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उत्तराखंड

उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य खुद की रक्षा नहीं कर पा रहीं तो प्रदेश की 60 लाख महिलाएं किसके भरोसे हैं?

South Asian woman at an event, wearing a pink cardigan and green patterned scarf, with a red tilak on her forehead, looking to the side.

गुणानंद जखमोला-

महिला सशक्तीकरण मंत्री ही बेबस, तो 60 लाख महिलाएं किसके भरोसे?

  • रेखा आर्य को मंत्री पद पर बने रहे का अधिकार नहीं
  • कुसुम कंडवाल, रुचि भट्ट और दीप्ति रावत क्या तोड़ेंगी चुप्पी?

प्रदेश में अजीब से हालात हैं। महिला सशक्तीकरण और बाल विकास मंत्री रेखा आर्य अपने पति गिरधारी लाल साहू के आगे इतनी बेबस हैं कि उसके अत्याचारों का विरोध ही नहीं कर पाती है। कल जो वीडियो वायरल हुआ, उसके बाद बताया जाता है कि रेखा आर्य को एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। बीपी बढ़ गया था, लेकिन क्या यह समझ से परे नहीं है कि एक मंत्री इतनी बेबस कैसे हो गयी कि वह एक दशक से भी अधिक समय तक पति के जुल्म सहती रही और इस बीच तीन बच्चे भी हो गये। क्या उसे यह पता करने में डेढ़ दशक लग गया कि साहू पहले से ही शादी शुदा है। जबकि बताया जाता है कि साहू का जो पोता है, वह रेखा आर्य के बच्चों की उम्र का है।

रेखा आर्य प्रदेश कैबिनेट मंत्री हैं और उन्हें महिला सशक्तीकरण जैसा प्रमुख मंत्रालय दिया है। ऐसे में जब वह अपने ही अधिकारों की रक्षा नहीं कर पा रही हैं तो प्रदेश की 60 लाख महिलाओं की रक्षा कैसे करेंगी। कैसे उन्हें सशक्त करेंगी? इस आधार पर उन्हें पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। वैसे भी साहू ने जब बिहार की लड़कियों को 25-25 हजार में लाने की बात की थी तो वो इस मामले में चुप्पी ओढ़े हुई थी। महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए कि अब रेखा आर्य की जान पर बन आई है। जब प्रदेश में यूसीसी लागू हुआ तो रेखा आर्य को सबसे पहले केस इस कानून के तहत साहू के खिलाफ दर्ज करवाना चाहिए था, लेकिन तब वह चुप रही।

रेखा आर्य जब इतनी बेबस हैं कि अपनी लड़ाई भी नहीं लड़ पा रही हैं तो उनसे प्रदेश की महिलाओं के हितों की रक्षा की उम्मीद करना बेमानी होगा। अंकिता भंडारी मामले में भी वो दुष्यंत गौतम के समर्थन में खड़ी हो गयी तो आज जब उन्हें प्रदेश की जनता की जरूरत है तो क्या जनता उनका साथ देगी? राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, भाजपा में नारी वंदन का गान गाने वाली रुचि भट्ट और दीप्ति रावत क्या रेखा आर्य के साथ खड़ी नजर आएंगी?

यह तय है कि गूंगी गुड़ियाएं चाबी भरने पर ही बोलती हैं।

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