एनडीटीवी में कार्यरत रहे वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी और पत्रकार यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह को कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान दिए जाने की खबर है। बता दें कि एनडीटीवी छोड़ने के बाद हृदयेश लगातार एनवायरमेंट जर्नलिज्म में सक्रिय हैं। इस पर आधारित उनके कई वीडियो आपको यूट्यूब पर मिल जाएंगे। इसके साथ ही वह लेखन भी कर रहे हैं। वहीं, श्याम मीरा सिंह अपने क्रांतिकारी किस्म के वीडियो और अंदाज के लिए चर्चित हैं।हाल ही में दिल्ली प्रदर्शन के दौरान 40 से अधिक पत्रकारों के साथ उन्हें भी डिटेन किया गया था। नीचे श्याम ने जो लिखा है पढ़िए….
श्याम मीरा सिंह-
लगभग एक महीने पहले गांधी पीस फाउंडेशन की तरफ़ से सूचना मिली कि मुझे 2025 वर्ष के लिए कुलदीप नैयर पत्रकारिता सम्मान दिया जा रहा है। जिसे पहले पत्रकार रवीश कुमार , अजीत अंजुम, आरफ़ा ख़ानम शेरवानी, निखिल वागले, उर्मिलेश जी को दिया जा चुका है।
मैंने शुरुआत में कहा कि मैं इस सम्मान का हकदार नहीं हूँ। इससे अधिक कहने कि हैसियत मेरी नहीं थी। आज गांधी पीस फाउंडेशन की तरफ़ से इस सम्मान का अनाउंसमेंट किया गया है। जिसे 2024 के लिए सीनियर पत्रकार- हृदयेश जोशी जी को और 2025 के लिए मुझे दिया गया।
मैं निजी तौर पर मानता हूँ कि मेरा काम अत्यधिक साधारण और इतना कमतर है कि वह ध्यान ना दिए जाने के योग्य है। मेरा काम- भगवान राम द्वारा बनाए जाने वाले रामसेतु में उस गिलहरी के काम जितना भर है, जिसके बस का अधिक कुछ नहीं था, सिवाय इतने के कि वह अपने छोटे से शरीर से कुछ मिट्टी चिपकाती और जाकर रामसेतु पर झाड़ देती।
मुझे एक भीगी भीगी सी लज्जा इस बात पर भी लग रही है कि इस सम्मान की कतार में मुझे वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी के साथ एक ही पंक्ति में खड़ा होना पड़ रहा है। जिनके काम और श्रम के आगे मेरी दूर दूर तक कोई हैसियत नहीं। अगर वे खड़े हों तो सिवाय सर झुकाकर खड़े रहने के मेरी हिम्मत ना पड़े।
फिर भी इस सम्मान की आयोजक समिति का दिल से धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने हौसला अफ़ज़ाई के लिए इस सम्मान से मेरे कंधों का भार बढ़ाया और मुझ साधारण आदमी के सम्मान में वृद्धि की। और उन सबका भी आभार जताना चाहता हूँ जिन्होंने मुझे यहाँ पहुँचाने में अपना अपना हाथ लगाया। आप सबका दिल से बहुत बहुत आभार।

