम को उनके निधन से जोड़ा जा सके।


हम साथ होते थे तो झगड़ा होना लाजमी है। आनंद पांडे और पायल में कुछ ज्यादा ही दोस्ती थी तो सबसे ज्यादा झगड़ते भी थे। जब कुछ हो तो पांडे थोड़ी नाराजगी जाहिर करने के लिए पायल का फोन ब्लॉक कर दे। पायल कहती पांडे को फ़ोन लगाओ लगता है उसने मुझे फिर ब्लॉक कर दिया है। फिर ब्लैक कॉफी के साथ बात आई गई हो जाती। वो अक्सर पांडे, हिमांशु और मुझे किसी न किसी बात पर सुनाती रहती थी इस लिए हम लोग प्यार से पायल को “फूफी” बुलाते थे कि लेकिन आज पायल ने हम सबको ब्लॉक कर दिया। हमेशा के लिए।
हमारी बहन हमारी फूफी पायल हमें छोड़ कर चली गयी।
-अमित कुमार

मूल खबर…

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